- कला प्रेमियों ने बोला राजधानी में फ्लोरेसेंस आर्ट गैलरी की रचनात्मक पहल सराहनीय है
- सृजन, अनुभव और निवेश: हजारों दर्शकों का मेला: कला प्रेमियों की वाहवाही
लखनऊ, 12 नवंबर 2025: राजधानी लखनऊ नवंबर के महीने में रंगों, सृजनशीलता और कल्पनाओं का जीवंत उत्सव बन गई है! फ्लोरेसेंस आर्ट गैलरी द्वारा आयोजित बहुप्रतीक्षित आर्ट फेयर “लखनऊ स्पेक्ट्रम-2025” 1 से 30 नवंबर तक चल रहा है, जो भारतीय समकालीन, लोक, जनजातीय और पारंपरिक कला की अनोखी विविधता को एक मंच पर ला रहा है। संस्थापिका एवं निदेशक नेहा सिंह तथा क्यूरेटर भूपेंद्र अस्थाना, राजेश कुमार और गोपाल सामंतराय के दूरदर्शी नेतृत्व में यह माहभर का आयोजन कलाकारों, कला-प्रेमियों, विद्यार्थियों और शिक्षकों के लिए एक साझा उत्सव बन चुका है।

नई पीढ़ी को कला से जोड़ने की अनोखी पहल
इस आर्ट फेयर का मुख्य उद्देश्य सृजन, अनुभव और निवेश के माध्यम से नई पीढ़ी को दृश्य कलाओं की दुनिया से जोड़ना है। नेहा सिंह का कहना है, “हम चाहते हैं कि बच्चे पुस्तकों और परीक्षाओं की सीमाओं से आगे बढ़ें, सृजनशीलता का अनुभव करें और कला में निवेश का अवसर पाएं। प्रारंभिक स्तर पर कला से परिचय उनकी संवेदना, कल्पनाशक्ति और समालोचनात्मक सोच को विकसित करता है।” शहर के प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों के सहयोग से स्पेक्ट्रम ने अकादमिक शिक्षा और सौंदर्यबोध के बीच एक मजबूत पुल बनाया है।
बता दें कि देशभर से आए 111 कलाकारों की पेंटिंग्स, मूर्तियां, इंस्टॉलेशन और मिक्स्ड-मीडिया रचनाएं दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर रही हैं। हर कृति अपनी कहानी, भावना और दृश्य संवाद लेकर उपस्थित है, जो विशेष रूप से युवाओं में नई जिज्ञासा जगा रही है।
LPS स्कूल के बच्चों की दिखी सक्रिय भागीदारी, उत्साह से दिखे लबरेज
बुधवार को लखनऊ पब्लिक स्कूल्स एंड कॉलेजेस (एल.पी.एस.) की भागीदारी ने आयोजन को और रोचक बना दिया। राजाजीपुरम शाखा से करीब 40 विद्यार्थी प्रदर्शनी का भ्रमण करने पहुंचे। उनके साथ प्राचार्या श्रीमती भारती गोसांई, कला शिक्षिका श्रीमती पुष्पा देसवाल और श्रीमती सविता विश्वकर्मा थीं। बच्चों ने कलाकारों की रचनाओं को करीब से देखा, माध्यमों, विषयों और विचारों को समझा। एक छात्रा ने उत्साह से कहा, “यहां की हर पेंटिंग एक कहानी कहती है उन्होंने कहा कि मैंने पहली बार महसूस किया कि कला सिर्फ ड्रॉइंग नहीं, बल्कि दुनिया देखने का तरीका है!”

शिक्षकों ने कलाकृतियों के पीछे के विचारों और तकनीकों की व्याख्या की, साथ ही बताया कि ऐसे अनुभव डिजाइन, आर्किटेक्चर और दृश्य संचार जैसे करियर के लिए आधार तैयार करते हैं। प्राचार्या श्रीमती गोसांई ने कहा, “नेहा सिंह की यह पहल विद्यार्थियों की रचनात्मक सोच को wings देती है। यह अमूल्य शैक्षणिक अनुभव है!”
हजारों दर्शकों का मेला: कला प्रेमियों की वाहवाही
आर्ट फेयर में कलाप्रेमी, कलाकार, कला समीक्षक, लेखक, कला निवेशक और वास्तुविद बड़ी संख्या में उमड़ रहे हैं। द प्लासियो टीम का सहयोग सराहनीय रहा – डायरेक्टर श्री संजीव शरिन के मार्गदर्शन में गर्मजोशी भरा आतिथ्य आयोजन को यादगार बना रहा है। कला प्रेमियों ने इसे “राजधानी में रचनात्मक क्रांति” करार दिया। एक निवेशक बोले, “यहां की कृतियां न सिर्फ देखने लायक हैं, बल्कि भविष्य के निवेश का सुनहरा अवसर भी!”
कला शिक्षा का है नया दौर
लखनऊ स्पेक्ट्रम-2025 केवल प्रदर्शनी नहीं, बल्कि सामूहिक सीख और रचनात्मकता का उत्सव है। यह कला शिक्षा को भावनात्मक बुद्धिमत्ता और नवाचारी सोच से जोड़ रहा है। पेशेवर कलाकारों से सीधा संवाद और मूल रचनाओं का अनुभव युवाओं के दृष्टिकोण को व्यापक बना रहा है।
फ्लोरेसेंस आर्ट गैलरी, प्लासियो टीम और एल.पी.एस. के सहयोग ने सिद्ध कर दिया कि सांस्कृतिक प्रयास युवाओं को कलात्मक दृष्टि के साथ-साथ आत्मनिर्भर और रचनाशील बनाते हैं। माहभर चलने वाले इस फेयर को मिल रही भरपूर सराहना बता रही है कि लखनऊ कला की नई राजधानी बन रहा है!
आप भी इन रंगों की दुनिया में खो जाने के लिए यहाँ जा सकते हैं – प्रवेश निःशुल्क!
(स्थान: द प्लासियो, लखनऊ | समय: सुबह 11 बजे से शाम 8 बजे तक)







