Close Menu
Shagun News India
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Sunday, April 12
    Shagun News IndiaShagun News India
    Subscribe
    • होम
    • इंडिया
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • राजस्थान
    • खेल
    • मनोरंजन
    • ब्लॉग
    • साहित्य
    • पिक्चर गैलरी
    • करियर
    • बिजनेस
    • बचपन
    • वीडियो
    • NewsVoir
    Shagun News India
    Home»ब्लॉग»Current Issues

    ट्रंप और नेतन्याहू का त्वरित जीत का सपना टूटा, युद्ध खिंचता जा रहा और वैश्विक अर्थव्यवस्था चरमरा रही

    ShagunBy ShagunMarch 9, 2026 Current Issues No Comments4 Mins Read
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Trump and Netanyahu's dream of a quick victory is shattered, the war drags on and the global economy is faltering.
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Post Views: 592
    • क्या फंस गए हैं ट्रंप और नेतन्याहू ईरान के जाल में?
    • पश्चिम एशिया का खिंचता युद्ध : तेहरान की रणनीति कामयाब?

    पश्चिम एशिया में अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर शुरू किया गया युद्ध अब अपने दूसरे सप्ताह में प्रवेश कर चुका है, लेकिन रुकने का नाम नहीं ले रहा। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इसे ‘त्वरित और निर्णायक’ अभियान बताकर शुरू किया था, मगर अब सवाल उठ रहा है: क्या ये दोनों नेता ईरान की लंबी, थकाऊ रणनीति के जाल में फंस चुके हैं? विशेषज्ञों की मानें तो तेहरान की सैन्य रणनीति पारंपरिक जीत पर नहीं, बल्कि दुश्मनों को महंगे और लंबे संघर्ष में उलझाने पर टिकी है। जैसे-जैसे युद्ध खिंच रहा है, वैश्विक अर्थव्यवस्था डगमगा रही है, और ट्रंप-नेतन्याहू की ‘जीत की बातें’ खोखली साबित हो रही हैं।

    युद्ध की शुरुआत 28 फरवरी को हुई, जब अमेरिका और इजरायल ने तेहरान पर हमले किए और ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनी को मार गिराया। ट्रंप ने इसे ‘अमेरिकी सुरक्षा के लिए जरूरी’ बताया, जबकि नेतन्याहू ने 40 साल पुराने सपने की पूर्ति कहा। लेकिन अब, 9 मार्च तक, युद्ध 10वें दिन में है। इजरायल ने नए हमलों की लहर शुरू की है, जिसमें रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स के एयर फोर्स हेडक्वार्टर्स और मिसाइल प्रोडक्शन साइट्स को नष्ट किया गया।
    ईरान ने जवाब में इजरायल के उत्तरी हिस्सों पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए, साथ ही गल्फ स्टेट्स जैसे UAE, सऊदी अरब और कुवैत पर ड्रोन अटैक्स। खामेनी के बेटे मोज्ताबा को नया सुप्रीम लीडर बनाया गया है, जिसे ट्रंप ने ‘अस्वीकार्य’ बताया, लेकिन इजरायल ने चेतावनी दी कि हर उत्तराधिकारी को निशाना बनाएंगे।

    Trump and Netanyahu's dream of a quick victory is shattered, the war drags on and the global economy is faltering.
    ट्रंप और नेतन्याहू का त्वरित जीत का सपना टूटा, युद्ध खिंचता जा रहा और वैश्विक अर्थव्यवस्था चरमरा रही

    ट्रंप ने दावा किया था कि युद्ध ‘4-5 हफ्तों’ में खत्म हो सकता है, लेकिन अब वे कह रहे हैं कि अंत का फैसला नेतन्याहू के साथ ‘म्यूचुअल’ होगा।
    यह बयान दर्शाता है कि अमेरिका अब इजरायल की रणनीति पर निर्भर हो चुका है। विशेषज्ञ आमिर अजीमी जैसे विश्लेषक कहते हैं कि ईरान ने पिछले दशक में अपनी रणनीति तैयार की थी सीधे टकराव से बचते हुए, प्रॉक्सी हमलों और लंबे संघर्ष से दुश्मनों को थकाना।

    ईरान का मकसद नहीं जीतना, बल्कि अमेरिका-इजरायल को आर्थिक और राजनीतिक रूप से महंगा बनाना है। परिणामस्वरूप, स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज बंद होने से ऑयल प्राइस 100 डॉलर से ऊपर पहुंच गया, स्टॉक्स प्लंज कर रहे हैं—S&P 500 में 1.3% गिरावट, और ग्लोबल इकोनॉमी डगमगा रही है।
    भारत, चीन, जापान, रूस जैसे देश बुरी तरह प्रभावित हैं, जबकि अमेरिका को कम नुकसान हो रहा है ट्रंप की ‘अमेरिका फर्स्ट’ नीति का एक और उदाहरण।

