पुरानी पेंशन बहाली समेत कई अन्य मांगों समेत 30 नवम्बर को होने वाली महारैली को लेकर उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ की संयुक्त कार्य समिति की बैठक आज लखनऊ में प्रदेश अध्यक्ष डॉक्टर दिनेश चंद्र शर्मा की अध्यक्षता में हुई। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा पुरानी पेंशन बहाल न की गई तो आगे महारैली में और भी कड़े निर्णय लिए जाएंगे।
बैठक में रैली की समीक्षा की गई जिसमें प्रदेश के जिसमें विभिन्न प्रदेशों से आ रहे लाखों कर्मचारी शिक्षक भाग लेगें l बैठक में समीक्षा में कर्मचारियों ने कहा कि प्रदेश में 1 दिन की शपथ लेकर काम करने वाले विधायक एवं सांसद पुरानी पेंशन पाने का हकदार हो जाता है, परंतु 60 से 62 वर्ष की आयु तक कार्य करने वाले कर्मचारी/ शिक्षकों के बुढ़ापे का सहारा पुरानी पेंशन छीन ली गई है, इसके अलावा कर्मचारियों एवं शिक्षकों के 18 महीने के महंगाई भत्ते का लगभग 10 हजार करोड़ का भुगतान सरकार द्वारा रोक दिया गया l
उन्होंने कहा कि परिषदीय विद्यालयों में 1.25 लाख प्रधानाध्यापक पद समाप्त कर दिए गए, परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत शिक्षा मित्रों एवं अनुदेशकों का नियमितीकरण आज तक नहीं किया गया, प्रदेश के कर्मचारियों के एक दर्जन भत्ते समाप्त कर दिए गए, आंगनवाड़ी कार्यकत्री, सहायिका एवं परिषदीय विद्यालय में कार्यरत रसोइयों को न्यूनतम मजदूरी के बराबर भी वेतन नहीं दिया जा रहा है। इन्हीं मांगों को लेकर प्रदेश का शिक्षक आंदोलनरत है।
बैठक में प्रांतीय अध्यक्ष डॉ दिनेश चन्द्र शर्मा ने कहा कि प्रदेश के कर्मचारी एवं शिक्षक पुरानी पेंशन बहाली सहित अपनी मांगों को लेकर 30 नवंबर 2021 को लाखों कर्मचारी व शिक्षक लखनऊ की महारैली में प्रतिभाग करेंगे। इसके बावजूद भी सरकार द्वारा पुरानी पेंशन बहाल न की गई तो आगे भी कड़े निर्णय लिए जाएंगे।
इस बैठक में वरिष्ठ उपाध्यक्ष राधे रमण त्रिपाठी, कोषाध्यक्ष शिव शंकर पांडे, कृष्णा नन्द राय, देवेन्द्र श्रीवास्तव, सुधांशु मोहन, संजीव शर्मा, आशुतोष त्रिपाठी, बृजेश पांडे, अनिल पाण्डेय अक्षत पांडे सहित प्रदेश कार्यसमिति के समस्त पदाधिकारी एवं समस्त जिलों के अध्यक्ष, मंत्री उपस्थित रहे।







