लखनऊ । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उप्र सरकार अपराधियों के प्रति सख्त रवैया अपना रही है। सरकार ने अपराधियों के विरूद्ध जो अभियान छेड़ रखा है और उसका असर यह है कि अपराधियों ने या तो प्रदेश छोड़ दिया है या वे अपनी जमानत कैंसिल करवाकर वापस जेल चले गए, क्योंकि अब उन्हें कानून का डर है। मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि पिछली सरकारों ने अपराधियों को संरक्षण दिया और अपने उद्देश्यों को पूरा किया। उन्होंने कहा कि अपराधियों की जगह जेल में है, उन्हें वहीं भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि हमारा मकसद प्रदेश में कानून का राज स्थापित करना और लोगों को सुरक्षा प्रदान करना है।
मुख्यमंत्री योगी शनिवार को यहां एक निजी कार्यक्रम में पहुंचे हुए थे। उन्होंने इस मौके पर कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केन्द्र सरकार की तरह राज्य सरकार भी ‘सबका साथ, सबका विकास’ के सिद्धान्त पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने ‘संकल्प से सिद्धि’ मंत्र को अपनाते हुए वर्ष 2022 तक एक ऐसे भारत के निर्माण का संकल्प लिया है, जो सभी विषमताओं से मुक्त हो।
यह नया भारत गरीबी, भ्रष्टाचार, आतंकवाद, सम्प्रदायवाद और जातिवाद से मुक्त होगा। वर्ष 2022 में जब देश स्वतंत्रता की 75वीं वर्षगांठ मना रहा होगा, तब तक सभी परिवारों को सारी आवश्यक बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध करा दी जाएंगी, जो जीवन-यापन के लिए आवश्यक हैं। राज्य सरकार इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए काम कर रही है। वहीं एक प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं की सुरक्षा के प्रति अत्यन्त संवेदनशील है और पूरे प्रदेश में ऐसा माहौल बनाना चाहती है, जिसमें महिलाएं सुरक्षित महसूस करें। उन्होंने कहा कि महिलाओं से राह चलते अभद्रता करने वाले तत्वों से सख्ती से निपटा जाएगा। घरेलू हिंसा रोकने की दिशा में भी राज्य सरकार काम कर रही है। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने विभिन्न क्षेत्रों में अपनी सरकार द्वारा उठाये गए कदमों और योजनाओं का ब्यौरा भी दिया।






