‘मजदूर दिवस’ के मौके पर क्या कहना है सोनी सब के कलाकारों का- इस बेहद महत्वपूर्ण दिन का हम सभी को सम्मान करना चाहिए
वर्कर्स का योगदान सराहनीय है: देव जोशी
‘मजदूर दिवस’ वाकई बहुत महत्वपूर्ण होता है और इस दिन पूरी इंडस्ट्री छुट्टी लेती है और उन लोगों का सम्मान करने का उत्सव मनाती है, जिनके प्रयासों से पूरी एंटरटेनमेन्ट इंडस्ट्री है और चल रही है। हमें इस बात का अहसास नहीं होता कि इन लोगों पर हमारी जिंदगी कितनी निर्भर करती है, उनका योगदान सराहनीय है। सेट पर भी स्पॉट दादा, मेक-अप दादा, लाइट दादा और सारे लोग मेरे लिये परिवार की तरह हैं। ये लोग भारत के अलग-अलग हिस्सों से आते हैं और मुझे हमेशा ही उनसे अलग-अलग भाषा और बोली सीखने में मजा आता है।
उन्होंने कहा कि एक कलाकार के तौर पर मुझे ऐसा लगता है कि हमें उन्हें मान देना चाहिये क्योंकि हम उनकी लगन को करीब से देखते हैं और हमें उनकी मदद करनी चाहिये, खासकर ऐसे मुश्किल समय में। मैं चाहता हूं कभी ऐसा हो कि ‘मजदूर दिवस’ के दिन मैं उन सबको एक मजेदार ट्रिप पर लेकर जाऊं और उनकी कड़ी मेहनत के लिये उन्हें शुक्रिया कहूं। साथ ही इस बात का ध्यान रखूं कि उन्हें जरूरी ब्रेक भी मिले। (देव जोशी, सोनी सब के ‘बालवीर रिटर्न्स में बालवीर की भूमिका निभा रहे हैं)
मैंने वर्कर्स को मुस्कान के साथ हमेशा भारी सामान उठाये घूमते देखा है: आदित्य रणविजय
मेरे पिता एक आर्मी ऑफिसर थे और मेरी मां एक कॉलेज में प्रिंसिपल थीं और पेरेंट्स के वर्किंग होने की वजह से मैं कई सारे हाऊस-हेल्प की देखरेख में बड़ा हुआ। हमारे घर पर हमारी रोजमर्रा की जरूरतों के लिये कुक रहे हैं। सही मायने में मैं उनके साथ खेलकर बड़ा हुआ हूं। मेरे नाना-नानी के यहां तो एक दर्जन से भी ज्यादा लोग थे जोकि खेतों में मदद करते थे। मैंने उन्हें कड़ी मेहनत करते हुए और हमारे जीवन में उनकी अहमियत को देखा है । एंटरटेनमेन्ट इंडस्ट्री में काफी सारे लोग हैं जिन पर काफी सारा काम निर्भर करता है। ये लोग कैमरे के पीछे लगातार उन लोगों की मदद करते हैं और उनका सपोर्ट करते हैं जोकि परदे पर नज़र आते हैं। मैंने लाइटिंग डिपार्टमेंट के वर्कर्स को मुस्कान के साथ हमेशा भारी सामान उठाये घूमते देखा है। मेरे ख्याल से ये लोग हमारी इंडस्ट्री की रीढ़ हैं और कोई भी शो उनकी मदद और लगन के बिना पूरा नहीं हो सकता। ‘मजदूर दिवस’ के मौके पर मैं उन लोगों को शुक्रिया कहना चाहता हूं, जिन्होंने अपने प्रयासों से जिंदगी आसान बना दी है। मैं हर भारतीय से यह विनती करना चाहूंगा कि हमारी जिंदगी में उनके योगदान के महत्व को समझें। – (सोनी सब के ‘बालवीर रिटर्न्से’ में भयमार की भूमिका निभा रहे हैं)
हम सभी थोड़ी ‘खुशियों वाली फीलिंग’ लाने की कोशिश करेंगे : गुलफाम खान
मुझे ऐसा लगता है कि ये कामगार हमारे समाज का आधार हैं, चाहे वो हाऊस हेल्प हों, क्लीनिंग स्टाफ हों, कुक हों, सेट पर स्पॉट बॉय या फिर कंस्ट्रक्शन साइट और फैक्ट्रियों में काम करने वाले। लेकिन, बदकिस्मती से उन्हें ही सबसे कम श्रेय दिया जाता है। ‘मजदूर दिवस’ के मौके पर मैं सबसे गुजारिश करती हूं कि उनके काम की सराहना करें, क्योंकि इससे निश्चित तौर पर उनके चेहरे पर मुस्कुराहट आयेगी। किसी भी शो/फिल्म के सेट पर स्पॉट बॉय, मेक-अप आर्टिस्ट, लाइट मैन जैसे लोग शूटिंग को आसान बनाने में बेहद ही अहम भूमिका निभाते हैं।
