Close Menu
Shagun News India
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Tuesday, August 25
    Shagun News IndiaShagun News India
    Subscribe
    • होम
    • इंडिया
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • राजस्थान
    • खेल
    • मनोरंजन
    • ब्लॉग
    • साहित्य
    • पिक्चर गैलरी
    • करियर
    • बिजनेस
    • बचपन
    • वीडियो
    • NewsVoir
    Shagun News India
    Home»उत्तर प्रदेश

    उत्तर प्रदेश में स्मार्ट मीटर घोटाला: यूपी में मीटर की कीमतें आसमान पर, महाराष्ट्र में क्यों सस्ता?

    ShagunBy ShagunOctober 17, 2025 उत्तर प्रदेश No Comments3 Mins Read
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    बिना बिजली के दीपावली मनाना न केवल परेशानी का विषय है, बल्कि यह "उपभोक्ता उत्पीड़न": उपभोक्ता परिषद
    बिना बिजली के दीपावली मनाना न केवल परेशानी का विषय है, बल्कि यह "उपभोक्ता उत्पीड़न": उपभोक्ता परिषद
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Post Views: 891

    टेंडर में 8,500 करोड़ का खेल: CBI जांच की मांग, निजी कंपनियों को रियायत, उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ

    लखनऊ, 17 अक्टूबर 2025: उत्तर प्रदेश में स्मार्ट प्रीपेड मीटरों की स्थापना को लेकर विवाद ने तूल पकड़ लिया है। राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने आरोप लगाया है कि केंद्र सरकार की अनुमोदित 18,885 करोड़ रुपये की योजना को 27,342 करोड़ रुपये में बढ़ाकर निजी कंपनियों को टेंडर दे दिए गए, जिससे 8,500 करोड़ रुपये की अतिरिक्त लागत उपभोक्ताओं पर लाद दी जा रही है। परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने दावा किया कि बिना विद्युत नियामक आयोग (UPERC) की मंजूरी के सिंगल फेज मीटर के लिए 6,016 रुपये और थ्री फेज के लिए 11,342 रुपये वसूले जा रहे हैं, जबकि महाराष्ट्र जैसे राज्यों में ये कीमतें क्रमशः 2,610 और 4,050 रुपये हैं।

    यह विवाद तब और गहरा गया जब UPPCL ने नए कनेक्शनों के लिए स्मार्ट मीटरों को अनिवार्य कर दिया। 10 सितंबर के एक आदेश के बाद, 1.74 लाख नए आवेदनों में से 37,000 से अधिक लंबित हैं, क्योंकि लागत में छह गुना तक की बढ़ोतरी हो गई है। UPPCL के चेयरमैन अशीष गोयल का कहना है कि वास्तविक लागत 8,000 रुपये प्रति मीटर है, लेकिन परिषद इसे पुरानी 2019 की कॉस्ट डेटा बुक पर आधारित बताते हुए चुनौती दे रही है। एक 2023 के टेंडर में मध्यांचल विद्युत विपणन निगम ने इन्हें 3,510 रुपये प्रति यूनिट में खरीदा था, जो वर्तमान दरों से काफी कम है।

    परिषद ने निजी कंपनियों को 10% की बजाय 3% परफॉर्मेंस बैंक गारंटी देने की मंजूरी को भी अनियमित बताया। अगस्त 2023 में UPPCL के बोर्ड ने कंपनियों की “खराब आर्थिक स्थिति” का हवाला देकर यह छूट दी, लेकिन उपभोक्ताओं को कोई राहत नहीं मिली। इसके अलावा, मीटरों में तकनीकी खामियां सामने आई हैं जैसे पावर फैक्टर गलत रिकॉर्डिंग, RTC ड्रिफ्ट और गलत मल्टीप्लाइंग फैक्टर, जिन्हें ठीक करने के लिए UPPCL ने ठेकेदारों को नोटिस जारी किया है। पिछले साल 40 लाख मीटरों की कमियों को दूर करने का आदेश दिया गया था, लेकिन प्रगति धीमी है।

    राष्ट्रीय स्तर पर स्मार्ट मीटरिंग RDSS योजना के तहत 25 करोड़ मीटर लगाने का लक्ष्य 2025 तक है, लेकिन केवल 5% ही स्थापित हो पाए हैं। उत्तर प्रदेश में 2.73 करोड़ मीटर लगाने की योजना है, लेकिन उपभोक्ता परिषद का तर्क है कि प्रीपेड मीटरों को थोपना बिजली अधिनियम 2003 की धारा 47(5) का उल्लंघन है, जो पोस्टपेड का विकल्प देता है। ऊर्जा मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि मीटर बदलने का खर्च उपभोक्ताओं पर नहीं डाला जा सकता, फिर भी यूपी में ऐसा हो रहा है। महाराष्ट्र में MSEDCL ने 2.5 करोड़ मीटरों के लिए 26,921 करोड़ का टेंडर जारी किया, लेकिन वहां भी लागत वसूली पर सवाल उठे हैं ?हालांकि यूपी से सस्ते दामों पर।

