Close Menu
Shagun News India
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Monday, August 10
    Shagun News IndiaShagun News India
    Subscribe
    • होम
    • इंडिया
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • राजस्थान
    • खेल
    • मनोरंजन
    • ब्लॉग
    • साहित्य
    • पिक्चर गैलरी
    • करियर
    • बिजनेस
    • बचपन
    • वीडियो
    • NewsVoir
    Shagun News India
    Home»ब्लॉग»Hot issue

    योगीजी इलाहाबाद का गौरव लौटाएं

    By February 24, 2018Updated:February 24, 2018 Hot issue No Comments6 Mins Read
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Post Views: 594

    श्याम कुमार

    आजादी से पहले इलाहाबाद जितना भाग्यवान शहर था, आजादी के बाद उतना ही दुर्भाग्य का शिकार हो गया। वह तीर्थराज, अर्थात सभी तीर्थों का राजा माना जाता है और इसी से प्राचीन काल से उसकी महान धार्मिक केंद्र के रूप में प्रसिद्धि रही है। गोस्वामी तुलसीदास ने भी कहा है -‘को कहि सकै प्रयाग प्रभाऊ!’ राजनीति, शिक्षा, पत्रकारिता, विधि, संस्कृति आदि विभिन्न क्षेत्रों में भी इलाहाबाद पूरे देश का केंद्र-विन्दु रहा है। कभी स्वच्छता एवं सुन्दरता के मामले में पूरे देश में पुणे और इलाहाबाद की सर्वाधिक ख्याति थी। मेरे बचपन में इलाहाबाद की सड़कें नित्य धोई जाती थीं तथा नित्य नालियों की भलीभांति सफाई होती थी। उस समय एक अन्य सफाईकर्मी मशक में पानी भरे हुए उन नालियों की धुलाई भी करता चलता था। मच्छरों से मुक्ति थी तथा गरमी में लोग चैन से छत पर सोया करते थे। लेकिन आजादी के बाद इलाहाबाद दुर्भाग्य का शिकार होने लगा तथा इलाहाबाद से ईर्ष्या रखने वाले नेता इलाहाबाद का गौरव लखनऊ स्थानांतरित करने लगे। एक के बाद एक महत्वपूर्ण कार्यालय लखनऊ ले जाए गए। अब तो इलाहाबाद उपेक्षा का इतना अधिक शिकार हो चुका है कि उसे ‘अतिक्रमणों एवं ट्रैफिक जाम’ का शहर कहा जाने लगा है। वहां हर ओर गंदगी दिखाई देती है तथा अतिक्रमणों ने पूरे शहर को इस बुरी तरह अपनी गिरफ्त में जकड़ लिया है कि अधिकांश सड़कों पर चलने का रास्ता बड़ी मुश्किल से मिल पाता है।

    आजादी के बाद इलाहाबाद प्रदेश के कर्णधारों की उपेक्षा का चाहे जितना शिकार हुआ हो, लेकिन हर छह वर्ष पर आयोजित होने वाले महाकुम्भ एवं कुम्भ महापर्वों के रूप में ईश्वर ने प्रयागराज को ऐसी अनुपम निधि प्रदान की कि उसका महत्व कोई समाप्त नहीं कर सका। वहां प्रतिवर्ष एक मास तक माघ मेला आयोजित होेता है, जो उज्जैन व नासिक में होने वाले कुम्भ मेलों से कम महत्वपूर्ण एवं आभामय नहीं होता है। प्रयाग में माघ मेला संगम तट पर विशाल क्षेत्र में आयोजित होता है। सुप्रसिद्ध शायर अकबर इलाहाबादी ने कहा था- ‘ बढ़ा रहे हैं लखनऊ की शान, मगर वो गोमती को तो गंगा बना नहीं सकते।’

