विभूतिखण्ड में पूर्व मंत्री के इकलौते बेटे ने खुद को गोली से उड़ाया

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पेट की बीमारी से थे परेशान, पहले भी कर चुके थे कोशिश

लखनऊ, 15 मार्च। बसपा सरकार में पूर्व मंत्री रहे लालजी वर्मा के बेटे विकास वर्मा (39) ने बुधवार को खुदकुशी कर ली। उन्होंने लाइसेंसी दो नाली बंदूक से खुद को उड़ा दिया। घटना के वक्त विकास कमरे में अकेले थे, जबकि परिवार के बाकी सदस्य दूसरे कमरों में मौजूद थे। फायर हुआ तो लोग उनके पास पहुंचे। वो खून से लथपथ पड़े थे। बंदूक पैरों में फंसी थी। घटना की सूचना विभूतिखण्ड पुलिस को देकर परिजन उन्हें अस्पताल ले गए जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गयी। वह पेट की बीमारी से परेशान थे। इलाज भी चल रहा था, फिर भी दिन-ब-दिन सेहत बिगड़ती जा रही थी। विधान मण्डल दल के नेता के बेटे के आत्महत्या की खबर आम हुयी तो हड़कंप मच गया। बसपा सुप्रीमो समेत कई दिग्गज लालजी के घर पहुंचे।

गोमतीनगर में बसपा के पूर्व मंत्री लालजी वर्मा के पुत्र द्वारा आत्महत्या के उपरान्त श्रद्धाजलि अर्पित करने के उपरान्त शोकागुल परिवार से मिलती बसपा की पूर्व मुख्यमंत्री कु. मायावती व शोकगुल परिवार से मिलते पूर्व बसपा मंत्री वर्तमान मे भाजपा के स्वामी प्रसाद मोर्या: फोटो: आज़म हुसैन 

अम्बेडकरनगर कटहरी के मूल निवासी लालजी वर्मा मौजूदा वक्त बसपा के विधान मण्डल दल के नेता हैं। वह पूर्व में संसदीय कार्य मंत्री शिक्षा, चिकित्सा भी थे। उनका बेटा विकास विजयंतखण्ड विभूतिखण्ड के मकान नम्बर 3/39 में परिवार संग रहता था। सुबह 11 बजे विकास कमरे में था, जबकि परिवार के अन्य सदस्य दूसरे कमरों में थे। इसी बीच कमरे से गोली चलने की आवाज आयी। परिवार वाले भागकर वहां पहुंचे, तो विकास के पैरों में दो नाली लाइसेंसी बंदूक फंसी हुयी थी, जबकि गोली सीने में लगी थी, जिसकी वजह से वह खून से लथपथ पड़े थे। तभी बसपा नेता लालजी ने इसकी जानकारी पुलिस को दी। फिर बेटे को लेकर ट्रामा सेंटर पहुंचे। इलाज शुरू हुआ, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। यह खबर आम हुयी, जिसके बाद पूर्व विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद पाण्डेय, मौजूदा नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना, कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्या के अलावा कई नेताओं का जमावड़ा लग गया। उधर बाद में बसपा अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री मायावती, सपा नेता रामगोविंद चौधरी, मृतक के घर पहुंचे। उन्होंने परिवार वालों को सांत्वना दी। विकास पेट की बीमारी से परेशान थे। काफी दिनों से इलाज चल रहा था लेकिन सेहत में कोई सुधार नहीं हुआ था, जिसे लेकर वह डिप्रेशन में चल रहे थे। यही बात पुलिस की छानबीन में सामने आयी है।

पहले भी कर चुके थे कोशिश

12 मार्च 2017 को भी विकास वर्मा ने खुद को गोली मारकर जान देने की कोशिश की थी। उस दिन कटहरी विधानसभा क्षेत्र का चुनाव जीतने के बाद से लालजी वर्मा के घर बधाईयों का तांता लगा हुआ था। तभी अगले दिन दोपहर में पिता समर्थकों से मिल रहे थे। एका-एक उन्हें किसी ने खबर दी कि उनके बेटे ने खुदकुशी करने का प्रयास किया है, तब उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया था। बाद में ट्रामा सेंटर रेफर किया गया था।

फेसबुक पर पोस्ट किया था सुसाइड नोट

खुदकुशी की कोशिश से पहले विकास ने सुसाइड नोट को फेसबुक पर पोस्ट किया था। उन्होंने लिखा था कि बीमारी की वजह से मैं तंग आ चुका हूं। अब मेरी जीने की कोई इच्छा नहीं है। बच्चों की देखभाल और पढ़ाई के लिए मां-बाप से अनुरोध किया था। परिवार के साथ जिन लोगों के सम्बंध हैं, उनसे अपनी मौत के बाद परिवार को सांत्वना देने की बात कहते हुए कहा था कि जो इस संसार में आया है, एक दिन जाता है। उन्होंने यह पोस्ट पत्नी व बच्चों के साथ शेयर की थी।

पूर्व मंत्री के घर मचा कोहराम

विकास के आत्महत्या किए जाने की खबर जैसे ही आम हुयी, घर में कोहराम मच गया। उनके समर्थक घर पहुंचने लगे। क्षेत्रवासी सदमें में दिखे। बताते चलें कि लालजी वर्मा बसपा के कद्दावर नेताओं में गिने जाते हैं। वह वर्ष 2007 में कैबिनेट मंत्री थे। जबकि वर्ष 2012 में हुए चुनाव में वह अपनी सीट हार गए थे। बाद में 2017 के चुनाव में उन्होंने बसपा के उम्मीदवार के रूप में कटहरी सीट जीती थी।

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