विश्व प्रसिद्ध गढ़वाली पर्यावरणवादी, पर्यावरणविद व चिपको आंदोलन के नेता सुंदरलाल बहुगुणा अब नहीं रहे। बता दें कि कोरोना संक्रमण की चपेट में आए 95 बहुगुणा का 9 मई से ऋषिकेश स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में उपचार चल रहा था। जहाँ श्री सुंदरलाल बहुगुणा ने ऋषिकेश के एम्स में आज शुक्रवार को उन्होंने आखिरी सांस ली। सीएम तीरथ सिंह रावत ने निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया।
बता दें कि विश्व प्रसिद्ध पर्यावरणविद् सुंदरलाल बहुगुणा पिछले कई सालों से हिमालय में वनों के संरक्षण के लिए लड़ रहे थे. वह पहले 1970 के दशक में चिपको आंदोलन के प्रमुख सदस्य में से एक थे. बाद में 1980 के दशक से शुरू होकर 2004 के शुरू में एंटी टिहरी डैम आंदोलन की अगुवाई भी की थी.
मालूम हो कि चिपको आंदोलन के नेता सुंदरलाल बहुगुणा ने तीन कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसानों को भी अपना समर्थन दिया था. गौरतलब है कि तीन कृषि कानूनों के खिलाफ 26 नवंबर से किसान राष्ट्रीय राजधानी की विभिन्न सीमाओं पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं.







