संतवाणी : अजीत कुमार सिंह
जीवन का सबसे बड़ा सच उसकी अनिश्चितता है हमें हर पल को स्वीकार करना और उसमें आनंद निकालना सीखना चाहिए जो तय नहीं है वही जीवन में नया अनुभव लाता है हर अनिश्चित पल को अवसर समझें याद रखें यहीं से जीवन के सब से खूबसूरत रंग उभरते हैं रिश्ते बनते रहें, सब हंसते रहें इतना ही बहुत है हर कोई हर वक्त साथ नहीं रह सकता है सब एक दूसरे को याद करते रहें इतना ही बहुत है।
योग्यताएं कर्म से पैदा होती हैं जन्म से हर व्यक्ति शून्य होता हैं विरासत से गद्दी मिल सकती हैं, परंतु बुद्धि नहीं मानव जाति के आज तक के इतिहास में महान पुरुषों और स्त्रियों के जीवन में सबसे बड़ी प्रवर्तक शक्ति यदि कोई है तो वह उस मनुष्य का आत्माविश्वास है उदास रहने के अनगिनत कारणों के मध्य खुश रहने का एक कारण ढूंढना ही जीवन है।