    कहावत है कि घूरे के दिन भी फिरते हैं। वैसे ही इलाहाबाद के लिए सौभाग्य की बात यह हुई है कि योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बन गए। योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने से जैसे इलाहाबाद के मृत शरीर में पुनः प्राण का संचरण हो गया है। उन्होंने इलाहाबाद के महत्व को समझा है और उसके सुन्दरीकरण एवं विकास की ओर अपना ध्यान केंद्रित किया है। यह भी इलाहाबाद का सौभाग्य है कि योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्रित्व काल में कुम्भ का आयोजन होने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरह योगी आदित्यनाथ में भी किसी भी अवसर को स्वर्ण अवसर में परिणत कर देने की प्रवृत्ति एवं अपार क्षमता विद्यमान है। इसीलिए वह प्रयागराज में कुम्भ का आयोजन जिस विशाल स्तर पर करने जा रहे हैं, उससे विश्व के उस सबसे बड़े धार्मिक समागम की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारी धूम मचेगी।
    मैं विगत दशकों से मांग कर रहा था कि चूंकि इलाहाबाद में हर छह वर्ष के उपरांत महाकुम्भ एवं कुम्भ का आयोजन होता है तथा हर साल विशाल माघ मेला वहां सम्पन्न होता है, इसलिए ‘प्रयागराज मेला प्राधिकरण’ का गठन किया जाना चाहिए। मेरा यह मत था कि उपर्युक्त मेलों के सिलसिले में इलाहाबाद में तमाम अस्थायी कार्य होते हैं, जिन पर भारी धनराशि व्यय होती है और उसमें जबरदस्त भ्रष्टाचार भी होता है। अतः ‘मेला प्राधिकरण’ गठित हो जाने से उस पर अंकुश लगेगा। अब तक मैंने सभी मुख्यमंत्रियों से ‘प्रयागराज मेला प्राधिकरण’ के गठन की मांग की थी, लेकिन मेरे सुझाव की प्रशंसा करने के बावजूद किसी ने उसे कार्यान्वित नहीं किया। पिछले महाकुम्भ के समय तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने तो मेरे सुझाव को कार्यान्वित करने का वादा किया था, किन्तु वह अपने वादे को भूल गए। राज्यपाल रामनाईक ने मेरे सुझाव का महत्व समझा व उसे आगे बढ़ाया। वर्तमान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सत्तारूढ़ हुए एक वर्ष भी नहीं हुआ है, किन्तु उन्होंने मेरे सुझाव के महत्व को समझकर ‘प्रयागराज मेला प्राधिकरण’ का गठन कर दिया और अधिसूचना जारी कर दी।

    प्रदेश के मुख्यमंत्री पद पर योगी आदित्यनाथ के आसीन होने से इलाहाबादवासियों को इस बात का पूरा विश्वास है कि वह न केवल आगामी कुम्भ को विश्व-इतिहास के भव्यतम मेले के रूप में सम्पन्न कराएंगे, बल्कि यह भी विश्वास है कि वह दीर्घकाल से उपेक्षित इलाहाबाद का पुनरुद्धार कराकर उसका पुराना गौरव वापस लौटाएंगे। यह सत्य है कि इलाहाबाद से राजधानी किसी भी आवश्यक औपचारिकता को पूरा किए बिना लखनऊ स्थानांतरित कर दी गई थी। इसी से प्रधानमंत्री के रूप में लालबहादुर शास्त्री ने अपने एक भाषण में घोषित किया था कि व्यवहार में (डिफैक्टो) भले ही लखनऊ उत्तर प्रदेश की राजधानी हो गई हो, किन्तु कानूनी तौर पर (डिज्यूरे) अभी भी इलाहाबाद प्रदेश की राजधानी है। हकीकत यह है कि व्यवहार में लखनऊ प्रदेश की राजधानी के रूप में इतनी प्रचलित हो चुकी है कि अब समय के पहिए को वापस पलटना मुश्किल है। लेकिन न्याय के प्रतिबिम्ब योगी आदित्यनाथ इतना तो कर ही सकते हैं कि इलाहाबाद के साथ अब तक जो भीषण अन्याय हुआ है, उसकी दूसरे रूप में प्रतिपूर्ति करें। उन्होंने प्रयागराज के आगामी कुम्भ को भव्यतम रूप में सम्पन्न कराने का सराहनीय संकल्प किया है, किन्तु इसके साथ उन्हें इलाहाबाद को अन्य रूपों में स्थायी तौर पर इतना अधिक विकसित करना चाहिए कि वह पुनः पूरे देश का केंद्र-विन्दु बन जाय।

    सर्वभौम भारत का अस्तित्व निर्मित करनेवाले अतिमहान नेता एवं देश के प्रथम उपप्रधानमंत्री सरदार पटेल इलाहाबाद को बहुत महत्व देते थे और वह इलाहाबाद को देश की राजधानी बनाना चाहते थे। वह सौभाग्य तो इलाहाबाद को मिल पाना अब सम्भव नहीं है, किन्तु योगी आदित्यनाथ विभिन्न प्रकार से इलाहाबाद को देश का अतिगौरवशाली एवं अतिविकसित नगर तो बना ही सकतेे हैं। उन्हें इलाहाबाद से अब कोई भी कार्यालय लखनऊ ले जाने पर कड़ाई से प्रतिबंध लगा देना चाहिए। आबकारी आदि अनेक विभागों के मुखिया अधिकारियों ने लखनऊ में ‘शिविर कार्यालय’ बनाकर अपना मुख्यालय हकीकत में लखनऊ बना लिया है। प्रदेश का पुलिस मुख्यालय कागज पर अभी भी इलाहाबाद में है, किन्तु धीरे-धीरे उसके सभी महत्वपूर्ण अंग व कार्य लखनऊ स्थानांतरित कर दिए गए हैं। उन सबको अविलम्ब इलाहाबाद वापस भेजा जाना चाहिए। विधानसभा का एक सत्र इलाहाबाद में आयोजित हुआ करे तथा मंत्रिपरिषद की कुछ बैठकें इलाहाबाद में हों। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अविलम्ब इलाहाबाद का नाम ‘प्रयागराज’ परिवर्तित कर देना चाहिए। इसके लिए मंत्रिपरिषद द्वारा निर्णय कराकर अतिशीघ्र अधिसूचना जारी कर दी जाय। साथ ही सरकार के इस निर्णय की केंद्र सरकार को भी जानकारी देते हुए अनुरोध किया जाना चाहिए कि वह भी इलाहाबाद का नाम ‘प्रयागराज’ परिवर्तित कर सभी केंद्रीय कार्यालयों में उक्त निर्णय कार्यान्वित करे।

