सिराज ने विराट कोहली से कहा ”मुझ पर विश्वास करने के लिए थैंक्यू भैया”
कल का दिन बेहद ऐतिहासिक था भारत में ओवल में खेले गए पांच पर और आखिरी टेस्ट में 6 रन से जीत हासिल की जो हमेशा प्रशंसकों के जेहन में रहेगी।भारत में 374 रन का लक्ष्य रखा था जवाब में इंग्लैंड की टीम ने 367 रन पर सिमट गई इंग्लैंड को पांचवें दिन जीत के लिए 35 रन की जरूरत थी और भारत के चार विकेट चाहिए थी सिराज नेतीन विकेट लिए जबकि प्रसिद्ध कृष्ण ने एक विकेट लिया सिराज ने पारी में 5 विकेट लिए जबकि प्रसिद्ध कृष्ण को चार विकेट मिले और इस जीत के हीरो रहे तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज, जिन्होंने अपनी शानदार गेंदबाजी से इंग्लैंड की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। इस मौके पर सिराज ने कहा मुझे खुद पर विश्वास था इसलिए मैं कर पाया।
मैच का रोमांच और निर्णायक पल
पांचवां दिन बेहद रोमांचक था। इंग्लैंड को 374 रनों के लक्ष्य का पीछा करना था, और चौथे दिन का खेल खत्म होने तक वे 339/6 पर थे। जो रूट और हैरी ब्रूक की शतकीय पारियों ने इंग्लैंड को जीत की दहलीज पर ला खड़ा किया था। अंतिम दिन इंग्लैंड को 35 रनों की जरूरत थी, जबकि भारत को चार विकेट चाहिए थे। यहीं से सिराज ने कमान संभाली और अपनी गेंदबाजी से मैच का रुख पलट दिया।
यह वह पल था जब सिराज ने अपने करियर की सबसे यादगार गेंदबाजी की। सिराज ने सुबह के पहले सत्र में जेमी स्मिथ (2) को आउट कर भारत को पहली सफलता दिलाई। इसके बाद, जेमी ओवरटन (9) को lbw आउट कर इंग्लैंड को बैकफुट पर धकेल दिया। प्रसिद्ध कृष्णा ने जोश टंग को क्लीन बोल्ड कर भारत की उम्मीदों को और मजबूत किया। आखिरी झटका सिराज ने दिया, जब उन्होंने गस एटकिंसन (17) को एक शानदार यॉर्कर पर बोल्ड कर इंग्लैंड की पारी को 367 रनों पर समेट दिया। भारत ने यह मैच 6 रनों से जीत लिया, जो उनकी टेस्ट इतिहास की सबसे कम रन मार्जिन की जीत थी। सिराज ने इस पारी में 5/104 के आंकड़े दर्ज किए, जबकि प्रसिद्ध कृष्णा ने 4/126 विकेट लिए।
सिराज का जज्बा और विश्वास
मैच के बाद सिराज ने अपनी भावनाओं को साझा करते हुए कहा, “मैं बस यही सोच रहा था कि मुझे सही जगह पर गेंदबाजी करनी है। मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं हैरी ब्रूक का कैच छोड़कर बाउंड्री लाइन पर कदम रख दूंगा। वह मैच बदलने वाला पल था, लेकिन मुझे हमेशा खुद पर भरोसा था कि मैं टीम के लिए कुछ कर सकता हूं।” सिराज का यह बयान उनकी मानसिक मजबूती और आत्मविश्वास को दर्शाता है। चौथे दिन ब्रूक का कैच छोड़ने के बाद वह निराश थे, लेकिन पांचवें दिन उन्होंने अपने प्रदर्शन से उस गलती को सुधार लिया। सिराज ने इस सीरीज में कुल 23 विकेट लिए, जो किसी भी गेंदबाज द्वारा सबसे ज्यादा थे। उन्होंने सभी पांच टेस्ट खेले और हर बार अपनी गेंदबाजी से भारत को मुश्किल परिस्थितियों से निकाला। उनकी इस उपलब्धि की तारीफ करते हुए विराट कोहली ने सोशल मीडिया पर लिखा, “सिराज ने मैदान पर जो जज्बा और समर्पण दिखाया, वह काबिल-ए-तारीफ है।”
टीम इंडिया की एकजुटता
यह जीत केवल सिराज की ही नहीं, बल्कि पूरी भारतीय टीम की मेहनत का नतीजा थी। कप्तान शुभमन गिल ने इस जीत को “युवा टीम की बंदूक वाली मानसिकता” का प्रतीक बताया। गिल ने कहा, “हमने सीरीज की शुरुआत में तय किया था कि हम खुद को युवा टीम के रूप में नहीं देखेंगे। हमने हर सत्र में पूरी ताकत झोंकी, और आज का दिन उसका सबूत है।”
प्रसिद्ध कृष्णा और आकाश दीप ने भी इस जीत में अहम भूमिका निभाई। जहां कृष्णा ने चार विकेट लिए, वहीं आकाश दीप ने एक विकेट लेकर इंग्लैंड के मध्य क्रम को तोड़ा। केएल राहुल ने स्काई स्पोर्ट्स से बात करते हुए कहा, “यह ड्रॉ भले ही दिखता हो, लेकिन भारतीय टेस्ट क्रिकेट के भविष्य के लिए यह जीत बहुत मायने रखती है।”
एक यादगार सीरीज
एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी 2025 अपने रोमांच और प्रतिस्पर्धा के लिए हमेशा याद की जाएगी। यह सीरीज न केवल बल्लेबाजों और गेंदबाजों के बीच कांटे की टक्कर के लिए जानी जाएगी, बल्कि उन पलों के लिए भी, जिन्होंने टेस्ट क्रिकेट की खूबसूरती को फिर से जीवंत किया। सिराज की आखिरी यॉर्कर, गिल की कप्तानी, और भारतीय टीम का जुझारूपन इस सीरीज को क्रिकेट प्रेमियों के दिलों में हमेशा के लिए अमर कर देगा।
सिराज ने न केवल इंग्लैंड के जबड़े से जीत छीनी, बल्कि यह भी दिखाया कि विश्वास और मेहनत के दम पर कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है। यह जीत भारतीय क्रिकेट के लिए एक नया अध्याय है, जो भविष्य में और भी कई जीत की कहानियां लिखेगा।







