आगरा में पुलिस की बर्बरता का नया मामला: 10वीं का छात्र करण थर्ड डिग्री का शिकार, हाथ टूटा तो बोर्ड परीक्षा पर संकट!
ताजनगरी आगरा के किरावली थाना क्षेत्र में एक बार फिर पुलिस की क्रूरता की खबर ने सबको हिलाकर रख दिया है। 16 साल के हाईस्कूल छात्र करण (नानपुर गांव निवासी) को मिढ़ाकुर चौकी पर इतनी बुरी तरह पीटा गया कि उसका हाथ टूट गया। अब वह चल रही बोर्ड परीक्षाएं देने की हालत में नहीं है।
मामला 18 फरवरी को दो किशोरों के बीच छोटी-मोटी कहासुनी से शुरू हुआ। 20 फरवरी को परीक्षा देकर घर लौटते ही करण को चौकी बुलाया गया। आरोप है कि वहां दो दारोगाओं (अनुराग और इशांत) ने उसे बांधकर डंडों और पट्टे से जमकर पिटाई की। जब उसके ताऊ पहुंचे, तो उनसे समझौते के नाम पर 10 हजार रुपये मांगे गए। पैसे न देने पर और पिटाई हुई। करण खुद वीडियो में दर्द बयां करते हुए कह रहा है, “मुझे इतना मारा कि हाथ सूज गया, काम नहीं कर रहा… अब परीक्षा कैसे दूं?”
पुलिस का पक्ष: आगरा पुलिस कमिश्नरेट ने सफाई दी कि दोनों पक्षों में समझौता हो गया था, लेकिन किशोर को हिरासत में रखना गलत था। जांच के बाद दो उप-निरीक्षकों को तुरंत सस्पेंड कर दिया गया। मेडिकल रिपोर्ट में कोई फ्रैक्चर नहीं बताया गया (हालांकि परिवार दावा कर रहा है कि हाथ टूटा है)। सहायक पुलिस आयुक्त अछनेरा जांच कर रहे हैं, और मौके का निरीक्षण भी हो चुका है।
सोशल मीडिया पर आक्रोश: लोग इसे “खाकी का खौफ” बता रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, “गुंडों से कम पुलिस से डर ज्यादा लगता है आजकल।” दूसरे ने कहा, “पुलिस ने नैतिकता खो दी, सख्त कार्रवाई हो।” कई लोग जेल भेजने और पुलिस सुधार की मांग कर रहे हैं।
यह घटना यूपी पुलिस की छवि पर फिर सवाल खड़े कर रही है। क्या करण को पूरा न्याय मिलेगा? क्या उसकी परीक्षा बच पाएगी? जांच के नतीजे का इंतजार है, लेकिन जनता की नजरें टिकी हैं – क्या इस बार जिम्मेदारों पर सख्त एक्शन होगा यह जाँच के बाद ही सामने आ पायेगा?







