वाशिंगटन, 26 जून राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भारत को होने वाले अमेरिकी निर्यात के रास्ते में आने वाली बाधाओं को दूर करने के लिये और कदम उठाने को कहा है। साथ ही दोनों नेताओं ने भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों को आगे बढाने तथा संतुलित बनाने पर संकल्प जताया।
बैठक के बाद मोदी के साथ मीडिया से बातचीत में ट्रम्प ने कहा कि भारत-अमेरिका का व्यापार संबंध न्यायोचित और बराबरी पर आधारित होना चाहिए।
उन्होंने कहा, ‘ ‘यह महत्वपूर्ण है कि आपके बाजार में अमेरिकी सामानों के निर्यात के रास्ते में आने वाली बाधाओं को दूर किया जाए और हम आपके देश के साथ व्यापार घाटे को कम कर सके।
अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि यूएसटीआर के तहत भारत, अमेरिका का नौवां सबसे बडा व्यापार सहयोगी है। पिछले साल दोनों देशों के बीच वाणिज्यिक वस्तुओं व्यापार 67.7 अरब डालर का था। दोनों देशों के बीच व्यापार भारत के पक्ष में है और 24 अरब डालर अधिशेष है।
हालांकि चीन की तुलना में यह आंकडा कुछ भी नहीं है। अमेरिका के साथ चीन का व्यापार अधिशेष 347 अरब डालर है।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने भारत में माल एवं सेवा कर जीएसटी की नयी व्यवस्था की सराहना करते हुए इसको भारतीय इतिहास का सबसे बडा कर सुधार बताया और कहा कि वह भी अपने यहां नीतियों और कार्यकर्मो में सुधार करने में लगे हैं।
भारत में जीएसटी एक जुलाई से लागू किया जा रहा है।
ट्रम्प ने कहा, ‘ ‘मैं अपने दोनों देशों (अमेरिका और भारत) में रोजगार के नए अवसर सृजित करने, आर्थिक वृद्धि और दोनों के बीए एक ऐसा व्यापार संबंध बनाने के लिए आप के साथ मिल कर काम करना चाहता हूं जो न्यायोचित और बराबरी पर आधारित हो। ‘ ‘
राष्ट्रपति ट्रम्प ने भारतीय बाजार में अमेरिकी माल के प्रवेश की राह में कथित बाधाएं दूर किए जाने पर बल देते हुए कहा कि ऐसा करना और परस्पर व्यापार में अमेरिकी व्यापार घाटे को कम करना ‘महत्वपूर्ण ‘ है।
जुलाई से भारत में लागू की जाने वाली जीएसटी प्रणाली की प्रशंसा में अमेरिकी राष्ट्रपति ने मोदी को संबोधित करते हुए कहा कि यह ‘आपके देश के इतिहास का सबसे बडा कर सुधार है। उन्होंने कहा, ‘हम भी ऐसा ही कर रहे हैं। हम अपने नागरिकों के लिए नए अवसर पैदा कर रहे हैं। आपने मोदी बुनियादी ढांचे को सुधारने का बडा सपना संजो रखा है। आप सरकारी तंत्र में भ्रष्टाचार से लड रहे हैं। लोकतांत्र्ािक व्यवस्था के लिए भ्रष्ट्राचार हमेशा से ही एक गंभीर खतरा रहा है। ‘
अमेरिकी राष्ट्रपति ने एक भारतीय एयरलाइन से अमेरिकी कंपनी को मिले 100 हवाई जहाजों की खरीद के आर्डर पर प्रसन्नता प्रकट की। उन्होंने इसे अपनी तरह का सबसे बडा व्यावसायिक सौदा बताया और कहा कि इससे अमेरिका में रोजगार के हजारों नए अवसर उत्पन्न होंगे।
ट्रम्प ने कहा कि उनकी सरकार भारत को र्इंधन की आपूर्ति की व्यवस्था किए जाने पर भी विचार कर रही है। तेजी से फैल रही भारत की अर्थव्यवस्था को इसकी जरूरत है। इसके तहत भारत को दीर्घावधिक अनुबंधों के आधार पर गैस की आपूर्ति किए जाने की बात है। ‘इस समय इस पर वार्तांए चल रही हैं और हम इसपर हस्ताक्षर जरूर करेंगे। हमारी कोशिश है कि दाम थोडा और अच्छा मिल जाए। ‘
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