सभी क्लास वन शहरों के उपभोक्ता जाने मीटर पर अपना अधिकार और समय से न हो मीटर सम्बन्धी कार्य तो ले मुआवजा
मीटर को लेकर पूरे उत्तर प्रदेश में बड़ा बवाल चल रहा है ऐसी बीच एक बिजली कंपनी ने समाचार पत्रों में मीटर संबंधी खबर भी सार्वजानिक की और अपने फायदे की केवल बात की अब उपभोक्ता परिषद अपने सभी श्रेणी-1 के अंतर्गत आने वाले शहरों के विद्युत उपभोक्ताओ जिसमे राजधानी लखनऊ सहित नोएडा व सभी महानगर शामिल है जहा विद्दुत नियामक आयोग द्वारा पूरी तरह मुआवजा कानून लागु हो गया है, ऐसे विद्युत उपभोक्ता मीटर सम्बन्धी अपना अधिकार भी जाने और विद्युत वितरण संहिता -2005 द्वारा सेवा मानक के लिए जो समय निर्धारित है यदि विजली कम्पनिया उस समय में सेवा नहीं देती तो तुरंत मुआवजा मांगे। अभी बिजली कम्पनियो का मुआवजा नियम का कॉल सेंटर नहीं शुरू हुआ, इसलिए अधिशाषी अभियंता के यहाँ मुआवजा एप्लीकेशन जरूर दे और अपना अधिकार समझे –
सभी मामलो में मुआवजा लागू: उपभोक्ता परिषद
उपभोक्ता समस्या दोष के मामले में मुआवजा निर्धारित समय सीमा
जले हुए मीटर का बदला जाना रू0 50 प्रतिदिन आवेदन के 3 दिन बाद
उसी परिसर में मीटर लाइन की सिफ्टिंग रू0 50 प्रतिदिन आवेदन के 7 दिन बाद
टेस्ट रिपोट के पक्षात दोष युक्त मीटर बदलना रू0 50 प्रतिदिन आवेदन के 15 दिन बाद
मीटर रीडिंग के मामले रू0 200 प्रतिदिन आवेदन के 15 दिन बाद
उप्र राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष व राज्य सलाहकार समिति के सदस्य अवधेश कुमार वर्मा नेे कहा की ने कहा अभी क्लास 1 के सभी शहरो में सभी मामलो में मुआवजा लागू है ऐसे में उपभोक्ता परिषद अब सभी अपने उपभोक्ताओ को अलग अलग मामले को उपभोक्ताओ के बीच लेकर उनको जागरूक करेगा आज उसी क्रम में मीटर सम्बन्धी मामलो पर उपभोक्ता परिषद् अपने उपभोक्ताओ को जागरूक कर रहा है नया स्टैन्डर्ड आफ परफार्मेन्स रेगुलेशन 2019 पर फरवरी 2020 में उप्र शासन द्वारा अधिसूचना जारी की गयी उसके तहत सभी श्रेणी 1 शहरों में 9 माह के अंदर अपना शिकायत केंद्र चालू करना था और शहरी क्षेत्रों के लिए 12 महीने व ग्रामीण क्षेत्रों में 18 माह में शिकायत केंद्र बन जाना चाहिए था जो सभी इलेक्ट्रॉनिक मोड सहित फोन मेल व एसमस व मोबाइल एप्लीकेशन के तहत दावा व शिकायत प्राप्त करने के लिए स्थापित होता लेकिन अभी पूर्ण नहीं हुआ है।







