अफसरों को यह भी समझना चाहिए कि सरकारें कभी भी लंबे समय तक नहीं रहती और सरकारें बदलती रहती हैं
लखनऊ, 14 जून। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अपने पूर्व सरकारी बंगलें में मिली तोड़फोड़ की शिकायत के मामले में बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में टोटी लेकर पहुंच गए। उन्होंने नल की टोटीयों को प्रेस कॉन्फ्रेन्स में दिखाते हुए कहा कि अगर सरकार को लगता है कि मैं टोटीयों खोलकर लेकर चला गया हूं तो मैं टोटीयां वापस करने को तैयार हूं।
बता दे, मंगलवार को राज्यपाल राम नाइक द्वारा सीएम को कार्रवाई के लिए लिखे पत्र के बाद बुद्धवार को स्वास्थ मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा था कि अखिलेश यादव ने सरकारी आवास पर जो रूपए खर्च किये हैं उसकी आयकर विभाग से जांच होनी चाहिए। इसके बाद सियासत का माहौल गरमा गया, इन बयानों के बाद पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इस मामले पर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस प्रकरण पर सफाई दी।
उन्होंने कहा कि सरकार उन्हें बदनाम कर रही है क्योंकि वह गोरखपुर और फूलपुर की हार स्वीकार नहीं कर पा रही है। सरकार पहले रिपोर्ट दे कि बंगले से क्या-क्या गायब हुआ है उन्होंने सीएम ऑफिस पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार को यह जांच में यह पता लगाना चाहिए कि मेरे बाद घर में कौन-कौन लोग गए यह सबको पता है कि घर की टोटी तो नशेड़ी और गंजेड़ी निकालते हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि मुझे पता चला है कि मेरे जाने के बाद वहां मुख्यमंत्री के सचिव और मुख्यमंत्री के ओएसडी गए थे उन लोगों ने वीडियोग्राफी भी कराई थी। अफसरों को यह भी समझना चाहिए कि सरकारें कभी भी लंबे समय तक नहीं रहती और सरकारें बदलती रहती है।
उन्होंने कहा कि आप अपने थानों से पता करिए कि टोंटियां कौन निकालकर ले जाता है। आपसे पहले वहां पर कौन गया था। सरकार के कहने पर अधिकारी ये सब कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मैंने घर में स्टील का स्ट्रक्चर इसलिए लगवाया ताकि जब जाऊं तो ले जा सकूं।







