पदोन्नति में आरक्षण, जीरो फीस के मुद्दे पर आरक्षण समर्थक करेंगे पैदल मार्च

0
191
file photo

विभागों का निजीकरण, फीस बढ़ोतरी के मुद्दे भी होंगे शामिल

आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति,उप्र की प्रान्तीय कार्यसमिति की कोर ग्रुप की आज एक आवशयक बैठक सम्पन हुई जिसमे पदोन्नति में आरक्षण जीरो फीस.विभागों का निजीकरण फीस बढ़ोतरी के मुद्दे पर गंभीर चर्चा हुई जिसमे सर्वसमत्त से यह निर्णय किया गया की केंद्र की मोदी व प्रदेश सरकार समय रहते कोई फैसला नहीं करती तो दिवाली के तुरंत बाद लखनऊ में एक विशाल पैदल मार्च आयोजित किया जायेगा और सरकार की आरक्षण विरोधी नीतियों का विरोध होगा जिस प्रकार से सरकार विभागों का निजीकरण और छात्रों की फीस पर लगातार दलित विरोधी निर्णय कर रही है उससे पूरी तरह सिद्ध हो गया है की आने वाले समय में दलित पिछड़े गरीब चाह कर भी शिक्षा नहीं ग्रहण कर पाएंगे

संघर्ष समित ने कहा अब प्रदेश के 8 लाख आरक्षण समर्थक कार्मिको के पास आंदोलन के सिवा कोई दूसरा रास्ता नहीं बचता पदोन्नति में आरक्षण की वयवस्था माननीय सुप्रीम कोर्ट द्वारा बहाल किए जाने के बाद भी सरकार चुप है और रिवर्ट कार्मिक अपमानित हो रहे है कब तक आरक्षण समर्थक चुप बैठेंगे आरक्षित सीट से जीतकर आने वाले सभी जन प्रतिनिधियों का यह नैतिक दायित्व है कि वह बाबा साहब द्वारा बनायी गयी संवैधानिक व्यवस्था आरक्षण को बचाने व उसे लागू कराने में अपना योगदान दें। दलित समाज को केवल वोट बैंक समझकर हमारे समाज के सांसद/विधायक भी कर रहे हैं आरक्षण विरोधियों के इशारे पर।

आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति,उप्र के संयोजकों अवधेश कुमार वर्मा, केवी राम, डा रामशब्द जैसवारा, आरपी केन, अनिल कुमार, पीएम प्रभाकर अजय कुमार, सुनील कनौजिया ने कहा कि उप्र की सरकार पदोन्नति में आरक्षण की व्यवस्था की बहाली की पत्रावली को केवल घुमा रही है। पूरे प्रदेश का 8 लाख आरक्षण समर्थक कार्मिक अब यह जान चुका है कि सरकार केवल दलित कार्मिकों को भरमा रही है। वहीं पड़ोसी राज्य बिहार छत्तीशगढ़ में एक तय समय सीमा के अन्दर पदोन्नति में आरक्षण की बहाली करके अपनी मंशा साफ कर दी है। अब समय आ गया है कि सभी दलित कार्मिकों को एकजुट होकर अपनी ताकत का एहसास कराना होगा।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here