नई दिल्ली । दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने 2जी स्पेक्ट्रम और आदर्श घोटाले के सभी आरोपियों के बरी होने पर इसे कांग्रेस-भाजपा के बीच सांठगांठ का नतीजा बताया। केजरीवाल ने आदर्श घोटाला मामले में हाईकोर्ट द्वारा केस चलाए जाने की मांग को खारिज करने के बाद किए ट्वीट में यह बात कही। उल्लेखनीय है कि इस मामले में अशोक चव्हाण को आरोपी बनने के लिए महाराष्ट्र के राज्यपाल के फैसले को मुंबई हाईकोर्ट ने शुक्रवार को नामंजूर कर दिया था।
केजरीवाल ने अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट से लिखा ‘2जी के बाद, भाजपा सरकार ने अब कांग्रेस को आदर्श घोटाले में क्लीन चिट दे दी है। इससे पहले केजरीवाल ने अपने पुराने साथी और वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण का ट्वीट रीट्वीट किया था, जिसमें प्रशांत भूषण ने लिखा था 2जी के बाद अब आदर्श स्कैम से भी कांग्रेस के लिए अच्छी ख़बर। हाईकोर्ट ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण के ख़िलाफ़ मुक़द्दमा चलाने की राज्यपाल की मंज़ूरी को ख़ारिज कर दिया है। मतलब आदर्श घोटाला भी नहीं हुआ?
ज्ञात हो कि 22 दिसंबर को बॉम्बे हाईकोर्ट ने इस घोटाले में महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण पर मुकदमा चलाने की राज्यपाल की मंजूरी को रद्द कर दिया। चव्हाण ने इस मामले में महाराष्ट्र के राज्यपाल सी. विद्यासागर राव द्वारा सीबीआई को उन पर मुकदमा चलाए जाने की अनुमति देने के फैसले को चुनौती दी थी। राज्यपाल ने पिछले साल फरवरी अशोक चव्हाण पर भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के साथ आपराधिक साजिश और धोखाधड़ी से संबंधित आइपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा चलाने को मंजूरी दी थी।
इससे पहले केजरीवाल ने 2जी स्पेक्ट्रम मामले में सभी आरोपियों के बरी किए जाने पर भी केंद्र की भाजपा सरकार पर सवाल उठाए थे। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सीबीआई कोर्ट के फैसले पर आश्चर्य जताया था और सवालिया लहजे में एक ट्वीट किया। केजरीवाल ने पूछा कि यूपीए का पतन कराने वाले इस घोटाले की जांच में क्या सीबीआई ने जानबूझकर गड़बड़ की है? आपको बता दें कि 2जी स्पेक्ट्रम मामले में 21 दिसंबर को विशेष अदालत ने पूर्व संचार मंत्री ए राजा और द्रमुक नेता कनिमोझी सहित इसके सभी आरोपियों को बरी कर दिया। अदालत ने फैसला सुनाते हुए कहा कि अभियोजन पक्ष इस केस में आरोपियों के खिलाफ आरोप साबित कर पाने में बुरी तरह विफल रहा है।
Keep Reading
Add A Comment







