वॉशिंगटन की नीतियों में बदलाव की उम्मीद बेमानी’, ईरानी नेतृत्व ने चेताया
नई दिल्ली/तेहरान: अमेरिका के हालिया मध्यावधि चुनावों में रिपब्लिकन पार्टी को मिली करारी शिकस्त के बाद अंतरराष्ट्रीय राजनीति में चर्चाएं तेज हो गईं थीं कि इसका असर ईरान के साथ कूटनीतिक संबंधों पर भी पड़ सकता है.
हालांकि, इन तमाम अटकलों पर विराम लगाते हुए ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई ने दो टूक शब्दों में स्पष्ट कर दिया है कि अमेरिकी राजनीतिक समीकरणों के बदलने से तेहरान की रक्षा और विदेश नीति पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा. ईरान की
मीडिया रिपोर्ट और सरकारी समाचार एजेंसी ‘इरना’ के हवाले से सामने आए इस बयान में खामेनेई ने दो-टूक कहा कि वॉशिंगटन की मौजूदा सत्ता संरचना में चाहे जितने भी आंतरिक झटके या बदलाव आएं, लेकिन अमेरिकी प्रशासन के रवैये में किसी भी तरह के सकारात्मक सुधार की उम्मीद करना मूर्खता होगी.
उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि यदि किसी को यह गलतफहमी है कि राजनीतिक दलों के आपसी समीकरण बदलने से ईरान के प्रति अमेरिका की पारंपरिक शत्रुता कम हो जाएगी, तो वह बहुत बड़ी भूल कर रहा है. ईरानी सुप्रीम लीडर ने दोहाराया कि देश के हितों से समझौता करने या अमेरिकी दबाव के आगे झुकने का कोई सवाल ही पैदा नहीं होता है.