    ट्रंप की जिद ने न सिर्फ ईरान को उकसाया, बल्कि तटस्थ देशों को भी नुकसान पहुंचाया। X पर यूजर्स कह रहे हैं कि नेतन्याहू ने ट्रंप को ‘ट्रैप’ किया है, ताकि इजरायल अपने लक्ष्य हासिल कर सके। अमेरिका में सैनिक मौतें बढ़ रही हैं (सातवीं मौत की खबर), और घरेलू राजनीति में विरोध बढ़ रहा है। अगर युद्ध लंबा चला, तो ट्रंप की राजनीतिक छवि को झटका लग सकता है जैसा कि विशेषज्ञ कहते हैं, ‘ट्रंप ईरान को तोड़ सकते हैं, लेकिन ठीक करने का कोई प्लान नहीं।’

    निष्कर्ष में, ट्रंप और नेतन्याहू की ‘जीत’ की बातें अभी हवा में हैं। ईरान की सहनशक्ति और रणनीतिक गहराई उन्हें फंसा सकती है एक लंबे, महंगे दलदल में। वैश्विक अर्थव्यवस्था पहले ही तहस-नहस हो रही है, और अगर कूटनीति नहीं लौटी, तो यह युद्ध पूरे क्षेत्र को नए द्वेष और असुरक्षा की ओर धकेल देगा। क्या ये नेता समय रहते निकल पाएंगे, या इतिहास उन्हें ‘मिशन क्रीप’ का शिकार मानेगा? समय बताएगा, लेकिन फिलहाल, ईरान की रणनीति ऊपर लग रही है।

    Shagun

    Keep Reading

    Mathura: Boat capsizes in Yamuna; 10 pilgrims from Punjab dead, 5 still missing.

    वृंदावन यमुना नाव हादसा: लापरवाही की एक और कीमत

    नेपाल नवजागरण की खुशबू फैल रही दूर देशों में!

    अंतिम छोर तक स्वास्थ्य: होम्योपैथी का समावेशी मॉडल

    Bihar's 'Water Man': In a solitary battle spanning 30 years, he carved through a mountain to dig a 3-kilometer canal... Laungi Bhuiyan—the true successor to Dashrath Manjhi!

    बिहार का जलपुरुष: 30 साल की अकेली जंग में पहाड़ चीरकर 3 किमी नहर खोद डाली… लौंगी भुइयां, दशरथ मांझी का सच्चा वारिस!

    Balen Shah’s ‘Education Revolution’ Reign: Politics Removed, Education Saved in Nepal—Why is India Applauding?

    बालेन शाह का ‘एजुकेशन क्रांति’ राज: नेपाल में राजनीति हटाई, शिक्षा बचाई, भारत क्यों ताली बजा रहा है?

    The 'Big Bull's' Final Lesson: To truly understand life, one must visit three specific places?

    बिग बुल की अंतिम सीख : जीवन को सही से समझना हो तो तीन जगह जाना चाहिए ?

    Add A Comment
    Leave A Reply Cancel Reply

    Advertisment
    Google AD
    We Are Here –
    • Facebook
    • Twitter
    • YouTube
    • LinkedIn

    EMAIL SUBSCRIPTIONS

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    About



    ShagunNewsIndia.com is your all in one News website offering the latest happenings in UP.

    Editors: Upendra Rai & Neetu Singh

    Contact us: editshagun@gmail.com

    Facebook X (Twitter) LinkedIn WhatsApp
    Popular Posts
    Mathura: Boat capsizes in Yamuna; 10 pilgrims from Punjab dead, 5 still missing.

    वृंदावन यमुना नाव हादसा: लापरवाही की एक और कीमत

    April 11, 2026
    Nature's unparalleled treasure trove in the Govardhana Forest Range of the Valmiki Tiger Reserve.

    वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के गोवर्धना फॉरेस्ट रेंज में प्रकृति का अनुपम खजाना

    April 11, 2026
    Rajnath Singh inaugurated several development projects in Lucknow, including the Lakshman Mandapam, which was constructed at a cost of ₹13 crore.

    राजनाथ सिंह ने लखनऊ में 13 करोड़ की लागत से बने लक्ष्मण मण्डपम् सहित कई विकास परियोजनाओं का लोकार्पण किया

    April 11, 2026
    Mathura: Boat capsizes in Yamuna; 10 pilgrims from Punjab dead, 5 still missing.

    मथुरा: यमुना में नाव पलटी, पंजाब के 10 श्रद्धालुओं की मौत; 5 अभी लापता

    April 11, 2026
    Mahatma Jyotirao Phule: India's Divine Guiding Light

    महात्मा ज्योतिराव फुले: भारत के दिव्य पथ-प्रदर्शक

    April 11, 2026

    Subscribe Newsletter

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    Privacy Policy | About Us | Contact Us | Terms & Conditions | Disclaimer

    © 2026 ShagunNewsIndia.com | Designed & Developed by Krishna Maurya

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

    Newsletter
    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading