नई दिल्ली, 10 फरवरी 2019: चीन ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के अरुणाचल प्रदेश के दौरे का शनिवार को ‘विरोध’ किया और कहा कि वह कभी इस संवेदनशील सीमांत प्रदेश को मान्यता नहीं देगा और भारतीय नेतृत्व को ऐसी किसी कार्रवाई से परहेज करना चाहिए जो ‘‘सीमा प्रश्न को जटिल’ बनाती हो।
चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुन¨यग ने कहा, चीन भारतीय पक्ष से आग्रह करता है कि वह दोनों देशों के साझे हितों को ध्यान में रखे, चीनी पक्ष के हितों और चिंताओं का सम्मान करे, द्विपक्षीय रिश्तों में सुधार की गति बरकरार रखे और ऐसी कार्रवाई से परहेज करे जो विवाद को बढ़ा दे या सीमा प्रश्न को उलझा दे।
अरुणाचल भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा: भारत
नई दिल्ली में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने एक बयान में कहा कि अरुणाचल भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा है। भारतीय नेता समय-समय पर अरुणाचल प्रदेश का दौरा करते हैं, जैसे वे भारत के अन्य भागों का दौरा करते हैं। इस सुसंगत रूख से अनेक मौकों पर चीनी पक्ष को अवगत कराया जा चुका है। मोदी ने शनिवार को अरुणाचल प्रदेश में चार हजार करोड़ रुपये से ज्यादा मूल्य की परियोजनाओं का उद्घाटन किया और उनकी आधारशिला रखी।







