Close Menu
Shagun News India
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Wednesday, June 3
    Shagun News IndiaShagun News India
    Subscribe
    • होम
    • इंडिया
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • राजस्थान
    • खेल
    • मनोरंजन
    • ब्लॉग
    • साहित्य
    • पिक्चर गैलरी
    • करियर
    • बिजनेस
    • बचपन
    • वीडियो
    • NewsVoir
    Shagun News India
    Home»Featured

    जंगली भेड़िये और धूर्त हाथी

    ShagunBy ShagunJuly 29, 2020 Featured No Comments3 Mins Read
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Post Views: 726

    ब्रह्मारण्य नामक एक वन था। उसमें कर्पूरतिलक नाम का एक बलशाली हाथी रहता था। देह में और शक्ति में सबसे बड़ा होने से वन में उसका बहुत रौब था। उसे देख सारे बाकी पशु प्राणी उससे दूर ही रहते थे।

    जब भी कर्पूरतिलक भूखा होता तो अपनी सूंड से पेड़ की टहनी आराम से तोड़ता और पत्ते मजे में खा लेता। तालाब के पास जा कर पानी पीता और पानी में बैठा रहता। एक तरह से वह उस वन का राजा ही था। कहे बिना सब पर उसका रौब था। वैसे ना वह किसी को परेशान करता था ना किसी के काम में दखल देता था फिर भी कुछ जानवर उससे जलते थे।

    जंगल के भेड़ियों को यह बात अच्छी नहीं लगती थी। उन सब ने मिलकर सोचा, ‘किसी तरह इस हाथी को सबक सिखाना चाहिये और इसे अपने रास्ते से हटा देना चाहिये। उसका इतना बड़ा शरीर है, उसे मार कर उसका मांस भी हम काफी दिनों तक खा सकते हैं। लेकिन इतने बड़े हाथी को मारना कोई बच्चों का खेल नहीं। किसमें है यह हिम्मत जो इस हाथी को मार सके?’ उनमें से एक भेड़िया अपनी गर्दन ऊंची करके कहने लगा, ‘उससे लड़ाई करके तो मैं, उसे नहीं मार सकता लेकिन मेरी बुद्धिमत्ता से मैं उसे जरूर मारने में कामयाब हो सकता हूँ।’ जब यह बात बाकी भेड़ियों ने सुनी तो सब खुश हो गये। और सबने उसे अपनी करामत दिखाने की इजाजत दे दी।

    चतुर भेड़िया हाथी कर्पूरतिलक के पास गया और उसे प्रणाम किया। ‘प्रणाम! आपकी कृपा हम पर सदा बनाए रखिये।’ कर्पूरतिलक ने पूछा, ‘कौन हो भाई तुम? कहाँ से आये हो? मैं तो तुम्हें नहीं जानता। मेरे पास किस काम से आये हो?’ ‘महाराज! मैं एक भेड़िया हूँ। मुझे जंगल के सारे प्राणियों ने आपके पास भेजा है। जंगल का राजा ही सबकी देखभाल करता है, उसी से जंगल की शान होती है। लेकिन अफसोस की बात यह है कि अपने जंगल में कोई राजा ही नहीं। हम सब ने मिलकर सोचा कि आप जैसे बलवान को ही जंगल का राजा बनाना चाहिये। इसलिये राज्याभिषेक का मुहुर्त हमने निकाला है। यदि आपको कोई आपत्ति नहीं हो तो आप मेरे साथ चल सकते हैं और हमारे जंगल के राजा बन सकते हैं।’

    ऐसी राजा बनने की बात सुनकर किसे खुशी नहीं होगी? कर्पूरतिलक भी खुश हो गया। अभी थोड़ी देर पहले तो मैं कुछ भी नहीं था और एकदम राजा बन जाऊँगा यह सोचकर उसने तुरन्त हामी भर दी। दोनों चल पड़े। भेड़िया कहने लगा, ‘मुहुर्त का समय नजदीक आ रहा है, जरा जल्दी चलना होगा हमें।’भेड़िया जोर-जोर से भागने लगा और उसके पीछे कर्पूरतिलक भी जैसे बन पड़े, भागने की कोशिश में लगा रहा। बीच में एक तालाब आया। उस तालाब में ऊपर ऊपर तो पानी दिखता था। लेकिन नीचे काफी दलदल था। भेड़िया छोटा होने के कारण कूद कर तालाब को पार कर गया।

