किसान फर्जी खाता: महाराष्ट्र में कम से कम 10 लाख फर्जी बैंक खाते हैं : पाटिल

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किसानों के करीब 10 लाख बैंक खाते फर्जी हैं, जिनमें ज्यादातर को बैंकों या क्रेडिट सोसाइटी ने कर्ज की रकम दूसरे मद में ले जाने के लिए खोला था। अब इस नये सॉफ्टवेयर के साथ हम उन वास्तविक किसानों का पता लगाने में सक्षम हैं जिनके पास असल में कुछ कृषि भूमि है और जिन्होंने कुछ कर्ज ले रखा है 


मुंबई, 12 सितंबर। महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने आज कहा कि किसानों के कम से कम 10 लाख बैंक खाते फर्जी हैं और इन्हें कर्ज माफी से कोई फायदा नहीं मिलेगा।
पाटिल ने दावा किया कि कर्ज की राशि को दूसरे मद में ले जाने के लिए इन खातों में ज्यादातर को बैंकों या क्रेडिट सोसाइटी ने पहले से खोल रखा है।
कर्ज माफी के आकलन के लिए सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल और किसानों की अर्जी के बारे में पूछे जाने पर पाटिल ने कहा, पिछले आकलन के मुताबिक करीब 89 लाख किसानों को कर्ज माफी योजना से फायदा होने की उम्मीद है।
उन्होंने कहा, अब हमने महसूस किया है कि किसानों के करीब 10 लाख बैंक खाते फर्जी हैं, जिनमें ज्यादातर को बैंकों या क्रेडिट सोसाइटी ने कर्ज की रकम दूसरे मद में ले जाने के लिए खोला था। अब इस नये सॉफ्टवेयर के साथ हम उन वास्तविक किसानों का पता लगाने में सक्षम हैं जिनके पास असल में कुछ कृषि भूमि है और जिन्होंने कुछ कर्ज ले रखा है।
मंत्री ने बताया कि फर्जी खातों में कुछ सूचना उपलब्ध नहीं हैं जैसे कि भूमि का वास्तविक क्षेत्रफल, सहायक दस्तावेज, बैंक खाते और अन्य चीजें। चूंकि सॉफ्टवेयर विस्तृत सूचना की मांग करता है, इसलिए हमें यह पता चला है कि करीब 10 लाख बैंक खाते फर्जी हैं। इसलिए उन्हें कर्ज माफी का कोई फायदा नहीं मिलेगा।
पाटिल ने कहा कि इस मुद्दे को राजनीतिक रंग दिया जा सकता है और सरकार कर्ज माफी के मुद्दे पर एक बार फिर से आलोचना का सामना कर सकती है।
उन्होंने कहा, अब से पहले, कर्ज लेने के लिए इस तरह के फर्जी खातों का नियमित रूप से इस्तेमाल होता था। राज्य सरकार के हस्तक्षेप के साथ हम अपनी प्रणाली में इस तरह के लीकेज को बंद करना चाहते हैं। इसलिए हमने इस तरह का सख्त फैसला लिया। सरकार वास्तविक किसानों की मदद करना चाहती है।
गौरतलब है कि महाराष्ट्र सरकार ने 34,000 करोड रूपये की कर्ज माफी की जून में घोषणा की थी।