- संघर्ष समिति का ऐलान अब पदोन्नति में आरक्षण बिल लोकसभा से पास कराने से कम पर कोई समझौता नहीं, जो भी दलित सांसद इस मुद्दे पर नहीं देंगे साथ उनका होगा सामाजिक बहिष्कार
लखनऊ, 02 जुलाई। लोकसभा में लम्बित पदोन्नति में आरक्षण संवैधानिक संशोधन 117वां बिल पास कराने व भारत सरकार द्वारा जारी आदेश के क्रम में उप्र में आरक्षण अधिनियम 1994 की धारा 3(7) को 15-11-1997 से बहाल कराने को लेकर आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति,उप्र के संयोजक अवधेश कुमार वर्मा के नेतृत्व में एक 30 सदस्यीय प्रतिनिधि मण्डल मा. केन्द्रीय उपभोक्ता खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री श्री रामविलास पासवान से वीवीआईपी गेस्ट, लखनऊ में मुलाकात कर एक ज्ञापन सौंपा, और अविलम्ब दलित कार्मिकों को न्याय दिलाने की मांग करते हुए लम्बी चर्चा की। इसके पहले एक चरण की वार्ता अमौसी हवाई अड्डे पर भी औपचारिक रूप से संघर्ष समिति ने की थी और उसी दौरान पुनः मंत्री जी व संघर्ष समिति की सहमति पर वीवीआईपी गेस्ट हाउस में सम्पन्न हुईं।
मानसून सत्र में पास कराया पदोन्नति बिल: पासवान
केन्द्रीय मंत्री राम विलास पासवान ने कहा कि इस मानसून सत्र में लम्बित पदोन्नति बिल को पास कराया जायेगा और उप्र में आरक्षण अधिनियम 1994 की धारा 3(7) को अविलम्ब बहाल कराया जायेगा। आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति,उप्र का आन्दोलन बहुत ही सराहनीय है। अब समय आ गया है कि आरक्षण के मुद्दे पर संघर्ष समिति के साथ सभी दलित सांसदों को कन्धे से कन्धा मिलाकर चलना होगा। पदोन्नति में आरक्षण के मुद्दे पर यदि कोई समस्या आती है तो प्रधानमंत्री जी से आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति के प्रतिनिधि मण्डल के साथ पूरा पक्ष रखा जायेगा।
केन्द्रीय मंत्री श्री राम विलास पासवान से मिलने वाले प्रतिनिधि मण्डल में प्रमुख रूप से शामिल आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति के संयोजकों सर्वश्री अवधेश कुमार वर्मा, डा. रामशब्द जैसवारा, आरपी केन, अजय कुमार, श्याम लाल, अन्जनी कुमार, लेखराम, प्रेम चन्द्र, अशोक सोनकर, दिनेश कुमार, अजय चौधरी, बनी सिंह, योगेन्द्र रावत, सुनील कनौजिया ने कहा कि पदोन्नति में आरक्षण बिल पास होने से कम पर अब कोई बात नहीं होगी। अब समय आ गया है सभी पार्टियों के आरक्षण समर्थक नेता व दलित सांसद इस मुद्दे पर आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति का साथ दें अन्यथा उनका सामाजिक बहिष्कार होगा।







