दोनों भाइयों की सफलता का कनेक्शन वाकई हैरान करने वाला
नोएडा : JEE Main 2026 Session 1 के रिजल्ट ने देश को हैरान कर दिया! भुवनेश्वर (ओडिशा) के महरूफ अहमद खान और मसरूर अहमद खान ने न सिर्फ टॉप परफॉर्मेंस दी, बल्कि बिल्कुल एक जैसे स्कोर हासिल किए। दोनों ने 285/300 अंक (99.98 percentile) प्राप्त किए – दशमलव तक मैचिंग!
बता दें कि यह कोई संयोग नहीं, बल्कि सालों की साझा मेहनत, एक जैसी रूटीन और परस्पर प्रेरणा का कमाल है। दोनों भाई 10वीं के बाद कोटा चले गए, वहां साथ पढ़ाई की, एक-दूसरे के डाउट क्लियर किए, और हर टेस्ट में भी लगभग एक जैसे नंबर लाते रहे। मां भी उनके साथ कोटा में रहकर सपोर्ट करती रहीं।
मसरूर ने कहा: “हम हमेशा साथ पढ़ते थे, एक-दूसरे को मोटिवेट करते थे और टीचर्स की गाइडेंस फॉलो करते थे। इससे हमें बहुत कुछ सीखने को मिला।”
new chapter in JEE Main: दोनों भाइयों की सफलता का कनेक्शन वाकई हैरान करने वाला
युवाओं के लिए प्रेरणा का सबक
साथ मिलकर पढ़ाई = डबल फोकस, डबल मोटिवेशन!
एक जैसी डिसिप्लिन से नामुमकिन भी मुमकिन हो जाता है।
परस्पर सपोर्ट सबसे बड़ा हथियार है – अकेले लड़ने से बेहतर है साथ चलना।
JEE जैसी टफ परीक्षा में भी consistency और mutual encouragement जीत दिला सकती है।
यह कहानी बताती है कि अगर दो भाई एक ही लक्ष्य पर लग जाएं, तो सफलता भी डुप्लिकेट हो सकती है!
यूजर्स ने किया सैलूट :
उत्तम यादव : कमाल की बात है! जुड़वां होना अलग चीज़ है, लेकिन इतने बड़े एग्ज़ाम में बिल्कुल एक जैसे नंबर आना वाकई हैरान करने वाला है। मेहनत, तालमेल और फोकस तीनों का परफेक्ट कॉम्बिनेशन लगता है। ऐसे टैलेंट को सलाम।
एसके गुप्ता : सच में, जुड़वां होना अलग बात है लेकिन इतने बड़े एग्ज़ाम में बिल्कुल समान अंक लाना अद्भुत है। मेहनत, तालमेल और फोकस का ऐसा कॉम्बिनेशन वाकई सलाम के काबिल है।
शैलेन्द्र ने लिखा : JEE Main जैसी परीक्षा में, जहाँ निगेटिव मार्किंग और कठिन सवाल होते हैं, वहां दो लोगों का एक जैसे अंक पाना आम बात हो सकती है। लेकिन जब दो भाइयों के Subject-wise Percentile भी बिल्कुल एक जैसे आ जाएं, तो यह गणित के हिसाब से लाखों में एक होने वाली घटना बन जाती है।
तो कॅरियर बना रहे युवा दोस्तों, चाहे अकेले पढ़ो या ग्रुप में – मेहनत कभी व्यर्थ नहीं जाती। अगर ये जुड़वां भाई लाखों में से एक जैसे स्कोर ला सकते हैं, तो तुम क्यों नहीं? आज से ही प्लान बनाओ, फोकस रखो, और सपनों को हकीकत बनाओ। और अब सलाम महरूफ और मसरूर को – और सलाम उन सभी युवाओं को जो अभी भी मेहनत कर रहे हैं!