Close Menu
Shagun News India
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Wednesday, September 2
    Shagun News IndiaShagun News India
    Subscribe
    • होम
    • इंडिया
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • राजस्थान
    • खेल
    • मनोरंजन
    • ब्लॉग
    • साहित्य
    • पिक्चर गैलरी
    • करियर
    • बिजनेस
    • बचपन
    • वीडियो
    • NewsVoir
    Shagun News India
    Home»ब्लॉग

    बाबा की इच्छाधारी गुफा का सेक्स रहस्य!

    ShagunBy ShagunAugust 30, 2017 ब्लॉग No Comments6 Mins Read
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Post Views: 997

    ‘बाबा ने अपने फैसला आने से पहले ही उत्तेजक माहौल बनाकर देश की न्याय प्रणाली को यह चेतावनी देने की कोशिश की कि यदि निर्णय उनके खिलाफ आया तो देश अराजकता के हवाले कर दिया जाएगा। उसके सभी भक्त भारत का नामोनिशान मिटा देंगे।’


    धर्म के मायावी तिलिस्म में आस्था के दुष्परिणाम क्या होते हैं, यह हमने रामपाल के डेरे में देखा। यही नहीं खुद को बड़ा बापू बताने वाला आसाराम भी किस तरह अपनी मायावी दुनिया के मोहपाश में महिलाओं को यूज करता था, यह भी हम देख चुके हैं। बीते बरस से ही बापू अपने बेटे नारायणस्वामी के साथ सलाखों की हवा खा रहे हैं। आशाराम बापू, राधे मां, गुरुमीत, इच्छाधारी सरीखे धर्मगुरूओं ने धर्म और नैतिकता के नाम पर जो कुछ भी किया है वह अक्षम्य है और कभी संत महात्माओं के लिए जाना जाने वाला भारत आज इन राम रहीम सरीखे पाखंडी बाबाओं के कारण शर्मसार हो रहा है।

    बाबा ने अपने फैसला आने से पहले ही उत्तेजक माहौल बनाकर देश की न्याय प्रणाली को यह चेतावनी देने की कोशिश की कि यदि निर्णय उनके खिलाफ आया तो देश अराजकता के हवाले कर दिया जाएगा। उसके सभी भक्त भारत का नामोनिशान मिटा देंगे। किसी जीवंत लोकतंत्र में ऐसी हिंसा किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जा सकती, जहाँ न्यायपालिका के निर्णय को ठेंगा दिखाते हुए लोग कानून को अपने हाथ में ले लें। शुक्रवार को जब अदालत ने बाबा गुरमीत को दोषी करार दिया तो पांच मिनट के भीतर हरियाणा समेत दिल्ली, हिमाचल, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में अनेक जगहों से आगजनी व तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आने लगीं। देखते-देखते करोड़ों की संपत्ति नष्ट कर दी गई और नियंत्रण के उपाय में पुलिस व सुरक्षाबलों की गोलीबारी में 38 लोगों की मौत हुई और एवं 250 से अधिक लोग घायल हो गए। किसी भी सभ्य समाज में ऐसी हिंसा नहीं होनी चाहिए। हरियाणा की मनोहरलाल सरकार ने पिछली घटनाओं से सबक नहीं लिया। रामपाल और जाट आंदोलन के दौरान भी हमने देखा कि किस तरह सरकार इससे निपटने में नाकाम साबित हुई और बाबा रामरहीम के मसले पर भी पूरी सत्ता, पुलिस और प्रशासन नतमस्तक हुआ दिखा। जबकि चंडीगढ़ के डीजीपी ने 22 अगस्त को ही डेरा के अनुयायियों के इरादों को भांप लिया था। सरकार चाहती तो वह फैसले से पहले खामोशी से डेरा समर्थकों को पंचकूला कूच करने से रोक सकती थी लेकिन ऐसा नहीं हुआ। पंचकूला में बाबा के सैकड़ों समर्थकों ने बड़ी बड़ी गाड़ियों में अपना शक्ति प्रदर्शन किया। डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख राम रहीम पर यौन शोषण का आरोप सिद्ध हुआ तो उनके सर्मथकों ने उत्तरी भारत में हिंसा का तांडव रचकर जता दिया कि अदालती आदेश के उनके लिए कोई मायने नहीं हैं और अदालत उनके बाबा पर फैसला नहीं कर सकती क्योंकि उनका बाबा मेसेंजर आफ गाड है।

