महाराष्ट्र में पहली बार एक साथ 64 दीक्षाएँ : 700+ संतों का मंगल प्रवेश, भक्ति-वैराग्य से गूंजा आध्यात्म नगरी का पहला दिन
मुंबई (बोरीवली): मायानगरी अब आध्यात्म की नगरी बन गई है! जैन परंपरा में महाराष्ट्र का सबसे बड़ा और ऐतिहासिक क्षण – ‘संयम रंग उत्सव’ ने 4 फरवरी को धमाकेदार शुरुआत की। बोरीवली वेस्ट के चीकुवाड़ी इलाके में बनी विशाल आध्यात्म नगरी (2.5 लाख वर्ग फुट) में सुबह 7 बजे 700 से ज्यादा साधु-साध्वियों का भव्य मंगल प्रवेश हुआ, जो देखते ही बनता था – त्याग और तप का जीवंत चित्र!
इस 5 दिवसीय महोत्सव (4 से 8 फरवरी 2026) का क्लाइमैक्स 8 फरवरी को होगा, जब 18 पुरुष और 46 महिला यानी कुल 64 दीक्षार्थी (9 से 72 वर्ष तक की उम्र) एक ही मंडप में सामूहिक जैन दीक्षा ग्रहण करेंगे – महाराष्ट्र में ऐसा पहली बार!

पहले दिन का जादू:
- 64 दीक्षार्थियों के परिवारों के साथ भावुक मंगल प्रवेश
- राजेशभाई शाह (अमेरिका) द्वारा आध्यात्म नगरी का उद्घाटन और दान
- जैन शासन की प्रेरणादायक प्रदर्शनी और ‘जैन शासन शौर्यगाथा’ का शुभारंभ – हर घंटे हजारों श्रद्धालु जैन इतिहास के गौरव से रूबरू
- दोपहर में दीक्षा उपकरणों की छाब सजाई, केसरिया तिलक और मेंहदी रस्म का उल्लास
संध्या भक्ति और रात्रि में 64 मुमुक्षुओं की भावपूर्ण वंदोली – पूरा माहौल संयम, श्रद्धा और आत्मिक आनंद से भर गया
यह उत्सव सिर्फ दीक्षा नहीं, बल्कि जीवन के सच्चे रंग वैराग्य और त्याग को सेलिब्रेट कर रहा है। योगतिलकसूरीजी महाराज के मार्गदर्शन में यह आयोजन जैन समाज के लिए नया अध्याय लिख रहा है।मुंबई अब कह रही है, सांसारिक रंग फीके, संयम का रंग सबसे गहरा!






