मंगल पर नए अभियान के लिए तैयार नासा का इनसाइट यान

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अमेरिका : क्यूरियोसिटी रोवर के मंगल पर उतरने के छह साल बाद अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा अपने नए अंतरिक्ष यान इनसाइट को लांच करने के लिए पूरी तरह तैयार है। कैलिफोर्निया के वैंडनबर्ग एयर फोर्स स्टेशन से शनिवार को इसे लांच किया जाएगा। इस अभियान में एक रोबोटिक जियोलॉजिस्ट (रोबोट भूविज्ञानी) भी भेजा जा रहा है जो लाल ग्रह पर गहरी खोदाई कर सतह पर होने वाले कंपनों को मापेगा। इसके साथ ही मंगल के आकार और संरचना का भी गहरा अध्ययन किया जाएगा। अमेरिका और यूरोप के इस साझा अभियान की लागत एक अरब डॉलर (करीब 66 हजार करोड़ रुपये) है।
वैज्ञानिकों का कहना है कि मंगल आज भी एक रहस्यमय ग्रह है। इसकी आंतरिक संरचना के अध्ययन से हम पृथ्वी समेत अन्य ग्रहों की उत्पत्ति की जानकारी हासिल कर सकते हैं। इनसाइट को फीनिक्स अंतरिक्ष यान की तर्ज पर डिजाइन किया गया है। ग्रह पर 16 फीट की खोदाई के लिए सिलेंडर आकार का एक उपकरण भी भेजा जा रहा है। कंपन मापने के लिए यान की मैकेनिकल आर्म सीस्मोमीटर को सतह पर स्थापित करेगी। इनसाइट के साथ छोटे आकार के दो सेटेलाइट (क्यूबसेट) भी लांच किए जा रहे हैं। वाल-ई और इव नामक ये दोनों सेटेलाइट मंगल के नजदीक से गुजरेंगे।
वैज्ञानिकों का कहना है कि 26 नवंबर को ग्रह के पास पहुंचने के बाद इनसाइट के साथ संपर्क स्थापित करने में इनकी भूमिका का परीक्षण किया जाएगा। अमेरिका एकमात्र ऐसा देश है जिसने मंगल पर अंतरिक्ष यान को उतारने व संचालित करने में सफलता हासिल की है। पहली बार 1976 में विकिंग्स यान लाल ग्रह पर उतारा गया था। इसके बाद 2004 में स्पिरिट व अपारच्युनिटी और 2008 में फीनिक्स रोवर मंगल ग्रह पर पहुंचे थे। फीनिक्स लाल ग्रह के ध्रुव पर पहुंचने में सफल रहा था। 2012 में क्यूरियोसिटी रोवर मंगल पर उतरा था।

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