इस कहानी का उद्देश्य किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं और न किसी प्रकार के अंधविश्वास को बढ़ावा देना है बल्कि उन अति उत्साही युवकों को आगामी खतरे से आगाह करना है, जो जूनून में कुछ भी जाने -अनजाने कुछ भी काम कर जाते हैं।
दोस्तों! कहानी कुछ इस प्रकार से शुरू होती है –
वैसे तो आपने बहुत से भूत- प्रेतों के किस्से सुने होंगे या अनुभव किये होंगे लेकिन यह किस्सा कुछ अलग है। काल बैसाखी की काली रात थी। बारिश काफी तेजी से गिर रही थी। एक सुनसान सड़क पर एक ट्रक आते दिखाई दे रहा था। ट्रक के अंदर दो लोग थे जिसमें जो ट्रक चला रहा था उसका नाम था उस्ताज विरेंद्र और उसके साथ जो था उसे उस्ताद, छोटू बुलाता था। दोनों बारिश का मजा लेते हुए गाना सुनते सुनते अपने मंजिल की ओर बढ़ रहे थे। तभी छोटू बोलता है उस्ताद जी कहीं ढाबा दिखे तो गाड़ी रोक देना बहुत जोरों से भूख लग रही है।
उस्ताद कहता है ठीक है लेकिन इस सुनसान सड़क पर ढाबा तो छोड़ो एक गाड़ी भी नहीं दिखाई दे रही है और मुझे जल्द से जल्द ही सामान समय पर मालिक के पास पहुंचाना है तभी अचानक सुनसान सड़क पर एक औरत दिखाई पड़ी जो उनसे लिफ्ट मांग रही थी। छोटू बोलता है उस्ताद जी गाड़ी रोक दो। कोई अकेली महिला है हालांकि वे ऐसी जगह पर ट्रक नहीं रोकते क्योंकि सामान चोरी होने का डर रहता है। मगर उस अकेली महिला से उन्हें कोई खतरा महसूस नहीं हो रहा था इसलिए गाड़ी रोक देते हैं तभी वह औरत गाड़ी में आ कर बैठती है हैरानी की बात तो यह थी कि इतनी बारिश में भी वह औरत बिल्कुल नहीं भीगी थी, मगर छोटू यह ध्यान न देकर उसके हाथ में टिफिन देखा और बोला उसमें क्या है कि वह औरत बोलती है घर से निकलते वक्त थोड़ा खाना ले लिया था। आपको खाना है तो खा सकते हैं फिर छोटू बोला – वाह! क्या बात है और मुझे इतनी भूख लगी है मैं चाहूं तो भी मना नहीं कर सकता। फिर वह उस्ताद से कहते हैं चलो खाना खा लेते हैं। उस्ताज कहता है मुझे भूख नहीं लगी है। तुम ही खा लो फिर छोटू खाना खाने लगता है थोड़ी देर गाड़ी चलाने के बाद वह औरत बोली – साहब यहीं छोड़ दीजिए। मेरा घर यही पास में है फिर धन्यवाद बोल कर चली जाती है।

थोड़ा गाड़ी आगे जाने पर अचानक से छोटू की तबीयत खराब हो जाती है उस्ताद घबरा जाता है और उसे आगे की ढाबा दिखाई देता है वह गाड़ी वहीं रोक देता है और छोटू को लेकर एक खटिया में सुला देता है छोटू पेट के दर्द के कारण जोर-जोर से कराने लगता है तभी वहां बैठे एक आदमी कहता है इसे नींबू पानी पिला दो थोड़ा आराम मिलेगा फिर उस्ताद से नींबू पानी बनाकर पिला देता है जैसे छोटू नींबू पानी पीता है वैसे ही वह उल्टी कर देता है उस्ताद देख कर हैरान हो जाता है क्योंकि जहाँ छोटू उल्टी करता है वहां पर कच्चे मांस के टुकड़े होते हैं और उसमें से अजीब बदबू आती है मानो औरत छोटू को सड़े गले मास खिलाई हो तभी उसका उस्ताज उस आदमी से बोलता है कि आपको कैसे पता कि यह कुछ गलत चीज खाया है और नींबू पानी पिलाने से ठीक हो जाएगा फिर वह आदमी बोलता है अब तो यह नहीं बचने वाला और मैंने तुम्हें नींबू पानी पिलाने के लिए इसलिए कहा क्योंकि मैं तुम्हें दिखाना चाहता है कि उस चुड़ैल से लेकर यह क्या खाया है फिर बोलता है लगभग हफ्ते में ऐसे बहुत सारे लोग उस चुड़ैल का शिकार हो ही जाते हैं।