    हैरानी की बात यह है कि चंडीगढ़ प्रशासन और हरियाणा एवं पंजाब की सरकारों को पता था कि 24 अगस्त को यह फैसला आना है और उनके समर्थक तीन दिन पहले से ही पंचकूला में धारा 144 लगाए जाने के बाबजूद लाखों की संख्या में आना शुरू हो गए तब उनको नियंत्रित क्यों नहीं किया गया। बड़ी संख्या में पुलिस के अलावा अर्ध-सैनिक बलों के 15 हजार जवान तैनात थे। थल सेना गश्त कर रही थी। इसके बावजूद बाबा के समर्थक लाठी, हथियार और पेट्रोल व डीजल, ए के 47 लेकर संवेदनशील क्षेत्रों में घुस आए। खुफिया एजेंसियां को भी इनकी मंशा की भनक तक नहीं लग पाई। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि एजेंसियों के अधिकारी-कर्मचारियों ने क्षेत्र में जाकर न तो समर्थकों से बातचीत की और न ही उनकी तलाशी ली। यहाँ तक की डेरा अनुयायियों ने एक रणनीति के तहत अपने लोगो के खाने पीने के पूरे बंदोबस्त किये हुए थे।

    डेरा मामले में खुफिया एजेंसियों की बड़ी चूक है। साथ ही सरकार की डेरा से निकटता के चलते पुलिस भी तमाशबीन बनी रही, इसलिए उन्हें भी इस हिंसा के लिए दोषी ठहराए जाने की जरूरत है। धारा 144 लगाने का मतलब है 4 से 5 लोग एक ग्रुप में साथ साथ नहीं रह सकते लेकिन हरियाणा के पर्यटन मंत्री पंडित रामविलास शर्मा ने तो हद ही कर दी। मीडिया के सामने आकर उन्होंने यह कहा 144 धारा डेरा अनुयायियों पर लागू नहीं होती। वह तो शांतिप्रिय लोग हैं और उनके खाने पीने की व्यवस्था करना सरकार का काम है। राजनीति कैसे इन बाबाओं के सामने नतमस्तक हो जाती है यह इस प्रकरण से हम बखूबी समझ सकते हैं। साफ है खट्टर सरकार ने भी अपने वोट बैंक के मद्देनजर डेरा अनुयायियों पर सख्ती नहीं बरती। यहाँ तक कि पुलिस भी डेरा से आने वाले लोगों की आवभगत में जुटी रही।इस पूरे मामले में हरियाणा सरकार को कड़ी फटकार कोर्ट की तरफ से पड़ी जिसमें उसने साफ किया कि सरकार इस मामले पर सख्ती दिखाए और अगर वह ऐसा नहीं करती तो क्यों न डीजीपी को ही बर्खास्त कर दिया जाए। कोर्ट ने तो हिंसा करने वालों को सीधे गोली मारने के आदेश भी दिए थे लेकिन इसके बाद भी सरकार अगर रेंग नहीं पायी तो इसे वोट बैंक के आईने में देखना होगा, जहाँ भाजपा, कांग्रेस, इनेलो सब डेरे के आसरे अपनी चुनावी बिसात हर चुनाव में अपने अनुकूल बिछाते रहे। पंजाब की तकरीबन 27 तो हरियाणा की तकरीबन तीन दर्जन सीटों पर डेरा का खास प्रभाव है। पड़ोसी राज्य राजस्थान में गंगानगर संभाग भी पूरी तरह डेरा के वोट से घिरा हुआ है, जहाँ राम रहीम के बिना चुनाव में पत्ता भी नहीं हिलता। डेरा हर चुनाव में जिस पार्टी की ओर इशारा करता है हवा का रुख उस पार्टी की तरफ मुड़ जाता है और वह पार्टी सत्ता का सुख भोगती है। सरकार खट्टर की रही हो या चौटाला या हुड्डा की, गाहे बगाहे डेरा के आगे हरियाणा की पूरी सरकारें नतमस्तक रही हैं।

    1948 में शाह मस्ताना ने डेरा सच्चा सौदा की नीव रखी। सिरसा में डेरा सच्चा सौदा का ये आश्रम करीब सात सौ एकड़ में फैला हुआ है। एक हवाई पट्टी भी है, जिसपर बाबा राम रहीम का प्लेन लैंड और टेकआॅफ करता है। महंगी बाइक और इंपोर्टेड कार गुरमीत बाबा राम रहीम के लिए मानो जिद की हद तक के शौक हैं। बाबा की दुष्कर्म की दुनिया ऐसी जहाँ उनके दुष्कर्म को पिताजी की माफी कहा जाता था। बाबा ने अपने इस आश्रम में अपनी रसूख और सरकार में दखल का फायदा उठाने का कोई मौका नहीं छोड़ा। सीबीआई की विशेष अदालत के फैसले ने साबित कर दिया कि लोगों की आस्था ने जिसे अब तक एक पहुंचा हुआ बाबा माना था, वो असल में बलात्कारी से ज्यादा कुछ भी नहीं था।

