Close Menu
Shagun News India
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Saturday, August 22
    Shagun News IndiaShagun News India
    Subscribe
    • होम
    • इंडिया
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • राजस्थान
    • खेल
    • मनोरंजन
    • ब्लॉग
    • साहित्य
    • पिक्चर गैलरी
    • करियर
    • बिजनेस
    • बचपन
    • वीडियो
    • NewsVoir
    Shagun News India
    Home»ब्लॉग»Current Issues

    संस्कृत में सार्थक हुई चरैवेति चरैवेति

    By March 27, 2018Updated:March 27, 2018 Current Issues 1 Comment5 Mins Read
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Post Views: 762
    डॉ. दिलीप अग्निहोत्री
    उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक की चर्चित पुस्तक संस्कृत में अनुवाद के बिना अधूरी थी। क्योंकि यह शब्द मूलतः संस्कृत साहित्य के है। इनके पीछे संपूर्ण जीवन दर्शन छिपा है। प्रत्येक व्यक्ति इससे प्रेरणा ले सकता है। राम नाईक ने अपने जीवन में चरैवेति चरैवेति पर अमल किया। उम्र के इस पड़ाव पर उनकी यह यात्रा जारी है। इसमें प्रेरणा के तत्व है। संस्कृत के अथाह साहित्य में इस आधुनिक पुस्तक की भी गणना होगी। जीवन चरैवेति चरैवेति  कैसे होता है, इसका भाव जागृत होता है। राम नाईक ने पुस्तक के प्रारंभ में ही इन सूक्तियों का उल्लेख किया है। उन्होंने लिखा-प्राचीन वांग्मय की सूक्तियों में जीवन के लिए उपयुक्त दर्शन बताया गया है। ऐतरेय की सूक्तियों में एक जगह उल्लेख है कि एक राजा को आत्मोन्नति का बोध करने हेतु इंद्र देवता ने मनुष्य का रूप धारण किया था। अच्छे भाग्य का अधिकारी बनने के लिए सतत चलते रहने का उपदेश देते हुए इंद्र कहते है –
    आस्ते भग आसिनस्य
    ऊर्ध्वंम तिष्ठति तिष्ठतः
    शेते  निपद्य  मानस्य
    चराति चरतो भग:!
    चरैवेति चरैवेति!!
    बैठे हुए व्यक्ति का भाग्य बैठ जाता है।
    खड़े हुए व्यक्ति का भाग्य वृद्धि की ओर उन्मुख होता है।
    सो रहे व्यक्ति का भाग्य भी सो जाता है
    किन्तु चलने वाले व्यक्ति का भाग्य प्रतिदिन बढ़ता जाता है,
    अतः तुम चलते रहो !चलते रहो!!
    उदहारण के रूप में इंद्र  आगे ,
    बताते है,
    चरनवो  मधुविन्दति
    चरनस्वा दुमुदुम्बरम
    सूर्यस्यपश्य  श्रेमाण
    यो न तन्द्रयते चरश
    चरैवेति ! चरैवेति!!
    मधु मक्खियां घूम घूम कर शहद जमा करती है
    पक्षी  मीठे फल खाने के लिए सदा भृमण करते है
    सूरज कभी सोता नहीं
    चलता रहता है
    इसलिए जगतवन्दनीय है
    अतः है मानव तुम भी
    चलते रहो! चलते रहो !!
    इस उल्लेख के बाद राम नाईक ने अपने  संस्करण का वर्णन किया है। उनका प्रत्येक लेख चरैवेति चरैवेति को ही चरितार्थ करते है। ये लेख उन्होंने मराठी साकाळ समाचार पत्र में प्रकाशित हुए थे। राम नाईक के अलावा महाराष्ट्र के दो पूर्व मुख्यमंत्री शरद पवार, मनोहर जोशी, और सुशील कुमार शिंदे के भी लेख प्रकाशित हुए थे।
