नई दिल्ली, 11 अप्रैल। मौसम ने एक बार फिर करवट बदली है। पहाड़ों पर हुई भारी बर्फबारी और मैदानी इलाकों में हुई बारिश से मौसम में एकदम से बदलाव आया है। गर्मी के मौसम में सर्दी का एहसास हो रहा है। मौसम में आए बदलाव ने हरियाणा, पंजाब और अन्य उत्तर भारतीय राज्यं के किसानों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। ऊंचाई वाले इलाकों में जहां बर्फबारी हुई, वहीं निचले इलाके बारिश में भीग गए हैं।

हरियाणा और पंजाब में बारिश ने किसानों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। क्योंकि वैशाखी पर जहां पंजाब में गेहूं की फसल की कटाई शुरू होती है। वहीं हरियाणा में कटी कटाई और पकी पकाई फसल मंडियों में पहुंच चुकी है और खुले आसमान के नीचे भीग रही है। वहीं मंगलवार देर रात से रोहतांग दर्रे समेत पर्यटन स्थल सोलंगनाला, गुलाबा और मढ़ी में रुक-रुक कर बर्फबारी हो रही है।
मनाली कुल्लू समेत तमाम निचले इलाकों में बारिश का दौर जारी है। मौसम में एकाएक आए इस बदलाब से अप्रैल महीने में ठंड का एहसास होने लगा है। बर्फबारी के बाद रोहतांग दर्रे को वाहनों के लिए बंद कर दिया गया है। मौसम विभाग के डीजीएम डॉ. देवेंद्र प्रधान का कहना है कि वैसे तो यह तीनों पश्चिमी विक्षोभ कमजोर हैं, लेकिन इनकी वजह से बारिश और ओलावृष्टि हो रही है। क्योंकि इस समय उत्तर भारत में बंगाल की खाड़ी से आई हुई पूर्वा हवाएं पहले से मौजूद हैं और यही वजह है कि कमजोर पश्चिमी विक्षोभ के बावजूद पहाड़ों पर लगातार रुक- रुक कर बारिश हो रही है।







