भुज, गुजरात, 16 मई : देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को गुजरात के भुज एयर फोर्स स्टेशन पर भारतीय वायुसेना के जवानों को संबोधित करते हुए पाकिस्तान को कड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ अभी खत्म नहीं हुआ है और जो कुछ हुआ, वह सिर्फ एक ट्रेलर था। सही समय आने पर भारत पूरी ताकत के साथ दुनिया को अपनी सामरिक शक्ति का प्रदर्शन करेगा।
ऑपरेशन सिंदूर: आतंकवाद के खिलाफ भारत की निर्णायक कार्रवाई
रक्षा मंत्री ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर, जिसे 7 मई 2025 को शुरू किया गया, आतंकवाद के खिलाफ भारत की अब तक की सबसे बड़ी सैन्य कार्रवाई है। इस ऑपरेशन में भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में 24 सटीक हमले कर नौ आतंकी ठिकानों को पूरी तरह तबाह कर दिया। इस कार्रवाई में 100 से अधिक आतंकवादी मारे गए, जिनमें कई हाई-प्रोफाइल आतंकी शामिल थे।
सिंह ने भारतीय वायुसेना की सटीकता और गति की सराहना करते हुए कहा, “हमारी वायुसेना ने न केवल सीमा पार आतंकी ढांचे को ध्वस्त किया, बल्कि रावलपिंडी तक अपनी धमक पहुंचाई, जहां पाकिस्तानी सेना का मुख्यालय है।” उन्होंने विशेष रूप से ब्रह्मोस मिसाइल की ताकत का जिक्र किया, जिसने पाकिस्तान को ‘रात के अंधेरे में दिन का उजाला’ दिखाया।

पाकिस्तान को चेतावनी: सुधर जाओ, वरना सजा मिलेगी
रक्षा मंत्री ने पाकिस्तान को साफ शब्दों में चेतावनी दी कि भारत ने उसे ‘प्रोबेशन’ पर रखा है। यदि वह अपनी हरकतों से बाज नहीं आया, तो उसे और कड़ी सजा का सामना करना पड़ेगा। सिंह ने कहा, “पाकिस्तान फिर से उस आतंकी ढांचे को खड़ा करने की कोशिश कर रहा है, जिसे हमने ऑपरेशन सिंदूर में नष्ट किया था। लेकिन हमारी सेनाएं हर कदम पर नजर रख रही हैं।”
‘नया भारत’ और आत्मनिर्भरता की गूंज
सिंह ने ऑपरेशन सिंदूर को भारत की राजनीतिक, सामाजिक और सामरिक इच्छाशक्ति का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि यह ऑपरेशन न केवल सैन्य कार्रवाई थी, बल्कि ‘आत्मनिर्भर भारत’ की ताकत का प्रदर्शन भी था। इस दौरान स्वदेशी हथियारों, विशेष रूप से ब्रह्मोस मिसाइल और अन्य भारतीय रक्षा प्रौद्योगिकियों का उपयोग हुआ, जिसने दुनिया को भारत की तकनीकी क्षमता दिखाई।
पहलगाम हमले का जवाब और वैश्विक समर्थन
ऑपरेशन सिंदूर को 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले का जवाब माना जा रहा है, जिसमें 26 नागरिक मारे गए थे। रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत ने इस हमले का जवाब अपनी ‘राइट टू रिस्पॉन्ड’ नीति के तहत दिया। इस ऑपरेशन को अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भी व्यापक समर्थन मिला है, क्योंकि यह आतंकवाद के खिलाफ एक सटीक और जिम्मेदार कार्रवाई थी।
सैनिकों का हौसला बढ़ाया

भुज में वायुसेना के जवानों से बातचीत में सिंह ने उनकी बहादुरी और समर्पण की तारीफ की। उन्होंने कहा, “आपने नाश्ते के समय में दुश्मनों को निपटा दिया। आपकी वीरता ने हर भारतीय का सिर गर्व से ऊंचा किया है।” इस दौरान जवानों ने जोरदार तालियों के साथ रक्षा मंत्री का स्वागत किया।
भारत भविष्य में और सख्त कदम उठाने को तैयार है
रक्षा मंत्री के इस बयान ने साफ कर दिया है कि भारत आतंकवाद के खिलाफ अपनी जीरो-टॉलरेंस नीति पर अडिग है। ऑपरेशन सिंदूर को ‘ट्रेलर’ बताकर उन्होंने संकेत दिया है कि भारत भविष्य में और सख्त कदम उठाने को तैयार है। विश्लेषकों का मानना है कि यह बयान न केवल पाकिस्तान के लिए, बल्कि वैश्विक मंच पर भारत की मजबूत स्थिति को दर्शाता है।
बता दें कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का यह बयान भारत की सैन्य ताकत, आतंकवाद के खिलाफ दृढ़ संकल्प और वैश्विक मंच पर बढ़ते प्रभाव का प्रतीक है। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने न केवल आतंकियों को सबक सिखाया, बल्कि दुनिया को दिखाया कि नया भारत किसी भी चुनौती का जवाब देने में सक्षम है। अब सभी की नजरें इस ‘पूरी पिक्चर’ पर टिकी हैं, जिसका इंतजार सही समय पर खत्म होगा।






