TET मामले में महारैली में एक लाख शिक्षक यूपी से जाएंगे
लखनऊ, 9 नवंबर 2025: उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ की कार्यसमिति और जनपदीय पदाधिकारियों की संयुक्त बैठक में बड़ा फैसला लिया गया। सुप्रीम कोर्ट के 1 सितंबर 2025 के आदेश, जिसमें सेवा में बने रहने के लिए सभी शिक्षकों को टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा) पास करना अनिवार्य किया गया है, के खिलाफ पूरे देश के शिक्षक एकजुट हो रहे हैं। टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (टीएफआई) के बैनर तले 5 दिसंबर 2025 को दिल्ली के रामलीला मैदान में विशाल महारैली का आयोजन होगा, जिसमें देशभर से करीब 2 लाख शिक्षक शामिल होंगे। अकेले उत्तर प्रदेश से 1 लाख शिक्षक दिल्ली पहुंचेंगे।

बैठक की अध्यक्षता संघ के अध्यक्ष डॉ. दिनेश चंद्र शर्मा ने की, जबकि संचालन महामंत्री संजय सिंह ने किया। बैठक में डॉ. शर्मा को टीएफआई का राष्ट्रीय अध्यक्ष निर्वाचित होने पर बधाई दी गई। डॉ. शर्मा ने कहा, “सुप्रीम कोर्ट में कानूनी लड़ाई के साथ-साथ हम भारत सरकार और एनसीटीई से टीईटी की अनिवार्यता खत्म करने की मांग करेंगे। यह शिक्षकों के हितों पर हमला है।” उन्होंने बताया कि यूपी के हर जनपद में ब्लॉकवार शिक्षकों की संख्या तय कर दी गई है और ब्लॉक पदाधिकारियों को बसों व परिवहन की जिम्मेदारी सौंपी गई है। अब तक 14 राज्यों के संगठन टीएफआई से जुड़ चुके हैं, और सभी से भारी तादाद में शिक्षक दिल्ली आएंगे।

महामंत्री संजय सिंह ने जोर देकर कहा, “कार्यरत शिक्षकों पर टीईटी थोपना अन्याय है। 5 दिसंबर की महारैली में यूपी के हर विकासखंड से निर्धारित संख्या में शिक्षक अनिवार्य रूप से पहुंचेंगे। यह आंदोलन शिक्षक समुदाय की एकता का प्रतीक बनेगा।”
बैठक में कोषाध्यक्ष शिव शंकर पांडे, वरिष्ठ उपाध्यक्ष राधे रमण त्रिपाठी, संयुक्त महामंत्री देवेंद्र कुमार श्रीवास्तव सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे। संघ ने सभी शिक्षकों से रैली में सक्रिय भागीदारी की अपील की है। यह महारैली शिक्षक आंदोलन की दिशा तय करेगी।







