नई दिल्ली, 25 मार्च 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यसभा में कहा कि मौजूदा संकट ‘टीम इंडिया’ के लिए भी बहुत बड़ी परीक्षा है। इस चुनौती से सफलतापूर्वक निपटने के लिए उन्होंने सभी राज्य सरकारों से विशेष आग्रह किया।
संकट का सबसे बड़ा इम्तिहान
पीएम मोदी ने कहा, “मौजूदा संकट हमारे देश के लिए भी बहुत बड़ी परीक्षा है। इसमें सफलता के लिए सभी राज्यों के सहयोग की बेहद जरूरत है।” उन्होंने जोर देकर कहा कि इस समय गरीबों, मजदूरों और प्रवासी कामगारों पर संकट का सबसे ज्यादा असर पड़ रहा है।

राज्य सरकारों से सीधा आग्रह
प्रधानमंत्री ने स्पष्ट अपील की:
- पीएम गरीब कल्याण अन्न योजना का लाभ हर हाल में जारी रहे।
- प्रवासी मजदूरों की समस्याओं का तुरंत समाधान हो।
- काला बाजारी और जमाखोरी पर सख्त नजर रखी जाए।
- आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति बिना रुके चलती रहे।
उन्होंने कहा, “जहाँ भी शिकायत आए, वहाँ सख्त कार्रवाई हो। हर राज्य सरकार को इसकी जिम्मेदारी लेनी होगी।”
कोविड मॉडल दोहराने का आह्वान
पीएम मोदी ने याद दिलाया कि कोविड संकट में अलग-अलग पार्टियों की सरकारें ‘टीम इंडिया’ बनकर खड़ी हुई थीं। टेस्टिंग से लेकर वैक्सीनेशन और जरूरी सामान की सप्लाई तक सब कुछ टीम वर्क से हुआ।
“इसी भावना से आगे भी काम करना होगा। चाहे संकट कितना भी बड़ा हो, भारत की तेज रफ्तार विकास को बनाए रखना हम सबकी जिम्मेदारी है,” उन्होंने कहा।
संयम और धैर्य का संदेश
पीएम ने अंत में कहा, “यह अलग तरह का संकट है। इसे शांत दिमाग और धैर्य से लड़ना होगा। केंद्र और राज्य मिलकर इस वैश्विक संकट को प्रभावी ढंग से पार कर लेंगे।”
प्रधानमंत्री का यह संबोधन बजट सत्र के दौरान आया, जब देश पश्चिम एशिया संकट के चलते ऊर्जा और आवश्यक वस्तुओं की चुनौतियों का सामना कर रहा है।
टीम इंडिया तैयार है! अब देखना यह है कि राज्य सरकारें इस अपील पर कितना अमल करती हैं।