उस आदमी के कहे मुताबिक छोटू की मृत्यु हो जाती है इससे उस्ताज बहुत उदास रहने लगता है क्योंकि छोटू का उसके अलावा इस दुनिया में और कोई नहीं था। जब उस्ताद उस सड़क के बारे में छानबीन किया तो पता चला वह चुड़ैल पहले औरत ही थी। एक बार की रात उसके बच्चे भूखे होने के कारण वह आस-पास के गाड़ियों से काफी मदद मांगी। मगर किसी ने उसकी सहायता नहीं की जिसके कारण उसके बच्चे की मौत हो जाती है और यह सदमा वह बर्दाश्त नहीं कर पाती है जिससे उसकी भी मौत हो जाती है फिर वह बदला लेने के लिए आज भी उस सड़क पर प्रेत बनकर घूम रही है और अभी तक कई रहा चलते जाहा गिरोह की जान भी ले चुकी है।
इस हाईवे पर दिखती है सफ़ेद साडी में एक अदृश्य महिला
भारत के हाईवे पर कई खौफनाक और कथित तौर पर सच्ची हॉरर कहानियाँ प्रचलित हैं, जो स्थानीय लोगों और यात्रियों के अनुभवों पर आधारित हैं। हालाँकि भूतिया घटनाओं को पूरी तरह वैज्ञानिक रूप से सिद्ध करना मुश्किल है, कुछ कहानियाँ इतनी प्रसिद्ध हैं और बार-बार दोहराई गई हैं कि इन्हें स्थानीय स्तर पर सच माना जाता है। ऐसी ही एक कहानी है ईस्ट कोस्ट रोड (ECR) की, जो चेन्नई और पुडुचेरी को जोड़ने वाला हाईवे है।
क्या है ईस्ट कोस्ट रोड (ECR) की डरावनी कहानी :
महसूस करें कि आप रात के अंधेरे में इस हाईवे पर गाड़ी चला रहे हैं। चारों तरफ सन्नाटा है, सिर्फ समुद्र की लहरों की आवाज़ आ रही है। अचानक आपकी हेडलाइट में एक सफेद आकृति दिखती है। आप ब्रेक लगाते हैं, लेकिन वह आकृति गायब हो जाती है। फिर कुछ सेकंड बाद वह आपकी गाड़ी के ठीक सामने खड़ी होती है, उसका चेहरा धुँधला और आँखें खाली। आपकी साँसें रुक जाती हैं, और गाड़ी का इंजन अपने आप बंद हो जाता है। तब आपकी स्थिति कैसी होगी !

बता दें कि ईस्ट कोस्ट रोड, जिसे स्टेट हाईवे 49 भी कहा जाता है, तमिलनाडु में स्थित एक खूबसूरत लेकिन रहस्यमयी सड़क है। यह हाईवे दिन में तो शांत और सुंदर दिखता है, लेकिन रात के समय यहाँ की कहानियाँ इसे डरावना बना देती हैं। यहाँ एक सफेद साड़ी पहने महिला का भूत देखे जाने की घटनाएँ सबसे ज्यादा मशहूर हैं।
घटना और समय: देर रात, खासकर आधी रात के बाद और स्थान: चेन्नई और पुडुचेरी के बीच का सुनसान इलाका।
क्या दिखता है : कई ड्राइवरों ने बताया है कि एक सफेद साड़ी पहनी महिला अचानक सड़क पर प्रकट होती है। वह कभी गाड़ी के सामने खड़ी हो जाती है तो कभी सड़क किनारे दिखाई देती है। इसके बाद ड्राइवर का ध्यान भटक जाता है, और कई बार दुर्घटना हो जाती है।
लोगों का अपने अनुभव के आधार पर कहना है कि महिला के दिखने के बाद हवा ठंडी हो जाती है, और कुछ को ऐसा लगता है जैसे सड़क संकरी हो रही हो। कुछ ड्राइवरों ने अजीब सी कंपकंपी और डर का अनुभव भी बताया है।
दुर्घटनाओं का रिकॉर्ड: इस हाईवे पर रात में होने वाली दुर्घटनाओं की संख्या सामान्य से अधिक है। स्थानीय पुलिस और सड़क सुरक्षा रिपोर्ट्स में इन हादसों का उल्लेख है। कुछ ने इसे अपने कैमरे में रिकॉर्ड करने का दावा भी किया है, हालाँकि ऐसी तस्वीरें सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं हैं। आसपास के गाँवों के लोग और नियमित यात्री इस घटना की पुष्टि करते हैं।






