- मुख्यमंत्री ने हाईस्कूल और इण्टरमीडिएट की परीक्षा में उत्तीर्ण 1,709 मेधावी विद्यार्थियों को किया सम्मानित
- राज्यस्तर के मेधावी विद्यार्थियों को एक लाख का चेक, एक टैबलेट, मेडल और प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया
- जनपदस्तर के मेधावी विद्यार्थियों को 21 हजार का चेक, एक टैबलेट, मेडल और प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर पुरस्कृत किया गया
लखनऊ: 29 मई। यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज यहां डाॅ. राम मनोहर लोहिया विधि विश्वविद्यालय के डाॅ. आंबेडकर सभागार में वर्ष 2018 की हाईस्कूल और इण्टरमीडिएट की परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले 1,709 मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया। इन मेधावी विद्यार्थियों में 146 राज्यस्तर तथा 1,563 जनपदस्तर के हैं।
राज्यस्तर के मेधावी विद्यार्थियों को मुख्यमंत्री जी ने एक लाख रुपये का चेक, एक टैबलेट, मेडल और प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। जनपदस्तर के मेधावी विद्यार्थियों को 21 हजार रुपये का चेक, एक टैबलेट, मेडल और प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर पुरस्कृत किया गया।
राज्यस्तर के विद्यार्थियों में उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद के हाईस्कूल के 55, इण्टरमीडिएट के 42, केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, नई दिल्ली के इण्टरमीडिएट के 11 तथा काउंसिल फाॅर द इण्डियन स्कूल एग्ज़ामिनेशन, नई दिल्ली के हाईस्कूल के 16 तथा इण्टरमीडिएट के 22 विद्यार्थी हैं। इन विद्यार्थियों में से प्रदेश स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले 11 विद्यार्थियों के माता-पिता तथा विद्यालय के प्रधानाचार्य को भी मुख्यमंत्री द्वारा सम्मानित किया गया।
प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त कर सम्मानित होने वाले 11 विद्यार्थी, इण्टरमीडिएट के माध्यमिक शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश के श्री रजनीश शुक्ला जनपद फतेहपुर, श्री आकाश मौर्या जनपद बाराबंकी, आईएससी बोर्ड की सुश्री राधिका चन्द्रा जनपद लखनऊ, सुश्री समन वाहिद जनपद लखनऊ, सुश्री साक्षी प्रद्युम्न जनपद लखनऊ, सुश्री लिपिका अग्रवाल जनपद लखीमपुर खीरी, सीबीएसई बोर्ड की सुश्री मेघना श्रीवास्तव जनपद गौतमबुद्धनगर तथा हाईस्कूल के उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की सुश्री अंजलि वर्मा जनपद इलाहाबाद, आईसीएसई बोर्ड की सुश्री प्रशष्या पटेल जनपद लखनऊ, सुश्री अवनि तिवारी जनपद कानपुर एवं सुश्री श्रेया भगत जनपद लखनऊ हैं।
इस अवसर पर अपने विचार व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मनुष्य अपार सम्भावनाओं से युक्त ईश्वर की सर्वश्रेष्ठ कृति है। मनुष्य अपनी मेधा और परिश्रम से असम्भव को सम्भव बना सकता है। परिश्रम के साथ ‘फल की चिंता किये बगैर कर्मरत रहने’ के गीता का संदेश ध्यान में रखा जाना आवश्यक है। परिश्रम को छोड़कर शार्टकट अपनाने वाले कभी भी मंज़िल तक नहीं पहुंचते। परिश्रम को सफलता का एक मात्र रहस्य बताते हुए उन्होंने कहा कि मेहनत से भागकर केवल तनाव ही हासिल होता है। ऊँचे लक्ष्य हासिल करने के लिए तनावमुक्त रहना चाहिए। इसे ही ध्यान में रखकर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने ‘मन की बात’ कार्यक्रम में विद्यार्थियों को तनावमुक्त रहने की सलाह दी थी।
कार्यक्रम को शिक्षा राज्य मंत्री श्री संदीप सिंह, सांसद डाॅ. महेन्द्र नाथ पाण्डेय, अपर मुख्य सचिव माध्यमिक शिक्षा श्री संजय अग्रवाल ने भी सम्बोधित किया।
इस अवसर पर वित्त मंत्री राजेश अग्रवाल, औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना, श्रम एवं सेवायोजन मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य, समाज कल्याण राज्य मंत्री श्रीमती गुलाबो देवी सहित जनप्रतिनिधिगण, शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, शिक्षकगण, छात्र-छात्राएं एवं उनके अभिभावक उपस्थित थे।






