अमेरिका में इलेक्शन नजदीक : प्रतिद्वंदी बाइडेन को बनाया निशाना
अमेरिका में कोरोना वायरस वैश्विक महामारी का प्रकोप बढ़ने के बावजूद राष्ट्रपति पद के चुनाव प्रचार अभियान ने गति पकड़ ली है और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप तथा डेमोक्रेटिक पार्टी के उनके मुख्य प्रतिद्वंद्वी जो बाइडेन एक-दूसरे पर जमकर निशाना साध रहे हैं।
अब जबकि अमेरिका के राष्ट्रपति चुनाव करीब महीने भर दूर रह गए हैं, तब स्वाभाविक ही इसकी सरगर्मियां तेज होने लगी हैं। राष्ट्रपति चुनाव वहां पहले भी होते थे लेकिन इस बार उसमें एक फर्क है और उसे हम डोनाल्ड ट्रंप के नाम से जानते हैं।
ट्रंप के व्यक्तित्व को कई विशेषणों से नवाजा जा चुका है और इसके लिए उन्होंने कोई एतराज भी नहीं जताया है। उनके लिए वे सभी काम ठीक हैं जिनको वह खुद सही मानते हैं। उसके लिए किसी तरह की कसौटी का उनके लिए कोई मतलब नहीं रहता। उनके कार्यकाल में अमेरिका में हुए कई कामों पर सवाल भी उठाए गए लेकिन इसका उनके ऊपर कोई फर्क नहीं पड़ा। उनकी शैली आक्रामक व विरोधी को पस्त करने के प्रयास की रही है। उनके प्रतिद्वंद्वी डेमोक्रेट उम्मीदवार जो बिडेन इसके विपरीत शांत स्वभाव के तथा कुछ अतंर्मुखी किस्म के व्यक्ति हैं जो हमलावर होने में ज्यादा यकीन नहीं रखते हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार एक ताजा जनमत सर्वेक्षण के अनुसार बाइडेन ट्रंप पर आठ प्रतिशत अंकों से अधिक की बढ़त बनाए हुए हैं। ट्रंप ने कहा कि वह बाइडेन के साथ कई चर्चाओं में भाग लेना चाहते हैं। परंपरा के मुताबिक दोनो प्रतिद्वंद्वियों को तीन चर्चाओं में भाग लेना होता है।
दोनों के बीच की तकरार इस चुनाव की पहली आधिकारिक बहस यानी प्रेसिडेंशिलय डिबेट में खुलकर सामने आई जिसमें झूठा, बातूनी, जोकर, चुप रहो जैसे अल्फाज खुलकर इस्तेमाल किए गए। जब बिडेन ने अमेरिका में कोरोना से मरने वालों की संख्या का मामला उठाया और कहा कि यह शर्म की बात है कि अमेरिका जैसे विकसित देश में कोरोना से दो लाख से ज्यादा लोग मर गए तो ट्रंप ने चीन, भारत और रूस का मामला उठा दिया।
इसी तरह की और भी बातें इस आधिकारिक बहस में हईं। अभी इसके दो दौर और होने हैं जिनमें जाहिर है कि दोनों ही पक्ष अपने राजनीतिक हथियारों को और पैना करेंगे तथा आम अमेरिकी जनमानस को लुभाने का प्रयास भी करेंगे। इस लिहाज से यह चुनाव रोचक हो सकता है।







