Close Menu
Shagun News India
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Saturday, May 2
    Shagun News IndiaShagun News India
    Subscribe
    • होम
    • इंडिया
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • राजस्थान
    • खेल
    • मनोरंजन
    • ब्लॉग
    • साहित्य
    • पिक्चर गैलरी
    • करियर
    • बिजनेस
    • बचपन
    • वीडियो
    • NewsVoir
    Shagun News India
    Home»ब्लॉग»Hot issue

    समाज में स्थापित मूल्यों के विपरीत है लिव इन

    ShagunBy ShagunJuly 2, 2025 Hot issue No Comments2 Mins Read
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Post Views: 547

    भारतीय रहन सहन को प्रभावित करने वाले पश्चिमी तौर तरीकों में लिव इन यानी सह जीवन अब काफी प्रमुख हो गया है। इसके पीछे यौन उन्मुक्तता और आजादी से रहने के अधिकारों का तर्क दिया जाता है। हालांकि इसे किसी भी आधार पर आदर्श नहीं माना जा सकता और इसका खोखलापन भी लगातार सामने आता जा रहा है लेकिन नई पीढ़ी आधुनिकता के नशे में इसकी दीवानी हो चुकी है।

    विवाह परंपरा को निभाते हुए स्त्री-पुरुष के दांपत्य संबंध का आज भी कोई विकल्प नहीं है। इसीलिए पश्चिमी देशों सहित सभी सभ्य समाजों में इसका पालन होता है। अब परंपराओं को तोड़ना भी आज का फैशन बन चुका है। तो लिव इन अपने चहेतों में स्वीकार्यता पाता जा रहा है। अब इलाहाबाद हाई कोर्ट ने भी कहा है कि लिव इन संबंधों की अवधारणा भारतीय मध्यमवर्गीय समाज में स्थापित मूल्यों के विपरीत है। उसका साफ कहना है कि लिव इन संबंध महिलाओं को अधिक अनुपात में नुकसान पहुंचाते हैं। पुरुष ऐसे रिश्ते खत्म होने के बाद आगे बढ़ सकते हैं लेकिन महिलाओं के लिए ब्रेकअप के बाद जीवन साथी ढूंढना मुश्किल होता है।

    कोर्ट ने इस बात को भी उठाया है कि ऐसे संबंधों की अवधारणा ने युवा पीढ़ी को काफी आकर्षित किया है लेकिन इसके दुष्परिणाम भी ऐसे मामलों में देखे जा रहे हैं। कोर्ट का यह कथन इसलिए ध्यान देने योग्य है कि ऐसे रिश्ते में रहने वाली महिलाओं को आगे चलकर छोड़ देने और उनकी हत्या कर देने तक की घटनाओं में हाल के दिनों में काफी बढ़ोतरी हुई है।

    दिल्ली का जघन्य श्रद्धा वाल्कर हत्याकांड इसी की नजीर है। अन्य शहरों में भी ऐसे रिश्तों में रह रही महिलाओं-लड़कियों का अकल्पनीय अंजाम सामने आ चुका है जिनमें इस चलन के केंद्र माने जाने वाले मुंबई, कोलकाता और हैदराबाद जैसे शहरों के युवक-युवतियां भी हैं। ऐसे में यह बात नई पीढ़ी को ही सोचनी होगी कि जिस आधुनिकता की अंधी दौड़ में वे ऐसे बेमतलब कदम उठा रहे हैं, उसका हकीकत में क्या अर्थ और फायदा है। यह उन लोगों के लिए तो ठीक हो सकता है जो मर्यादा में विश्वास नहीं रखते हैं लेकिन मूल्यों की तनिक भी परवाह है तो ऐसे रिश्ते आगे चलकर सफल नहीं ही होंगे।

    Shagun

    Keep Reading

    मातृत्व: सृष्टि का शाश्वत सत्य और ईश्वर का प्रतिरूप

    जानो तो बुद्ध की सहजता सबसे सहज वरना अति जटिल

    भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन: स्वच्छ भविष्य की ओर एक ठोस कदम

    In Paris, fragrance is bottled; in Banaras, the fragrance is in the very air—and that is a truly wonderful feeling.

    पेरिस में खुशबू बोतल में होती है, और बनारस में खुशबू हवा में है यह बहुत अच्छा अहसास है

    Parents have been subjected to such manipulation for a very long time—it is simply that awareness has increased now.

    खेल तो पेरेंट्स के साथ बहुत पहले से होता आया है -जागरूकता अब बढ़ी

    The residents of Banda are filled with pride upon seeing Banda's name ranked among the very best in the world!

    विश्व में बांदा का अव्वल दर्जे में नाम देख गर्व में बांदावासी!

    Add A Comment
    Leave A Reply Cancel Reply

    Advertisment
    Google AD
    We Are Here –
    • Facebook
    • Twitter
    • YouTube
    • LinkedIn

    EMAIL SUBSCRIPTIONS

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    About



    ShagunNewsIndia.com is your all in one News website offering the latest happenings in UP.

    Editors: Upendra Rai & Neetu Singh

    Contact us: editshagun@gmail.com

    Facebook X (Twitter) LinkedIn WhatsApp
    Popular Posts
    “Move Beyond the Top 10” — Farah Khan’s New Travel Mantra

    “टॉप-10 से आगे बढ़ो”-फराह खान का नया ट्रैवल मंत्र

    May 2, 2026
    Becoming the Voice of Journalists on Labour Day, Memorandum Submitted to Deputy Chief Minister

    श्रम दिवस पर पत्रकारों की आवाज़ बनी, उपमुख्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन

    May 2, 2026
    Prakash Parv of Guru Amardas Ji: A sacred gathering of service and peace.

    गुरु अमरदास जी का प्रकाश पर्व: सेवा और सुरति का पावन समागम

    May 2, 2026

    मातृत्व: सृष्टि का शाश्वत सत्य और ईश्वर का प्रतिरूप

    May 2, 2026
    Hayatullah Ansari's 125th Birth Anniversary: ​​A Beautiful Confluence of Memories in Lucknow

    हयातुल्लाह अंसारी की 125वीं जयंती: लखनऊ में यादों का सुंदर समागम

    May 2, 2026

    Subscribe Newsletter

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    Privacy Policy | About Us | Contact Us | Terms & Conditions | Disclaimer

    © 2026 ShagunNewsIndia.com | Designed & Developed by Krishna Maurya

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

    Newsletter
    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading