बाराबंकी। गाएं तो भीषण धूप में टीन शेड के नीचे रहकर परेशान हो जाती होंगी। खुला छोड़ने पर भी इनके छाए की कोई व्यवस्था नहीं है। इतनी जगह है आप लोग इसमें पेड़ लगाएं ताकि गाएं को छाया मिल सके। ये बातें कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने जहांगीराबाद स्थित चकगजरिया फार्म देखने के बाद कहीं।
कृषि मंत्री सबसे पहले सुबह साढ़े आठ बजे जहांगीराबाद क्षेत्र के ही मिश्रीपुरवा गांव में स्थित परवेज व शाहनवाज के मछली फार्म हाउस पहुंचे। सीमेंट के आर्टीफिशियल तालाब में मछली का उत्पादन कर कई रिकार्ड जीत चुके परवेज ने इस दौरान मंत्री श्री शाही को बताया कि कम पानी में उनकी मछली पलती है। उन्होंने मछली के बच्चे को डालने से लेकर बड़े होने तक किस प्रकार अलग-अलग सीमेंटेड तालाबों में उन्हें शिफ्ट किया जाता है इसकी जानकारी दी। जिसे कृषि मंत्री ने काफी सराहा और इस तकनीकि का प्रचार-प्रसार करने के निर्देश मत्स्य विभाग को दिए। मछली फार्म पर परवेज द्वारा बताया गया कि मछली के सीमेंटेड तालाबों में जो पानी निकलता है वह ऊसर सुधार के लिए बेहतरीन दवा साबित होती है। उन्होंने बताया कि चक गजरिया में भी उन्होंने तालाब के वेस्ट पानी को दिया है।
इस पर कृषि मंत्री ने चकगजरिया फार्म चलने का निर्देश दिया। चक गजरिया में उन्हें बताया गया कि तालाब से कई ड्रम पानी मंगवाया गया है, जिससे ऊसर सुधार किया जाएगा। इसी के साथ श्री शाही ने साहीवाल नस्ल की पल रही गायों को देखा। टीन शेड के नीचे गाएं गर्मी में काफी परेशान दिखीं। इस पर उन्होंने कहा कि इन्हें खोलते हैं तो कहां जाती हैं। आपके परिसर में तो कोई पेड़ भी नहीं कि इन्हें छाया मिले। उन्होंने मौजूद अधिकारियों को निर्देश दिया कि फार्म में सघन पौधरोपण कराएं ताकि कुछ वर्ष बाद यहां की गायों को प्रर्याप्त छाया मिल सके।कृषि मंत्री ने इसके बाद हरख ब्लाक के दौलतपुर गांव निवासी प्रदेश के जाने-माने प्रगतिशील किसान रामसरन वर्मा के फार्म का निरीक्षण किया। इस दौरान कृषक रामसरन ने आलू, टमाटर व केले आदि की खेती के विषय में जानकारी देने के साथ अपने अम्बिका प्रजाति के आम के बागों को दिखाया। बाग में लटके हल्के लाल रंग के आमों को देख मंत्री ने रामसरन की सराहना की और कहा कि इनसे पूरे प्रदेश के किसानों को सीख लेनी चाहिए।