    इसमें राम नाईक ने प्रारंभिक जीवन के अलावा अपने व्यक्तिगत और सामाजिक जीवन की प्रमुख घटनाओं  का उल्लेख  किया है।  अपने लिये  घर की तलाश में भी चरैवेति चरैवेति झलकता है। दर्जनों मकान बदलने के बाद सोसायटी के एक मकान नसीब हुआ। इसके बारे में राम नाईक लिखते है कि राजभवन के स्नानागार मुम्बई के घर के कमरों से बड़े है।  लेकिन ये भी उन्हें कार्य करने की प्रेरणा देता है। इसमें इनकी आसक्ति नहीं है। उन्हें लोगों के बीच रहना अच्छा लगता है। तीन बार विधायक, पांच बार  लोकसभा सदस्य, केंद्र में  रेल राज्य मंत्री, पेट्रोलियम विभाग में कैबिनेट मंत्री रहे। यह पेट्रोलियम क्षेत्र का स्वर्ण युग था।
    अब इसका न केवल संस्कृत में अनुवाद हुआ, बल्कि इसका लोकार्पण भी बहुत गरिमापूर्ण रहा। इसके लिए भारत के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद स्वयं काशी आये। मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ के साथ उन्होंने  चरैवेति चरैवेति के सस्कृत  संस्करण का लोकार्पण किया। इस पुस्तक को सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी के पूर्व कुलपति प्रो. अभिराज राजेन्द्र मिश्र द्वारा अनुवादित किया गया है। प्रस्तावना वरिष्ठ कांग्रेसी नेता एवं पूर्व राज्यसभा सदस्य डाॅ. कर्ण सिंह ने लिखी है।
    राम नाईक के संस्मरणों पर आधारित मूल मराठी पुस्तक अब तक हिन्दी, अंग्रेजी, उर्दू एवं गुजराती भाषाओं में अनुवाद  हो चुका  है।
     Image result for चरैवेति चरैवेति
    मराठी भाषी संस्करण का विमोचन महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री श्री देवेन्द्र फडणवीस ने दो वर्ष पहले मुंबई में किया था।    इसके सात महीने बाद हिन्दी, अंग्रेजी, उर्दू तथा गुजराती संस्करणों का लोकार्पण राष्ट्रपति भवन नई दिल्ली में में किया गया। इसके कुछ दिन के अंतराल में लखनऊ के राजभवन और मुम्बई में लोकार्पण हुआ। शीघ्र ही राज्यपाल के संस्मरण संग्रह का बंगाली, सिंधी, तमिल सहित अरबी एवं फारसी भाषा में भी प्रकाशन किए जाने के प्रस्ताव प्राप्त हुए।
    संस्कृत संस्करण के लोकार्पण समारोह में रामनाथ कोविंद, राम नाईक और योगी आदित्यनाथ ने चरैवेति ,चरैवेति को  रेखांकित किया। राम नाईक कहा कि निरन्तर कर्म करते रहने से ही जीवन में सफलता प्राप्त होती है। उन्हें संसद में राष्ट्रगान ‘जन-गण-मन’ एवं राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के गायन, सांसद निधि की शुरूआत कराने, मुंबई को उसका असली नाम दिलाने, मुंबई में दो तल के शौचालय बनवाने एवं महिलाओं के लिए किये गये कार्यों से बहुत समाधान है।   राष्ट्रपति  राम नाथ कोविन्द ने कहा कि श्री नाईक की पुस्तक ‘चरैवेति! चरैवेति!!’ निरन्तर गतिशील रहने का संदेश देती है। उनकी आत्मीयता, नेतृत्व क्षमता, कार्य कुशलता एक विशेष छाप छोड़ती हैं। उन्होंने कुष्ठ पीड़ितों, मछुआरों और महिलाओं के लिए बहुत कार्य किया है। मुंबई में पहली महिला ट्रेन का शुभारम्भ श्री नाईक द्वारा किया गया। वह सफलता और असफलता से प्रभावित हुए बिना निरन्तर कार्य करते हैं। योगी आदित्यनाथ ने भी कहा कि राम नाईक का जीवन अपने आप में चरैवेति चरैवेति की प्रेरणा देता है।
    निश्चित ही इस पुस्तक का संस्कृत में अनुवाद सार्थक रहा। संस्कृति के धरातल पर इसका व्यापक विश्लेषण किया जा सकेगा। क्योकि इसमें केवल घटनाएं ही नहीं विचार, साधन और साध्य सभी प्रेरणा देने वाले है।
    .लेखक वरिष्ठ पत्रकार है

