अदब के शहर में मुस्तैद थे तमिलनाडु के टप्पेबाज

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कृष्णानगर पुलिस ने पांच को दबोचा, गैंग के कुछ सदस्य पहले हो चुके हैं गिरफ्तार, बाकी की तलाश, नगदी, नशीली गोलियां, मोबाइल, आॅयल व 10-10 कई नोट बरामद


लखनऊ 15 अक्टूबर। शायद आपको जानकारी होगी या फिर अखबारों में पढ़ा होगा कि 10 रुपए का नोट नीचे गिरे होने या फिर गाड़ी से तेल टपने की बात कहकर कार चालक को झांसे में लेने के बाद अंदर रखा सामान उड़ा दिया गया, ऐसी न जाने टप्पेबाजी की कितनी घटनाएं राजधानी में आम हो चुकी थीं। शनिवार को कृष्णानगर पुलिस के हत्थे पांच ऐसे टप्पेबाज आए तो ये बात और पुख्ता हो गयी कि टप्पेबाजी की ज्यादातर घटनाएं तमिलनाडु का गैंग ही करता है। फिलहाल पांच टप्पेबाज गिरफ्त में आए हैं। उनकी माने तो गैंग में बच्चों के अलावा महिलाएं भी हैं। जो होटल में ठहरकर दिन भर शहर में घूम-घूमकर ठगी की घटनाएं करते थे। अब गैंग के बाकी सदस्यों को तलाशा जा रहा है।

ऐसे गैंग की तलाश में जुटे प्रभारी निरीक्षक अंजनी कुमार पाण्डेय ने बताया कि पूर्व में उन्होंने तमिलनाडु के चित्रापल्ली में रहने वाले कई ऐसे लोगों को दबोचा था, पर गैंग के बाकी सदस्य नहीं मिले थे। उनकी वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर दरोगा दरोगा प्रभाशंकर सिंह, सौरभ तिवारी, भरत पाठक, सिपाही सुनील राय, प्रमोद पाण्डेय व अनीस कुमार तलाश में थे। शुक्रवार रात उनकी गिरफ्त में सरवन, विक्की, मलईवासन, राजकुमार साहू व किशोर आ गए। सभी को कोतवाली लाकर पूछताछ की तो उन्होंने बताया कि गैंग के सदस्य लखनऊ में आकर अलग-अलग थानाक्षेत्रों के होटलो में ठहरकर सुबह से शाम तक टप्पेबाजी करते थे। इस बात पर तब और मोहर लगी जब गिरफ्त में आए जालसाजों के पास आॅयल, 10-10 की नई नोट मिली। टप्पेबाजों के निशाने पर कृष्णानगर के अलावा मानकनगर, अमीनाबाद, महानगर, आलमबाग जैसे भीड़-भाड़ वाले इलाके रहते थे।

वजीरगंज में भी धरे गए जालसाज

प्रभारी पंकज सिंह ने बताया कि तीन दिन पहले बहराइच का रहने वाला रिक्शा चालक धनीराम बस अड्डे के पास ठगी का शिकार हुआ था। उससे दो लोगों ने ने दो हजार रुपए यह कहकर ऐंठ लिए थे कि कमाई गयी रकम घर लेकर क्यों जा रहे हो? हमारी खजाने वाली वैन, खुद पता बताओ, घर पहुंचा देगी। रकम लेने के बाद लिफाफे में रखते और फिर दूर खड़ी कोई गाड़ी दिखाकर वहीं आने की बात कहकर फुर्र हो जाते थे। ऐसे लोगों की तलाश जारी थी, तभी बस अड्डे के पास कानपुर नगर व कानपुर देहात के रहने वाले राजेन्द्र सोनी व राजू गिरफ्त में आ गए। उन्होंने रिक्शा चालक धनीराम से रकम ऐंठने की बात कबूल कर ली।

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