    और पीछे मुड़कर देखने लगा कि कर्पूरतिलक कहाँ तक पहुंचा है। कर्पूरतिलक अपना भारी शरीर लेकर जैसे ही तालाब में जाने लगा तो दलदल में फंसता ही चला गया। निकल न पाने के कारण में वह भेड़िये को आवाज़ लगा रहा था, ‘अरे! दोस्त, मुझे जरा मदद करोगे? मैं इस दलदल से निकल नहीं पा रहा हूँ।’

    लेकिन भेड़िये का जवाब तो अलग ही आया, ‘अरे! मूर्ख हाथी, मुझ जैसे भेड़िये पर तुमने यकीन तो किया लेकिन अब भुगतो और अपनी मौत की घड़ियाँ गिनते रहो, मैं तो चला!’ यह कहकर भेड़िया खुशी से अपने साथियों को यह खुशखबरी देने के लिये दौड़ पड़ा। बेचारा कर्पूरतिलक! इसीलिये कहा गया है कि एकदम से किसी पर यकीन ना करने में ही भलाई होती है। – पंचतंत्र से साभार 

    Shagun

    Keep Reading

    In Uttar Pradesh's Scorching Heat, AC Water Becomes a Boon! Instead of Discarding It, Here's How to Use It

    उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी में AC का पानी बना वरदान! फेंकने की बजाय ऐसे करें इस्तेमाल

    Sour Burps and Food Regurgitating into the Mouth—Is It Just Acidity, or Could It Lead to Cancer?

    खट्टी डकारें और मुंह में वापस आता खाना- क्या ये सिर्फ एसिडिटी है या कैंसर तक ले जा सकती है?

    The Himalayas Chose Her: The Russian Girl Who Never Returned

    हिमालय ने चुना: रूसी लड़की जो कभी लौटी ही नहीं

    तंबाकू की पत्तियाँ घोंसले में क्यों रखता है बाज पक्षी? प्रकृति का अनोखा इंसेक्टिसाइड!

    This remarkable figure single-handedly dug 16 ponds and planted over 2,000 banyan trees.

    प्रकृति प्रेमी इस महान शख्सियत ने अकेले खोदे 16 तालाब, लगाए 2000 से ज्यादा बरगद के पेड़

    7 Amazing Benefits of Eating Water Chestnuts – From Anemia to Diabetes

    सिंघरी खाने के 7 अद्भुत फायदे – एनीमिया से डायबिटीज तक

    Add A Comment
    Leave A Reply Cancel Reply

    Advertisment
    Google AD
    We Are Here –
    • Facebook
    • Twitter
    • YouTube
    • LinkedIn

    EMAIL SUBSCRIPTIONS

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    About



    ShagunNewsIndia.com is your all in one News website offering the latest happenings in UP.

    Editors: Upendra Rai & Neetu Singh

    Contact us: editshagun@gmail.com

    Facebook X (Twitter) LinkedIn WhatsApp
    Popular Posts
    US Takes Tough Action in Hormuz: 118 Ships Repelled, 5 Disabled

    होर्मुज में अमेरिका का सख्त एक्शन: 118 जहाज खदेड़े, 5 को किया पंगु

    June 3, 2026
    An Exemplar of Tolerance: The Unique Encounter Between Saint Dadu and the Daroga

    सहनशीलता की मिसाल: संत और दरोगा की अनोखी मुलाकात

    June 3, 2026
    Lesser-Known Pilgrimage Sites Now on the Tourism Map! UP Government's New Mission

    अल्पज्ञात तीर्थ अब पर्यटन मानचित्र पर! UP सरकार का नया मिशन

    June 2, 2026
    The True Essence of Devotion: A Scripturally Prescribed 'Bada Mangal' Bhandara at Shri Shakti Dham Ashram

    भक्ति का सच्चा स्वरूप: श्री शक्ति धाम आश्रम में शास्त्रोक्त ‘बड़ा मंगल’ भंडारा

    June 2, 2026
    A New Chapter in Mumbai Women's Cricket as Thane Skyrisers Begin Their Journey in Style Thane Skyrisers Make a Strong Start in the W20 League

    ठाणे स्काईराइजर्स का धमाकेदार एंट्री! महिला क्रिकेट में नया तूफान

    June 2, 2026

    Subscribe Newsletter

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    Privacy Policy | About Us | Contact Us | Terms & Conditions | Disclaimer

    © 2026 ShagunNewsIndia.com | Designed & Developed by Krishna Maurya

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

    Newsletter
    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading