नयी दिल्ली, 12 सितम्बर : दिल्ली की एक अदालत ने महानगर की पुलिस को निर्देश दिया कि पांच सितारा होटल के उस कमरे की सील हटाई जाए, जहां कांग्रेस नेता शशि थरूर की पत्नी सुनंदा पुष्कर रहस्यमयी परिस्थितियों में 2014 में मृत पाई गई थीं।
मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट धर्मेन्द्र सिंह ने पुलिस से कहा कि 26 सितम्बर तक इस बारे में अनुपालन रिपोर्ट पेश करें। साथ ही पुलिस को कमरे से जांच के लिए जरूरी सामान ले जाने की अनुमति भी दे दी।
अदालत ने चार सितम्बर को पुलिस को सुनंदा की मौत की लचर जांच के लिए लताड लगाई थी। वह होटल प्रबंधन की याचिका पर सुनवाई कर रही थी जिसमें उस कमरे की सील हटाने की मांग की गई थी जहां उनकी मौत हुई थी।
अदालत ने कहा था, दिल्ली पुलिस के लचर रवैये के कारण शिकायतकर्ता (होटल) को काफी नुकसान झेलना पडा है। इसने कहा कि जांच के नाम पर होटल को काफी वित्तीय नुकसान हुआ है।
पुलिस ने जांच पूरी करने के लिए ज्यादा वक्त की मांग की थी और कहा था कि फोरेंसिक विशेषज्ञों ने हाल में इस कमरे का दौरा किया था और कई साक्ष्य जुटाए थे जिनकी रिपोर्ट की प्रतीक्षा की जा रही है। पुलिस ने कहा, जब तक रिपोर्ट में यह स्पष्ट रूप से नहीं कह दिया जाता कि :कमरे को बंद रखने की: और जरूरत नहीं है , तब तक इस कमरे को नहीं खोला जा सकता।
अदालत ने 21 जुलाई को चार हफ्ते के अंदर कमरे की सील हटाने का आदेश देते हुए कहा था कि पुलिस की लापरवाही के कारण होटल को परेशान नहीं किया जा सकता।
बहरहाल अदालत ने कहा था कि जांच एजेंसी इस विशाल कमरे की सील हटाने के बारे में अनुपालन रिपोर्ट दायर करने से पहले वहां का दौरा कर सकती है। इसने कहा कि होटल का कोई अपराध नहीं पाया गया।
दक्षिण दिल्ली के होटल के कमरे में सुनंदा 17 जनवरी 2014 को मृत पाई गई थीं। जांच के लिए कमरे को उसी रात सील कर दिया गया था।