1 मई को मेरी शादी की सालगिरह भी होती है। हमने इस दिन शादी करने का फैसला इसलिये किया था क्योंकि यह वह दिन होता है जब समाज के सबसे मजबूत आधार को सराहा जाता है और इसे वर्ल्ड लेबर डे के रूप में भी मनाया जाता है। हमने खासतौर से सारे वर्कर्स और हेल्पर्स को बुलाया है जिन्होंने इतने सालों तक हमारे लिये काम किया है जैसे ड्राइवर, हाऊस हेल्प। वैसे, मुझे उम्मीद है कि इस दिन और किसी भी दिन, लोग समाज के इस बेहद महत्वपूर्ण तबके का सम्मान करना सीखेंगे। हम सभी उनके लिये थोड़ी ‘खुशियों वाली फीलिंग’ लाने की कोशिश करेंगे। – (सोनी सब के ‘अलादीन: नाम तो सुना होगा’ में नाज़नीन चाची की भूमिका निभा रही हैं)
मजदूर वर्ग के प्रयासों का सम्मान करें और उन्हें मान दें: स्मिता सिंह
हमारी जिंदगी काफी हद तक मजदूर वर्ग पर निर्भर करती है। इस मुश्किल समय में भी ये लोग हमारी सुरक्षा के लिये काम कर रहे हैं। इसलिये, उनकी सेवा और तत्परता के लिये उन्हें मेरा सलाम। मेरे मन में उन लोगों के लिये काफी सम्मान है और एंटरटेनमेन्ट इंडस्ट्री में भी ये लोग इंसानी शरीर के जरूरी अंगों की तरह होते हैं, जोकि सही तरीके से काम करने में मदद करते हैं।
‘मजदूर दिवस’ के मौके पर मैं हर भारतीय से कहना चाहूंगी कि मजदूर वर्ग के प्रयासों का सम्मान करें और उन्हें मान दें। आइये, इस दुनिया को उनके लिये भी खुशनुमा बनायें!- (सोनी सब के ‘तेरा क्या होगा आलिया’ में दुर्गा की भूमिका निभा रहीं हैं)
मजदूर वर्ग के लिये दिल से ढेर सारा आभार और सम्मान: शर्मीली राज
मुझे ऐसा लगता है कि ‘मजदूर दिवस’ मनाना बहुत अच्छी बात है और यह एक महत्वपूर्ण परंपरा है, जोकि पूरी दुनिया में काफी सालों से चली आ रही है। यह उनकी सेवाओं के लिये एक तरह का आभार है, जो वह हमारे लिये और देश के लिये करते हैं। मुझे इस बात की खुशी है कि मेरी परवरिश ऐसे परिवार में हुई है जहां हमारे हाऊस हेल्प या ड्राइवर्स को परिवार का ही हिस्सा माना जाता है, उससे कम नहीं। हम फिलहाल जिस मुश्किल समय का सामना कर रहे हैं ऐसे में दुनिया को पहले से कहीं ज्यादा उनकी अहमियत का अहसास हुआ है। अपनी सुरक्षा को ध्यान रखते हुए वे हमारे आराम के लिये काम कर रहे हैं।
हमारी रोजाना की शूटिंग में भी सेट पर 100 से ज्यादा लोगों से वास्ता पड़ता है, लाइटमैन, मेक-अप आर्टिस्ट, स्पॉट बॉय, हेयरड्रेसर, ड्रेसमैन और कई सारे ऐसे ही लोग होते हैं, जोकि पूरी लगन से एक शो और इस इंडस्ट्री के लिये काम करते हैं। उनकी मदद के बिना, बिना किसी परेशानी के शूटिंग कर पाना असंभव है। चूंकि, मैं ‘बालवीर रिटर्न्स’ के सेट पर दिन का ज्यादातर समय उनके साथ बिताती हूं, तो वे मेरे लिये परिवार की तरह हो गये हैं और हम आमतौर पर साथ मिलकर खाते हैं, जोक्स सुनाते हैं और मस्ती करते हैं। इसलिये, मजदूर वर्ग के लिये दिल से ढेर सारा आभार और सम्मान। – (सोनी सब के ‘बालवीर रिटर्न्स’ में बाल परी की भूमिका निभा रही हैं)







