Close Menu
Shagun News India
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Saturday, July 18
    Shagun News IndiaShagun News India
    Subscribe
    • होम
    • इंडिया
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • राजस्थान
    • खेल
    • मनोरंजन
    • ब्लॉग
    • साहित्य
    • पिक्चर गैलरी
    • करियर
    • बिजनेस
    • बचपन
    • वीडियो
    • NewsVoir
    Shagun News India
    Home»ब्लॉग»Hot issue

    असल मुद्दों से भटक गए हैं

    By June 17, 2017Updated:June 17, 2017 Hot issue No Comments5 Mins Read
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Post Views: 629

    भूषन शाक्य

    किसी देश के विकास का पैमाना उसकी अर्थव्यवस्था को माना जाता है। अमेरिका, चीन जैसे देश कई दशकों से इसके सशक्त उदाहरण रहे हैं। बीते कुछ वर्षों में अपने देश ने भी विश्व पटल पर अर्थव्यवस्था के मामले में अपनी छाप छोड़ी है। राजनीतिक हालात की बात करें तो देश की केन्द्रीय सत्ता में कांग्रेस के कार्यकाल के दौरान लोगों में काफी मायूसी का माहौल रहा। इसी का नतीजा रहा कि देश की जनता ने भारतीय जनता पार्टी को अपना प्रबल समर्थन देकर देश की सत्ता सौंप दी। हालांकि कांग्रेस से मायूसी से ज्यादा भाजपा में लोगों को एक नई उम्मीद दिखाई दी। भाजपा ने जनता को विश्वास दिलाया कि उसकी सरकार देश को एक रास्ते पर ले जाएगी जहां न तो भ्रष्टाचार होगा और न ही गुण्डाराज। एक सुशासन की कल्पना का ऐसा जाल बुना गया कि जनता उसके सम्मोहन से बच न सकी। लेकिन आज भाजपा शासित केन्द्र सरकार के तीन साल बाद देश में जो हालात पैदा हो रहे हैं, वह निराश करने वाले हैं।
    अविश्वसनीय रूप से आज देश ऐसे रास्ते पर बढ़ता दिखाई दे रहा है, जहां की तस्वीर उज्जवल भविष्य की तस्दीक नहीं करती। देश की जनता को मूल मुद्दों की जगह गैरजरूरी बातों में उलझाया जा रहा है।

    बेरोजगारी में बढ़ोतरी
    चुनाव से पहले युवाओं को बेरोजगारी मिटाने के जो स्वप्न दिखाई गए थे, उसकी स्थिति बिलकुल उलट नजर आ रही है। सरकार ने जहां जनता को दो करोड़ नई नौकरियां उपलब्ध कराने का वादा किया था, उसके विपरीत नई नौकरियों में कई गुना कटौती सामने आई। अप्रत्याशित रूप से देश में बेरोजगारी बढ़ गई। इतना ही नहीं बीते तीन साल में देश की जीडीपी भी धराशाई हो गई। आंकड़ों की बात करें तो इस वर्ष विश्वबैंक ने भारत से विकासशील देश होने का तमगा भी छीन लिया। आश्चर्यजनक रूप से अब हम जांबिया और घाना जैसे देशों के समकक्ष खड़े हो गए हैं।

    अहिंसा की पूरे विश्व मे हो रही चर्चा
    वो देश जो अपनी गंगा जमुनी तहजीब और अहिंसा के पालक के रूप में विश्व की चर्चा का विषय रहा, आज वही अपनी साम्प्रदायिक हिंसा के रूप में जाना जा रहा है। देश में खासकर हिन्दू और अल्पसंख्यकों के बीच जो खाई पैदा हुई वो आजादी के बाद से अपने चरम पर पहुंच गई। कभी अपने भाईचारे के लिए पहचाने जाने वाली यह कौम आज अलग-थलग पड़ चुकी हैं। देश में ऐसे हालात बनाए जा रहे हैं जो इन दोनों के बीच नफरत को गहरा कर रहे हैं। मंदिर-मस्जिद के नाम पर लोगों का विभाजन हो रहा है। दुर्भाग्य से देश का प्रधानमंत्री स्वयं श्मशान और कब्रिस्तान की राजनीति पर उतर आया है। एक जानवर की कीमत इंसान की जिंदगी से ज्यादा हो गई है। सैकड़ों की भीड़ कब किसे मौत के घाट उतार दे इसका कोई भरोसा नहीं रह गया। यह बात समझने वाली है कि भीड़ में शामिल ऐसे लोग कौन हैं, जो इस तरह की वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। आखिर इनके हौसले क्यों बढ़ रहे हैं? देश के इतिहास में शायद यह पहली बार हो रहा है जब किसी पार्टी को 404 उम्मीदवार में से एक भी काबिल उम्मीदवार नहीं मिलता।
    जिन मुद्दों से भटक गई सरकार
    केन्द्र सरकार के पिछले तीन साल के रिकार्ड में भारत ने विश्व में भले ही तमाम उपलब्धियां भी दर्ज कराई हों, लेकिन आंकड़े स्पष्ट बयान करते हैं कि सरकार अपने वास्तविक मुद्दों से भटक गई है। महंगाई काबू में करने के दावे के साथ सत्ता संभालने वाली सरकार के राज्य में स्थिति विपरीत नजर आती है। खाद्य पदार्थों से लेकर पेट्रोलियम उत्पादों तक सभी जगह महंगाई की साफ झलक है। अंतराष्ट्रीय बाजार में पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में भारी गिरावट के बावजूद आम जनता को राहत नहीं मिल रही। तमाम तरह के टैक्स जनता की जेब काट रहे हैं। कृषि और स्वच्छता शुल्क के नाम पर एक प्रतिशत टैक्स वसूला जा रहा है। वहीं डिजिटल इंडिया का ख्वाब दिखाने वाली सरकार एक ओर जहां ऑनलाइन ट्रांजैक्शन करने की नसीहत दे रही है वहीं ऑनलाइन बैंकिंग में लगाए जाने वाले तरह-तरह के टैक्स लोगों की कमर तोड़ रहे हैं। यहां तक की एक जून से कई बैंकों ने ऑनलाइन ट्रांजैक्शन पर शुल्क काटना भी शुरू कर दिया है।
    गैरवाजिब मुद्दों में जनता को फंसाया
    सरकार ने चुनाव से पहले वादे तो तमाम किए थे, लेकिन सत्ता में आने के बाद उन्हें पूरा करने के बजाय जनता को गैरजरूरी मुद्दों में उलझाया जाने लगा। कभी उन्हें गौमांस के मुद्दे पर भड़काया गया तो कभी मंदिर-मस्जिद मुद्दे पर। बेरोजगारी को दूर करने के प्रयासों को करने के बजाय जनता के बीच धार्मिक भेदभाव पैदा करने के प्रयास किए जाने लगे। गौरक्षा, बीफ, गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करना, मंदिर निर्माण जैसे मुद्दों को उठाकर जनता का ध्यान भटकाने की कोशिश की गई। सरकार को चाहिए था कि वह इतने व्यापक स्तर पर मिले जनसमर्थन के बदल उन्हें सहूलियत दे, न कि गैरवाजिब मुद्दों पर उन्हें भटकाया जाए।

