नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को दिल्ली के हौज खास डियर पार्क से हिरणों को राजस्थान स्थानांतरित किए जाने की प्रक्रिया को लेकर गंभीर चिंता जताई। सुप्रीम कोर्ट ने पूछा है कि क्या दिल्ली के हौज खास से हिरणों को राजस्थान ले जाने से पहले बेहोश किया गया था ? न्यायमूर्ति विक्रमनाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ को बताया गया है कि अब तक 261 हिरणों को पड़ोसी राज्य में स्थानांतरित किया जा चुका है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार पीठ ने कहा है कि हमें इस बात की चिंता है कि क्या हिरणों को ले जाने से पहले बेहोश किया गया था? शीर्ष अदालत ने एक पुराने मामले का हवाला दिया जिसमें वन अधिकारियों ने कहा था कि हिरण बेहोश करने की दवा को ठीक से ग्रहण नहीं करते। पीठ ने कहा, हिरणों को बेहोश करने की दवा देने से उनकी मृत्यु दर में भारी वृद्धि होती है। हिरण पार्क से हिरणों को स्थानांतरित करने संबंधी एक याचिका पर सुनवाई कर रही शीर्ष अदालत ने इस मामले में अपना आदेश सुरक्षित रख लिया।
पीठ ने केंद्रीय चिड़याघर प्राधिकरण की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी से हिरणों पर ट्रैक्विलाइजेशन के प्रभावों और इससे होने वाली मौतों के प्रतिशत का पता लगाने को कहा है। ऐश्वर्या भाटी ने कहा कि शीर्ष अदालत ने 16 मई को केंद्रीय चिड़याघर प्राधिकरण के अधिकारियों की एक टीम को उन स्थानों का तुरंत दौरा करने का निर्देश दिया था। जहां 261 हिरणों को स्थानांतरित किया गया था।