    Keep Reading

    A spine-chilling, mysterious incident on the stairs in Ghaziabad: A person riding a cat or a black buffalo?

    गाजियाबाद में सीढ़ियों पर रोंगटे खड़े कर देने वाली रहस्यमयी घटना: बिल्ली या काले भैंसे पर सवार व्यक्ति?

    सिद्धांतों की बलिवेदी में सत्ता का बलिदान देने वाला जननायक

    Trump Trapped in a Labyrinth: US President's Mounting Difficulties Amid the Maze of an Iran War

    चक्रव्यूह में फंसे ट्रंप: ईरान युद्ध की भूलभुलैया में अमेरिकी राष्ट्रपति की बढ़ती मुश्किलें

    हरियाली तीज पर महिलाओं ने मनाया रंगारंग उत्सव

    CM Yogi launches a scathing attack on the opposition, saying, "Earlier, there was no development in UP; instead, riots used to take place."

    सीएम योगी का विपक्ष पर करारा हमला‘ कहा : पहले यूपी में विकास नहीं, दंगे होते थे’

    Farmers' organizations extend support against the disarray in schools; children's protest intensifies.

    स्कूलों की अव्यवस्था के खिलाफ मिला किसान संगठनों का साथ, बच्चों का आंदोलन तेज

    Leave A Reply Cancel Reply

    Advertisment
    Google AD
    We Are Here –
    • Facebook
    • Twitter
    • YouTube
    • LinkedIn

    EMAIL SUBSCRIPTIONS

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    About



    ShagunNewsIndia.com is your all in one News website offering the latest happenings in UP.

    Editors: Upendra Rai & Neetu Singh

    Contact us: editshagun@gmail.com

    Facebook X (Twitter) LinkedIn WhatsApp
    Popular Posts
    Ayushmann Khurrana's visit to Jalna A message of child safety and a secure childhood.

    आयुष्मान खुराना की जालना यात्रा : बच्चों की सुरक्षा और सुरक्षित बचपन का संदेश

    August 21, 2026
    Slapped for not doing homework, 6-year-old child dies in the classroom.

    होमवर्क न करने पर थप्पड़, कक्षा में ही 6 साल के बच्चे की मौत

    August 21, 2026
    Insistence on a mobile phone leads to family tragedy; three die after falling from a hill in Chhatrapati Sambhajinagar.

    मोबाइल की जिद में उजड़ा पूरा परिवार, छत्रपति संभाजीनगर की पहाड़ी से गिरकर तीन मौतें

    August 21, 2026
    A spine-chilling, mysterious incident on the stairs in Ghaziabad: A person riding a cat or a black buffalo?

    गाजियाबाद में सीढ़ियों पर रोंगटे खड़े कर देने वाली रहस्यमयी घटना: बिल्ली या काले भैंसे पर सवार व्यक्ति?

    August 21, 2026
    Play ‘Ghar Ki Murgi’ staged in Lucknow

    लखनऊ में नाटक ‘घर की मुर्गी’ का मंचन

    August 21, 2026

    Subscribe Newsletter

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    Privacy Policy | About Us | Contact Us | Terms & Conditions | Disclaimer

    © 2026 ShagunNewsIndia.com | Designed & Developed by Krishna Maurya

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

    Newsletter
    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading