किसी व्यक्ति को ड्राइविंग लाइसेंस देने से पहले उसके पेशे के बारे में ठोक-बजाकर पूछताछ कर ली जाती है
भारी ट्रैफिक में अच्छी ड्राइविंग आसान काम नहीं है। इसीलिए दुनिया भर में आसानी से ट्रैफिक लाइसेंस नहीं दिए जाते। कतर के ट्रैफिक डिपार्टमेंट ने तो पिछले दिनों बाकायदा एक सूची ही जारी कर दी है। इस सूची में बताया गया है कि 162 पेशों से जुड़े लोग ड्राइविंग लाइसेंस के लिए एप्लाई ही नहीं कर सकते। अखबार गल्फ टाइम्स की एक खबर बताती है कि अनेक कम आय वाले पेशों के साथ ही किसान और दूध का व्यवसाय करने वाले लोग भी इस सूची में शामिल हैं। घरेलू काम करने वाले, खाना बनाने वाले, वेल्डर, किरानी और कसाई आदि भी इसी सूची में रखे गए हैं। हो सकता है आपको हैरानी हो कि इससे पहले तो यह सूची और लंबी हुआ करती थी।
दरअसल, ऐसा इसलिए किया जाता है कि सड़क दुर्घटनाओं पर काबू रखा जा सके। इस बार तो कतर के ट्रैफिक डिपार्टमेंट ने थोड़ी दरियादिली दिखाई है। हर तरह के बंदोबस्त के बावजूद कतर में होने वाली मृत्यु के करीबन 18 फीसदी मामले सड़क दुर्घटनाओं से जुड़े होते हैं। इनमें अधिकतर लोग दूसरे देशों से आए होते हैं। दुनिया के विकसित देशों में इस तरह मरने वालों का प्रतिशत बहुत कम है।
अगर अमेरिका की बात की जाए तो वहां सड़क दुर्घटनाओं में जान गंवा देने वाले महज डेढ़ प्रतिशत हैं। यही वजह है कि कतर में किसी व्यक्ति को ड्राइविंग लाइसेंस देने से पहले उसके पेशे के बारे में ठोक-बजाकर पूछताछ कर ली जाती है। बगैर राष्ट्रीय पहचान पत्र के लाइसेंस पाना वहां संभव ही नहीं है और हमारे देश में तो पेस की गाड़ी पर बिना ट्रायल के ही लाइसेंस मिल जाते हैं!– सुभाष बुड़ावनवाला







