प्रदेश के ऊर्जा मंत्री से उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष ने की मुलाकात, सौपा ज्ञापन और बिजली कम्पनियों पर साधा निशाना कहा मात्र 6 माह में इस वित्तीय वर्ष में सितम्बर, 2018 तक घाटा कैसे बढ़ गया 8 हजार करोड़
लखनऊ, 22 नवंबर 2018: उप्र राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने कहा कि प्रदेश की बिजली कम्पनियों व पावर कारपोरेशन द्वारा उप्र विद्युत नियामक आयोग आदेश के क्रम में वर्ष 2018-19 के लिये जो विज्ञापन विगत दिनों अखबारों में प्रकाशित कराया गया, उन्होंने कहा कि जिसमें बिजली कम्पनियों ने गुपचुप तरीके से चोर दरवाजे से भविष्य में बिजली दरों में बढ़ोत्तरी कराने की रेगुलेटरी असेट बनवाकर जो साजिश की गयी।
इस मामले के खिलाफ उप्र राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष व विश्व ऊर्जा कौसिंल के स्थायी सदस्य अवधेश कुमार वर्मा ने आज प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्रीकान्त शर्मा से शक्ति भवन उनके कार्यालय में मुलाकात कर एक ज्ञापन सौपा और विस्तार से चर्चा की।
उपभोक्त परिषद अध्यक्ष ने ऊर्जा मंत्री के सामने यह मुद्दा उठाया कि एक तरफ बिजली कम्पनियां दक्षता में सुधार के नाम पर कुछ माह पहले 50 हजार से लेकर 2.5 लाख तक का अभियन्ताओं/कार्मिकों को नगद इनाम दे चुकी है और वहीं दूसरी ओर अप्रैल से सितम्बर तक इस वित्तीय वर्ष में मात्र 6 माह में कुल घाटे की बात की जाय तो वह 8 हजार करोड़ हो गया है।
उन्होंने कहा कि यह कैसी व्यवस्था एक तरफ दक्षता बढ़ाने के नाम पर नगद इनाम दूसरी तरफ इतना बड़ा घाटा, विगत वर्ष 2017-18 में ग्रामीण विद्युत उपभोक्ताओं की बिजली दरों में लगभग 150 प्रतिशत तक वृद्धि की गयी और अब राजस्व वसूली पूरी तरह लड़खड़ा गयी है। बढ़ी बिजली दरों के अनुपात में ग्रामीण उपभोक्ता बिजली बिल का भुगतान ही नहीं कर पा रहा है ऐसे में लगातार केवल बिजली दरों में व्यापक बढ़ोत्तरी से कोई काम चलने वाला नहीं है, जब तक प्रदेश की बिजली कम्पनियाॅ राजस्व वसूली में बढ़ोत्तरी, बिजली चोरी पर अंकुश व फिजूल खर्ची पर विराम लगाकर अपनी दक्षता को नहीं बढ़ायेगी तब विभाग की आर्थिक स्थिति नहीं सुधरने वाली है। ऐसे में बिजली कम्पनियों की अक्षमता खामियाजा प्रदेश की जनता क्यों भुगते।
ऊर्जा मंत्री श्रीकान्त शर्मा ने उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष को यह आश्वासन दिया कि प्रदेश के विद्युत उपभोक्ताओं के साथ कोई अन्याय नहीं होने पायेगा, हर हाल में बिजली कम्पनियों को अपनी दक्षता और कार्य प्रणाली में सुधार कर घाटे को कम करना होगा। सरकार द्वारा प्रदेश के विद्युत उपभोक्ताओं का पूरा खयाल रखा जायेगा।
उप्र राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा बड़े दुर्भाग्य की बात है कि एक तरफ बिजली कम्पनियाॅ इस वित्तीय वर्ष में सितम्बर माह तक 8 हजार करोड़ के घाटे में पहुॅच गयी, वहीं दूसरी ओर बिजली विभाग में अनकों कार्यो के लिये 100 करोड़ से ज्यादा के कन्सलटेन्ट रखे गये फिर वह क्या सलाह दे रहे है, क्यों घाटा बढ़ रहा है, जब तक इन सबकी जवाबदेही व सख्त कार्यवाही नहीं की जायेगी, घाटा बढ़ता जायेगा।






