ऑफलाइन बिजली दफ्तर में बिलिंग व अन्य समस्याओं से संबंधित लाखों शिकायतें
लखनऊ, 04 जनवरी: प्रदेश की बिजली कंपनियों में जहां बिलिंग संबंधी शिकायतें पूरे उत्तर प्रदेश में बडे पैमाने पर आती है जिसका निस्तारण समय पर न किए जाने से उपभोक्ता परेशान हैं। वही इस मामले पर उपभोक्ता परिषद ने कहा कि प्रदेश की बिजली कंपनियों में जहां ऑफलाइन बिजली दफ्तर में बिलिंग व अन्य समस्याओं से संबंधित लाखों शिकायतें उपभोक्ताओं द्वारा की जाती है।
परिषद ने कहना है कि प्रदेश की बिजली कंपनियों ने 1 जुलाई 2022 में पावर कॉरपोरेशन की वेबसाइट पर ऑनलाइन बिल संशोधन संबंधी शिकायत दर्ज करने की व्यवस्था शुरू की, तब से लेकर दिसंबर 2023 तक प्रदेश में सभी बिजली कंपनियां से कुल लगभग 65818 बिलिंग संबंधी शिकायतें उपभोक्ताओं द्वारा ऑनलाइन पावर कॉरपोरेशन की वेबसाइट पर दर्ज कराई गई, जिसमें से केवल 34734 यानि कि लगभग 52 प्रतिशत शिकायतों का निस्तारण ही किया गया और आज भी 31084 विद्युत उपभोक्ताओं की बिलिंग संबंधी शिकायत बिजली कंपनियों के दफ्तरों में विचाराधीन हैं। जो यह सिद्ध करता है कि प्रदेश के विद्युत उपभोक्ताओं की शिकायतों पर बिजली कंपनियां गंभीर नहीं है जो बहुत ही चौंकाने वाला है जहां विद्युत नियामक आयोग द्वारा समय से बिलिंग संबंधी शिकायत को ना दूर करने पर रुपया 50 प्रतिदिन के हिसाब से मुआवजा भी है लेकिन बिजली कंपनियां मुआवजा क्या देगी? वह तो उपभोक्ताओं की समस्याएं ही नहीं सुन रहा है जिस पर पावर कार्पोरेशन प्रबंधन को गंभीरता से बिजली कंपनियों के खिलाफ सख्त कदम उठाना होगा।
डिस्काम टोटल बिलिंग शिकायत निस्तारण लंबित
पूर्वांचल 20652 9365 11287
मध्यांचल 22174 11897 10277
दक्षिणांचल 8091 2703 5388
पक्षिमांचल 14901 10769 4132
टोटल 65818 34734 31084
उपभोक्ताओं को मुआवजा मिलना चाहिए: अवधेश कुमार वर्मा
उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष व राज्य सलाहकार समिति के सदस्य अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि इन शिकायतों में लगभग 2225 शिकायतें 1 साल से ज्यादा हो जाने के बाद भी उनका निस्तारण नहीं किया गया और वह लंबित है जो अपने आप में गंभीर मामला है। उन्होंने कहा कि 3800 शिकायतें ऐसी है जो 180 से 365 दिवस से लंबित है। उन्होंने कहा कि बिलिंग संबंधी शिकायतों को 7 दिन में विद्युत वितरण संहिता के तहत दूर किया जाना चाहिए और ऐसा न होने पर उपभोक्ताओं को मुआवजा मिलना चाहिए।