    सोशल मीडिया और सड़कों पर विरोध बढ़ रहा है। बिहार, गुजरात और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में भी मीटरों के खिलाफ प्रदर्शन हुए हैं, जहां बिजली कटौती और अधिक बिलिंग की शिकायतें आम हैं।

    उपभोक्ता परिषद ने मांग की है: वसूली तुरंत बंद हो, 8,500 करोड़ की अतिरिक्त लागत की जांच हो, पहले वसूली गई राशि लौटाई जाए और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई हो। उन्होंने CBI जांच की मांग भी की है, ताकि टेंडर प्रक्रिया और निजी कंपनियों को मिली रियायतों का पर्दाफाश हो।

    फ़िलहाल UPPCL ने अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी। यह विवाद न केवल बिजली उपभोक्ताओं की जेब पर असर डाल रहा है, बल्कि पूरे सिस्टम की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर रहा है। क्या यह घोटाला साबित होगा, या योजना को सुधारकर आगे बढ़ाया जाएगा अगले कुछ हफ्तों में साफ हो सकता है।

     

    Shagun

    Keep Reading

    rampant sale of adulterated sweets in the market.

    त्योहार नजदीक, बाजार में नकली मिठाई का खुला खेल

    Ritual bathing of the deity at Lakshman Tila with Ganga water from Bithoor; organization remains steadfast despite police restrictions.

    लक्ष्मण टीला पर बिठूर के गंगाजल से जलाभिषेक, पुलिस रोक के बावजूद संगठन अडिग

    Slapped for not doing homework, 6-year-old child dies in the classroom.

    होमवर्क न करने पर थप्पड़, कक्षा में ही 6 साल के बच्चे की मौत

    Insistence on a mobile phone leads to family tragedy; three die after falling from a hill in Chhatrapati Sambhajinagar.

    मोबाइल की जिद में उजड़ा पूरा परिवार, छत्रपति संभाजीनगर की पहाड़ी से गिरकर तीन मौतें

    A spine-chilling, mysterious incident on the stairs in Ghaziabad: A person riding a cat or a black buffalo?

    गाजियाबाद में सीढ़ियों पर रोंगटे खड़े कर देने वाली रहस्यमयी घटना: बिल्ली या काले भैंसे पर सवार व्यक्ति?

    सिद्धांतों की बलिवेदी में सत्ता का बलिदान देने वाला जननायक

    Leave A Reply Cancel Reply

    Advertisment
    Google AD
    We Are Here –
    • Facebook
    • Twitter
    • YouTube
    • LinkedIn

    EMAIL SUBSCRIPTIONS

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    About



    ShagunNewsIndia.com is your all in one News website offering the latest happenings in UP.

    Editors: Upendra Rai & Neetu Singh

    Contact us: editshagun@gmail.com

    Facebook X (Twitter) LinkedIn WhatsApp
    Popular Posts
    rampant sale of adulterated sweets in the market.

    त्योहार नजदीक, बाजार में नकली मिठाई का खुला खेल

    August 22, 2026
    Ritual bathing of the deity at Lakshman Tila with Ganga water from Bithoor; organization remains steadfast despite police restrictions.

    लक्ष्मण टीला पर बिठूर के गंगाजल से जलाभिषेक, पुलिस रोक के बावजूद संगठन अडिग

    August 22, 2026

    कोरिया इंडस्ट्री एक्सपो (KoINDEX) 2026 का 27 अगस्त को यशोभूमि में होगा शुभारंभ

    August 22, 2026

    गलगोटियास विश्वविद्यालय ने Microsoft के सहयोग और byteXL द्वारा संचालित उद्योग-एकीकृत AI एवं ML डिग्री का शुभारंभ किया

    August 22, 2026
    Ayushmann Khurrana's visit to Jalna A message of child safety and a secure childhood.

    आयुष्मान खुराना की जालना यात्रा : बच्चों की सुरक्षा और सुरक्षित बचपन का संदेश

    August 21, 2026

    Subscribe Newsletter

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    Privacy Policy | About Us | Contact Us | Terms & Conditions | Disclaimer

    © 2026 ShagunNewsIndia.com | Designed & Developed by Krishna Maurya

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

    Newsletter
    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading