उपभोक्ता परिषद के वेबीनार में उपभोक्ताओं का छलका दर्द कहा – एक मुस्त समाधान योजना कुछ जनपदों में, परिषद ने कहा बिजली कंपनियों का प्रबंधन व पावर कॉर्पोरशन प्रबंधन फ्रस्ट्रेशन की कार्रवाई से बाज आए
लखनऊ, 28 दिसंबर : उपभोक्ता परिषद के साप्ताहिक वेबीनार में आज विद्युत उपभोक्ताओं ने अपनी समस्याओं को रखा आज के वेबीनार में उपभोक्ताओं ने कहा अनेको जनपदों में एक मुस्त समाधान योजना जहां बकाएदार उपभोक्ताओं के लिए फायदेमंद साबित हो रही है। वहीं जो समय से बिजली का बिल जमा कर रहे हैं विद्दुत व्ययस्था आदर्श विद्युत उपभोक्ताओं के लिए बडी समस्या खडी कर रही है।
फिरोजाबाद से जुड़े जसराना के बरौली गांव के उपभोक्ता अंकित शर्मा ने कहा उनके गांव में 50 प्रतिशत विद्युत उपभोक्ता अपने बिजली का भुगतान कर रहे हैं और 50 प्रतिशत बिल समय से नहीं जमा कर रहे हैं ऐसे में क्षेत्रीय अभियंताओं द्वारा पूरे गांव की बिजली ट्रांसफार्मर से काट दी गई और उनका कहना है कि जब पूरा गांव अंधेरे में रहेगा तब एक मुस्त समाधान योजना का लाभ लेने आएगे। उन्होंने कहा कि गेहूं के साथ घुन भी पिस ही जाता है। अंकित शर्मा ने कहा उनके गांव में चार दिन से अंधेरा छाया हुआ है। इसी प्रकार से उपभोक्ता हरेंद्र कुमार ने भी अपनी बात रखते हुए कहा यह फिरोजाबाद में आम बात हो गई है। अलीगढ बलिया सहित अन्य जनपदों के विद्युत उपभोक्ताओं ने भी इस प्रकार की समस्या उठाई।
उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा वर्तमान में बिजली कंपनियां इस प्रकार से दबाव बना रही है कि समय से बिजली का बिल जमा करने वाले उपभोक्ता भी परेशान हो रहे हैं जो बहुत गंभीर मामला है प्रदेश की बिजली कंपनियों को आदर्श उपभोक्ताओं को पूरा संरक्षण देना ही होगा अन्यथा की स्थिति में उनके खिलाफ कडी कार्रवाई के लिए उपभोक्ता परिषद को संवैधानिक दायरे में विद्युत नियामक आयोग का दरवाजा खटखटाना पडेगा। पहले उपभोक्ता परिषद पावर कार्पोरेशन प्रबंधन से इस मुद्दे पर बात करेगा फिर आगे की कार्रवाई पर विचार करेगा।
उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष ने कहा बिजली कंपनियों की हालत यह हो गई है कि पहले बिजली कंपनियों के प्रबंध निदेशक व पावर कार्पोरेशन प्रबंधन अभियंताओं पर दबाव बनाकर एक मुस्त समाधान के लिए कार्रवाई करता है और उसका नतीजा यह होता है कि अभियंता एक मुस्त समाधान योजना में अपना रजिस्ट्रेशन बढाने के लिए पूरे गांव की बिजली काट दे रहे हैं जो पूरी तरीके से गलत है। उन्होंने कहा कि पावर कारपोरेशन को व बिजली कंपनियों को इस प्रकार की फ्रस्ट्रेशन की कार्रवाई से बाज आना चाहिए और गलत कार्रवाई पर पुनर्विचार करना चाहिए और कानून के दायरे में रहकर कार्रवाई को आगे बढना चाहिए।
प्रतापगढ से जुडे उपभोक्ता अनुराग माही ने कहा एक मुख्य समाधान योजना पर कोई भी उपभोक्ता जब पावर कॉरपोरेशन की वेबसाइट पर अपना बकाया देखना चाहता तो नहीं देख पा रहा है जिसकी वजह से बिजली दफ्तर में उपभोक्ताओं का उत्पीड़न हो रहा है।







