दलित शिक्षकों के रिवर्शन व वेतन फ्रीज के मुद्दे पर आरक्षण समर्थक भड़के, शिक्षा विभाग का किया घेराव

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लखनऊ, 07 अगस्त 2018: राजधानी लखनऊ में गुपचुप तरीके से सैकड़ों दलित अध्यापकों का रिवर्शन/ वेतन फ्रीज किये जाने के मुद्दे पर आरक्षण समर्थक आज भड़क उठें और उन्होंने बीएसए कार्यालय को घेरकर जमकर नारेबाजी व प्रदर्शन किया।

इस दौरान बेसिक शिक्षा अधिकारी, लखनऊ अपने कार्यालय से गायब रहे। अंततः आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति के संयोजक अवधेश कुमार वर्मा के नेतृत्व में अन्य संयोजकों ने वित्त एवं लेखाधिकारी(शिक्षा) लखनऊ से बात कर उन्हें एक ज्ञापन सौंपा और उनके द्वारा यह आश्वासन दिया गया कि आगे किसी भी प्रकार के वेतन फ्रीज की कार्यवाही नहीं होगी। रिवर्शन के मामले पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, लखनऊ से बात कर आप लोगों को अवगत कराया जायेगा।

संघर्ष समिति के संजोयक ने कहा कि एक तरफ केन्द्र की मोदी सरकार दलित कार्मिकों को पदोन्नति में आरक्षण देने का आदेश जारी कराती है, वहीं दूसरी ओर सैकड़ों दलित अध्यापकों का रिवर्शन/ वेतन फ्रीज कर दिया जाता है जिससे सरकार कि मंशा प्रश्न उठना स्वाभाविक है।

इस दौरान संघर्ष समिति के साथ वार्ता में वित्त एवं लेखाधिकारी (शिक्षा) लखनऊ ने आश्वासन दिया कि वह वेतन फ्रीज की कार्यवाही रिवर्शन के मामले में बीएसए से बात करेंगे।

बता दें कि बेसिक शिक्षा अधिकारी लखनऊ द्वारा वित्त एवं लेखाधिकारी कल दिनांक 6 अगस्त को निर्देश भी जारी कर दिये गये। इसकी भनक लगते ही आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति के संयोजकों के नेतृत्व में सैकड़ों की संख्या में राजधानी के दलित शिक्षक जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय पर इकट्ठा होकर जमकर नारेबाजी व प्रदर्शन किया।

आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति,उप्र के संयोजकों अवधेश कुमार वर्मा, डा रामशब्द जैसवारा आरपी केन, अनिल कुमार, अजय कुमार, श्याम लाल, अन्जनी कुमार, रीना रजक, अनीता, सुधा, रेनू, जितेन्द्र कुमार, राजेश पासवान, श्री निवास राव, अरविन्द कुमार, अमित कुमार, अर्चना ने कहा कि यदि बेसिक शिक्षा अधिकारी, लखनऊ द्वारा रिवर्शन/वेतन फ्रीज की कार्यवाही को आगे बढ़ाया गया तो लाखों की संख्या में पूरे प्रदेश के दलित शिक्षक लखनऊ में डेरा डालेंगे। जिसकी जिम्मेदारी शिक्षा विभाग की होगी।

उन्होंने कहा कि जिस प्रकार से उप्र की सरकार एक तरफ दलित कार्मिकों का पदोन्नति में आरक्षण की व्यवस्था बहाल करने पर विचार नहीं कर रही है, वहीं दूसरी ओर राजधानी लखनऊ के दलित शिक्षकों को अपमानित कराया जा रहा है, जिसे प्रदेश का लाखों का आरक्षण समर्थक बर्दाश्त करने वाला नहीं है। इस मुद्दे पर जल्द ही प्रान्तीय कार्यसमिति की बैठक बुलाकर आर-पार की लड़ाई का ऐलान होगा।

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