यातायात के नियमों को पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया जाए: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
जनसँख्या और वाहनों की संख्या में वृद्धि के चलते सड़कों पर दबाब बढा है। सुगम यातायात एक चुनौती की तरह है। फिर भी नियमों का पालन करके अनेक समस्याओं से बचा जा सकता है। लेकिन इसमें सरकार के साथ साथ आम नागरिकों को भी जिम्मेदारी समझनी होगी। इसी के प्रति लखनऊ में एक जागरूकता रैली निकाली गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कालिदास मार्ग पर झंडी दिखाकर रैली को रवाना किया।
इस अवसर पर आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री ने ट्रैफिक के सामान्य नियमों की जानकारी और अनुपालन पर बल दिया। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा और यातायात के नियमों के सम्बन्ध में आम नागरिक को जागरूक किया जाना आवश्यक है। इस कार्य में सामूहिक प्रयास अधिक कारगर साबित हो सकता है। सभी संबंधित विभागों को जन जागरूकता का यह कार्य करना चाहिए। चौदह से बीस अक्टूबर तक सड़क सुरक्षा सप्ताह इसी के मद्देनजर आयोजित किया गया है।

राज्य सरकार सड़क सुरक्षा के प्रति संवेदनशील है तथा इसके लिए आवश्यक कदम उठा रही है। परिवहन विभाग को ड्राइविंग इंस्टीट्यूट खोलने चाहिए। इसके साथ ही, ड्राइविंग लाइसेंस का हर साल रिन्युवल भी किया जाना चाहिए। नियंत्रित स्पीड, हेल्मेट और सीट बेल्ट के प्रयोग, चालक के नियमित हेल्थ चेकअप जैसी बातों पर अमल करना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क यातायात के नियमों को पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया जाना चाहिए। शिक्षा का अर्थ केवल पुस्तकीय ज्ञान प्रदान करना ही नहीं, व्यक्ति का सर्वांगीण विकास करना है। इसलिए शिक्षण, प्रशिक्षण से सम्बन्धित प्रत्येक संस्था का दायित्व है कि विद्यार्थियों को जीवन के लिए उपयोगी नियमों से अवगत कराये। प्रत्येक विद्यालय में यातायात की जानकारी देने के उद्देश्य से गोष्ठी की जानी चाहिए।
इस अवसर पर परिवहन राज्य मंत्री अशोक कटारिया, मुख्य सचिव आरके तिवारी, अपर मुख्य सचिव सूचना एवं गृह अवनीश कुमार अवस्थी, पुलिस महानिदेशक ओ पी सिंह, प्रमुख सचिव परिवहन अरविन्द कुमार, प्रमुख सचिव स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण देवेश चतुर्वेदी, परिवहन आयुक्त धीरज साहू सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद थे।
- डॉ दिलीप अग्निहोत्री