    Keep Reading

    Crocodile terror in Bahraich: 12-year-old Sunil dragged alive into the Ghaghara River; uncle's brave rescue attempt proves futile.

    बहराइच में मगरमच्छ का कहर: 12 वर्षीय सुनील को घाघरा नदी किनारे जिंदा खींच ले गया, चाचा का बहादुर प्रयास व्यर्थ

    भूजल सप्ताह में लखनऊ में जागरूकता का अनोखा मेला: व्याख्यान, प्रदर्शनी और वृक्षारोपण

    Uttarakhand's folk festival 'Harela' celebrated with vibrant enthusiasm in Kalyanpur.

    कल्याणपुर में रंग-बिरंगे उत्साह के साथ मनाया उत्तराखण्ड का लोकपर्व हरेला

    सोनम वांगचूक का डटकर ऐलान : 20 जुलाई तक ज़िंदा रहूँगा, संसद मार्च सफल न हुआ तो भूत बनकर लौटूँगा!

    सोनम वांगचूक का डटकर ऐलान : 20 जुलाई तक ज़िंदा रहूँगा, संसद मार्च सफल न हुआ तो भूत बनकर लौटूँगा!

    A new tale of betrayal in love! A vow to die together—but the boy jumped while the girlfriend fled.

    प्यार में धोखे का नया किस्सा! साथ मरने की कसम, लड़का कूदा और प्रेमिका भागी

    Black magic in a Karnataka courtroom! Mustard seeds scattered on a chair; woman arrested.

    कर्नाटक में कोर्ट रूम में काला जादू! कुर्सी पर बिखेरे सरसों के दाने , महिला गिरफ्तार

    Comments are closed.

    Advertisment
    Google AD
    We Are Here –
    • Facebook
    • Twitter
    • YouTube
    • LinkedIn

    EMAIL SUBSCRIPTIONS

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    About



    ShagunNewsIndia.com is your all in one News website offering the latest happenings in UP.

    Editors: Upendra Rai & Neetu Singh

    Contact us: editshagun@gmail.com

    Facebook X (Twitter) LinkedIn WhatsApp
    Popular Posts
    Crocodile terror in Bahraich: 12-year-old Sunil dragged alive into the Ghaghara River; uncle's brave rescue attempt proves futile.

    बहराइच में मगरमच्छ का कहर: 12 वर्षीय सुनील को घाघरा नदी किनारे जिंदा खींच ले गया, चाचा का बहादुर प्रयास व्यर्थ

    July 17, 2026

    भूजल सप्ताह में लखनऊ में जागरूकता का अनोखा मेला: व्याख्यान, प्रदर्शनी और वृक्षारोपण

    July 17, 2026
    Uttarakhand's folk festival 'Harela' celebrated with vibrant enthusiasm in Kalyanpur.

    कल्याणपुर में रंग-बिरंगे उत्साह के साथ मनाया उत्तराखण्ड का लोकपर्व हरेला

    July 17, 2026
    सोनम वांगचूक का डटकर ऐलान : 20 जुलाई तक ज़िंदा रहूँगा, संसद मार्च सफल न हुआ तो भूत बनकर लौटूँगा!

    सोनम वांगचूक का डटकर ऐलान : 20 जुलाई तक ज़िंदा रहूँगा, संसद मार्च सफल न हुआ तो भूत बनकर लौटूँगा!

    July 17, 2026

    अब उच्चतम न्याय की आस में शिक्षा का एक मंदिर

    July 17, 2026

    Subscribe Newsletter

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    Privacy Policy | About Us | Contact Us | Terms & Conditions | Disclaimer

    © 2026 ShagunNewsIndia.com | Designed & Developed by Krishna Maurya

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

    Newsletter
    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading