स्वच्छ और सुंदर भारत के बिना गांधी जी का सपना अधूरा

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पूर्व केन्द्रीय मंत्री ने शुरू की पदयात्रा

गाजीपुर, 02 अक्टूबर 2019: महात्मा गांधी ने गांवों में स्वराज की कल्पना की थी। स्वच्छता और सुंदर भारत उनके सपने में था। वे हमेशा ही स्वच्छता पर ध्यान देते थे लेकिन आजादी के बाद कभी स्वच्छता के लिए अभियान नहीं चलाया गया। भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने महात्मा गांधी के विचारों और उनके आदर्शों को समझा और दो अक्टूबर 2014 को स्वच्छता अभियान की शुरूआत की। आज बहुत हद तक गांधी जी के सपने का पूरा भारत साकार कर रहा है। ये बातें पूर्व केंद्रीय मंत्री मनोज सिन्हा ने कही। उन्होंने गांधी जयंती के अवसर पर स्वच्छता अभियान के साथ ही सिंगल यूज प्लास्टिक को प्रयोग न करने की अपील करने के लिए गाजीपुर के जखनियां से पद यात्रा प्रारंभ की।

पदयात्रा शुरू करने से पहले पूर्व मंत्री मनोज सिन्हा ने कहा कि किसी काम में समर्पण और निष्ठा होने पर वह निश्चय ही पूरा होता है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जब स्वच्छता अभियान की शुरूआत की तो विपक्ष खिल्ली उड़ा रहा था, जबकि आज चारों तरफ उस अभियान का असर देखने को मिल रहा है। लोग स्वच्छता के प्रति जागरूक हो गये हैं। अब जरूरी है कि हम एक बार प्रयोग होने वाले प्लास्टिक को ना कहें, क्योंकि इसके रहने तक स्वच्छता अधूरी है। इससे हमारे स्वास्थ्य पर भी बूरा असर पड़ता है।


सारी समस्याओं का समाधान गांधी जी के विचारों में निहित:

महात्मा गांधी जी के 150वीं जयन्ती पर भारतीय जनता पार्टी लोकसभा गाजीपुर के द्वारा गांधी संकल्प पदयात्रा के शुभारम्भ अवसर पर जखनियां विधानसभा के सन साइन पब्लिक स्कूल में सभा से पूर्व मनोज सिन्हा ने महात्मा गांधी, लालबहादुर शास्त्री तथा पं दीनदयाल उपाध्याय व डा श्यामाप्रसाद मुखर्जी जी के चित्र पर श्रद्धा सुमन अर्पित किया। उन्होंने कहा कि बापू में ऐसी क्या विशेषता है जो आज पुरी दुनिया विचारों को मानने पर मजबूर है। देश व दुनिया के लोगों कि सारी समस्याओं का समाधान गांधी जी के विचारों और सिद्धांतों में निहित है। आज विश्व मे सबसे ज्यादा डाक टीकट,सभागार, सडकों सहित आदि अन्य संस्थानों का नाम गांधी जी के नाम से रखें गए हैं।

मानवता के प्रतीक इंसान का नाम है महात्मा गांधी:

उन्होंने कहा कि मानवता के प्रतीक किसी इंसान का नाम है तो वह महात्मा गांधी का नाम है। रविन्द्रनाथ टैगोर ने उन्हें बापू तथा नेता जी सुभाषचन्द्र बोष ने उन्हें राष्ट्पिता कहा गांधी जी आज भी प्रासंगिक है। कल भी थे और आने वाली सदियों तक प्रासंगिक रहेंगे। गांधी जी कोई अलौकिक रूप में नहीं पैदा हुए थे, बल्कि उनके द्वारा अपने कठिन तपस्या व संघर्ष से पैदा हैं।

महात्मा गांधी के तमाम सुझावों में से किसी एक को अपनाने का लें संकल्प:

उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान करते हुए कहा कि गांधी जी को पढ़ने की जरूरत है और उनके द्वारा समाज सुधार, स्वच्छता, सिंगल प्रयोग प्लास्टिक का उन्मुलन जल संचय,जल संवर्धन के प्रति लोगों को जागरूक करना है। इसके साथ ही लोगों के जीवन को आदर्शवादी बनाने के महात्मा गांधी के अन्य तमाम सुझावों में से किसी एक को अवश्य अपनाने का संकल्प लेने को कहा, जिससे देश स्वच्छ, स्वस्थ, सुन्दर बन सके।

कुछ लोग गांधी जी को मानते थे बपौती, कभी उनको अपनाने की कोशिश नहीं की:

उन्होंने बिना किसी का नाम लिये बिना कहा कि कुछ लोग गांधी जी को बपौती मानते थे लेकिन उन लोगों ने कभी उनको अपनाने की कोशिश नहीं की। गांधी जी के नाम का सिर्फ राजनीतिक फायदे के लिए प्रयोग किया है। गांधी जी के ग्राम स्वराज्य के सपने को भारतीय जनता पार्टी तथा उसके नेता नरेन्द्र मोदी साकार कर रहे है और कहा कि महात्मा गांधी तथा पं दीनदयाल के सपनो मे कोई अंतर नहीं है। अगर गांधी जी के विचारों को अपना कर सच्ची श्रद्धांजलि देने का काम किसी ने किया है तो वह भारतीय जनता पार्टी ने किया है।

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