    .लेखक वरिष्ठ पत्रकार है

    Keep Reading

    The Tricolour is a symbol of development, heritage, and India's pride and glory: CM Yogi.

    तिरंगा विकास, विरासत और भारत की आन-बान-शान का प्रतीकः सीएम योगी

    Deputy Chief Minister joins youth in 'Tiranga Yatra' in Lucknow; calls for hoisting the Tricolour at every home.

    तिरंगा हमारी आन-बान-शान का प्रतीक, हर घर तिरंगा बना राष्ट्रप्रेम का जनआंदोलन: केशव प्रसाद मौर्य

    चित्रकूट की रेल कनेक्टिविटी और मजबूत, दो एक्सप्रेस ट्रेनों का विलय

    Iron rod pierces 3-year-old Kartik’s head; private hospital demanded ₹15 lakh... KGMU doctor saved his life for just ₹25,000.

    3 साल के कार्तिक के सिर में घुसी लोहे की रॉड, निजी अस्पताल ने मांगे 15 लाख… KGMU के डॉक्टर ने सिर्फ 25 हजार में बचाई जान

    Barabanki to host ‘Varta-laap’ media workshop tomorrow; focus on identifying fake news and fact-checking.

    बाराबंकी में कल होगी मीडिया कार्यशाला ‘वार्तालाप’, फेक न्यूज की पहचान और फैक्ट-चेकिंग पर फोकस

    Foundation stone laid for a 5 MW solar park named after Kalpnath Rai in Mau; Minister says he will work as a party cadre for his son's election campaign.

    मऊ में कल्पनाथ राय के नाम पर 5 मेगावाट सोलर पार्क का शिलान्यास, मंत्री बोले- उनके बेटे के चुनाव में कार्यकर्ता बनकर काम करूंगा

    Comments are closed.

    Advertisment
    Google AD
    We Are Here –
    • Facebook
    • Twitter
    • YouTube
    • LinkedIn

    EMAIL SUBSCRIPTIONS

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    About



    ShagunNewsIndia.com is your all in one News website offering the latest happenings in UP.

    Editors: Upendra Rai & Neetu Singh

    Contact us: editshagun@gmail.com

    Facebook X (Twitter) LinkedIn WhatsApp
    Popular Posts
    The Tricolour is a symbol of development, heritage, and India's pride and glory: CM Yogi.

    तिरंगा विकास, विरासत और भारत की आन-बान-शान का प्रतीकः सीएम योगी

    August 10, 2026
    'Take 5 lakhs, just save my brother...' Kanwariya swept away by the Ganga's strong current; brother stood on the bank, pleading desperately.

    ‘5 लाख ले लो, बस मेरे भाई को बचा लो…’ गंगा की तेज धार में बह गया कांवड़िया, किनारे खड़ा भाई गिड़गिड़ाता रहा

    August 10, 2026
    Haryana’s Sakshi Chaudhary shines with Virat Kohli’s support; lands a 'golden punch' at the Commonwealth Games.

    विराट कोहली की मदद से चमक उठी हरियाणा की बेटी साक्षी चौधरी, कॉमनवेल्थ में मारा गोल्डन पंच

    August 9, 2026
    Deputy Chief Minister joins youth in 'Tiranga Yatra' in Lucknow; calls for hoisting the Tricolour at every home.

    तिरंगा हमारी आन-बान-शान का प्रतीक, हर घर तिरंगा बना राष्ट्रप्रेम का जनआंदोलन: केशव प्रसाद मौर्य

    August 9, 2026

    चित्रकूट की रेल कनेक्टिविटी और मजबूत, दो एक्सप्रेस ट्रेनों का विलय

    August 8, 2026

    Subscribe Newsletter

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    Privacy Policy | About Us | Contact Us | Terms & Conditions | Disclaimer

    © 2026 ShagunNewsIndia.com | Designed & Developed by Krishna Maurya

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

    Newsletter
    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading