वायरल वीडियो में युवक ने साझा किया ठगी का अनुभव, सोशल मीडिया पर उठे सवाल
जैसलमेर (राजस्थान): राजस्थान के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल जैसलमेर में पर्यटकों के साथ हो रही धोखाधड़ी और अनुचित बर्ताव की शिकायतें बढ़ती जा रही हैं। एक हालिया वीडियो में, एक युवक ने अपना दुखद अनुभव साझा किया, जिसमें बताया गया कि कैसे उसे और उसके दोस्त को स्थानीय लोगों ने ठगा। यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, और इससे जैसलमेर के पर्यटन उद्योग पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
वीडियो में, सूरत, गुजरात से आए भूमि कटारिया नाम के युवक ने बताया कि उन्हें रेलवे स्टेशन से 200-300 रुपये में कमरा दिलाने का वादा किया गया, लेकिन बाद में 4500 रुपये प्रति रात की मांग की गई। उन्हें स्विस टेंट में ठहराने का वादा किया गया, लेकिन उन्हें एक साधारण होटल में रखा गया। जीप सफारी और ऊंट सफारी के दौरान भी धोखाधड़ी हुई, जहां 12 लोगों को 6-7 की क्षमता वाली जीप में ठूंस दिया गया, जिससे वे कुछ भी देख नहीं सके। रात में उन्हें गर्म कमरे में रखा गया, जहां बुनियादी सुविधाएं भी नहीं थीं, और खाना भी उनके अपेक्षाओं के अनुसार नहीं था।

इस वीडियो के बाद सोशल मीडिया पर जैसलमेर के इन फ्रॉड लोगों को चेतावनी दी जा रही है कि अगर वे नहीं सुधरे, तो पर्यटक यहां आने से कतराएंगे, जैसा कि गोवा में हो रहा है। एक यूजर ने लिखा, ” मेहमान नवाजी करने वालों सुधर जाओ…. वरना तरस जाओगे सैलानियों के लिए… कुछ ज़्यादा ही घमंड हो गया है तो गोआ वालों से पूछ लो एक बार…. गोआ में तो फिर भी बेहतरीन बीच हैं दिखाने को… तुम्हारे पास कोरी रेत के अलावा है ही क्या…”मुकेश सिंह नाम के एक अन्य यूजर ने बताया कि जैसलमेर में प्रवेश करते ही पर्यटकों को ठगने की कोशिश की जाती है, जहां 500 रुपये के कमरे में 600 रुपये की सुविधाएं बताई जाती हैं, और बाद में ”हिडेन चार्जेज” छुपे शुल्क जोड़कर 5000 रुपये का बिल थमा दिया जाता है। उन्होंने कहा कि यह समस्या लंबे समय से जारी है, और अगर ऐसे ही चला, तो पर्यटकों की संख्या घट जाएगी। वीडियो देखने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें –
https://x.com/i/status/1985648651474202837
चंदन नाम के एक यूजर ने सुझाव दिया कि स्थानीय लोगों को आगे आना चाहिए और प्रशासन तथा पर्यटकों का सहयोग करना चाहिए। उन्होंने कहा, “एक बार आप फ्रॉड करके लूट सकते हैं लेकिन वो दुसरी बार नहीं आयेगा और ना ही अपने दोस्तों रिश्तेदारों को आने देगा। “यह समस्या केवल जैसलमेर तक सीमित नहीं है। कई अन्य पर्यटन स्थलों, जैसे गोवा, में भी ऐसी ही शिकायतें आम हैं। सोशल मीडिया पर ऐसे वीडियो और अनुभव साझा होने से पर्यटकों की रुचि घट रही है, क्योंकि वे डरते हैं कि उन्हें ठगा जा सकता है।
प्रशासन को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए और फर्जी होटलों, टेंट ऑपरेटर्स, और ठगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करनी चाहिए। स्थानीय लोगों को समझना चाहिए कि दीर्घकालिक लाभ के लिए पर्यटकों का विश्वास जीतना जरूरी है। सोशल मीडिया पर सकारात्मक अनुभव साझा करने और पर्यटकों को सही जानकारी देने के लिए अभियान चलाए जा सकते हैं।
बता दें कि जैसलमेर का पर्यटन उद्योग, जो रेत के टीलों और सांस्कृतिक विरासत के लिए जाना जाता है, अगर नहीं सुधरा, तो वह जल्द ही पर्यटकों की कमी से जूझेगा। स्थानीय लोगों, प्रशासन, और पर्यटकों के बीच सहयोग से ही इस समस्या का समाधान निकाला जा सकता है।