    एक संस्मरण याद है की जब गुरुनानक के पिता कालू मेहता ने जब अपने बेटे नानक को व्यापार करने के लिए 20 रुपये दिए तो गुरूजी ने उन पैसों से व्यापार का सौदा न खरीदकर भूखे साधुओं को भोजन करा दिया था। पिता के थप्पड़ मारने पर गुरुनानक ने कहा था, मैं दुनिया में कोई झूठा सौदा भी नहीं करना चाहता हूँ। उन रुपयों से साधुओं की भूख मिटाकर मैंने सच्चा सौदा किया है लेकिन किसे पता था सच्चे सौदे और गुरु के नाम पर खुद को राम रहीम और इंसा कहने वाला गुरुमीत एक दिन अपनी काली करतूतों से न केवल खुद को बल्कि पूरी मानवता को शर्मसार कर देगा।

    Shagun

    Keep Reading

    Nepal Flood Tragedy: The Most Harrowing Incident of Devastation

    नेपाल बाढ़ त्रासदी: तबाही का सबसे दर्दनाक हादसा

    रक्षाबंधन: परंपरा, पहचान और बाजारवाद का संगम

    Trump Trapped in a Labyrinth: US President's Mounting Difficulties Amid the Maze of an Iran War

    चक्रव्यूह में फंसे ट्रंप: ईरान युद्ध की भूलभुलैया में अमेरिकी राष्ट्रपति की बढ़ती मुश्किलें

    Maa Khaira Bhavani had appeared in the form of a divine beam of light.

    ज्योति पुंज के रूप में प्रकट हुईं थीं माँ खैरा भवानी

    People grappling with the unending problem of adulteration.

    मिलावट की अंतहीन समस्या से झूझते लोग

    India's Golden Burst at the Commonwealth Games: Boxing Makes History, Neeraj Shines Again

    कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत का स्वर्णिम धमाका: मुक्केबाजी ने रचा इतिहास, नीरज ने फिर कमाल दिखाया

    Comments are closed.

    Advertisment
    Google AD
    We Are Here –
    • Facebook
    • Twitter
    • YouTube
    • LinkedIn

    EMAIL SUBSCRIPTIONS

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    About



    ShagunNewsIndia.com is your all in one News website offering the latest happenings in UP.

    Editors: Upendra Rai & Neetu Singh

    Contact us: editshagun@gmail.com

    Facebook X (Twitter) LinkedIn WhatsApp
    Popular Posts
    Akshay’s terrifying ‘monster’ avatar vs. Saif’s gritty hero: the trailer reveals the showdown between the two superstars; releasing on September 11.

    अक्षय का खौफनाक ‘हैवान’ अवतार Vs सैफ का जुझारू हीरो ट्रेलर ने खोला दोनों सुपरस्टार्स की आर-पार जंग का राज, 11 सितंबर को रिलीज

    September 1, 2026
    Sadhana Sargam’s Ganpati Vandana and Badshah’s ‘Chimna’ rap: A musical extravaganza ranging from devotion to *desi* swag—featuring devotional *bhajans* for Ganesh Chaturthi and a fresh take on folk songs in the ‘Gondhal’ style.

    साधना सरगम की गणपति वंदना और बादशाह का ‘चिमणा’ रैप: भक्ति से देसी स्वैग तक संगीत की धूमगणेश चतुर्थी पर भक्ति भजन, ‘गोंधळ’ में लोकगीत का नया अंदाज

    September 1, 2026
    Films with big budget and star cast flopped in front of Hanuman Ansh.

    हनुमान अंश के सामने बड़े बजट और स्टार कॉस्ट वाली फिल्में धड़ाम

    September 1, 2026
    Nepal Flood Tragedy: The Most Harrowing Incident of Devastation

    नेपाल बाढ़ त्रासदी: तबाही का सबसे दर्दनाक हादसा

    September 1, 2026

    अराइया गिर: जंगल के बीच एक सुकून भरी छुट्टी

    August 31, 2026

    Subscribe Newsletter

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    Privacy Policy | About Us | Contact Us | Terms & Conditions | Disclaimer

    © 2026 ShagunNewsIndia.com | Designed & Developed by Krishna Maurya

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

    Newsletter
    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading