एक वायरल वीडियो ने एक बार फिर खाद्य सुरक्षा की नींव हिला दी है। वीडियो में दिखाया गया है कि कैसे मात्र 35 रुपये प्रति लीटर कीमत पर पाम तेल में फ्लेवर और केमिकल मिलाकर मूंगफली, सोयाबीन और सरसों का तेल तैयार किया जा रहा है। यह घिनौना खेल होटल, रेस्टोरेंट और कैटरर्स के लिए सबसे बड़ा सप्लाई सोर्स बन चुका है।
यह कोई नई बात नहीं भारत में पाम तेल (सबसे सस्ता आयातित तेल) से महंगे तेलों की मिलावट का मामला दशकों पुराना है। सरकारी जांचों और रिपोर्ट्स में पाया गया है कि कई बार मिलावटी तेलों में 70% तक पाम तेल मिला होता है, जिससे हृदय रोग, कोलेस्ट्रॉल और अन्य गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। FSSAI ने भी बार-बार ऐसे मामलों पर कार्रवाई की है, लेकिन बाजार में लूज तेल और अनऑर्गेनाइज्ड सप्लाई चेन अभी भी बड़ी समस्या बनी हुई है।

वर्ना ये मिलावटखोर लोग मार डालेंगे
इस वीडियो में देखिए कैसे मूंगफली का तेल, सोयाबीन और सरसों का तेल 35 रुपये प्रति लीटर में पाम तेल से बनाया जाता है। सभी कैटरर्स, होटल और रेस्टोरेंट वाले यही तेल इस्तेमाल करते हैं, इसलिए बाहर का खाना खाने के बारे में सोचिए। बाहर के खाने के आइटम कितने भी महंगे और स्टैंडर्ड, ब्रांडेड क्यों न लगें, लालच से बचें। कहने का मतलब सिर्फ़ घर का बना खाना खाएं, घर पर खाना बनाने से बोर न हों, यह आपकी जान ले लेगा। स्वस्थ रहें। बाहर न जाने कितना नकली खाद पदार्थ रोज पकड़ा जाता है बचें वर्ना ये लोग मार डालेंगे। https://x.com/i/status/2005692315034423603
वीडियो के जवाब में लोग कह रहे हैं: “बाहर का खाना अब जहर के समान है”। होटल-रेस्टोरेंट में इस्तेमाल होने वाला तेल चाहे कितना भी महंगा या ब्रांडेड दिखे, अंदर से वही मिलावटी हो सकता है।
हमारी सलाह:
- घर का बना खाना ही सबसे सुरक्षित।
- तेल खरीदते समय FSSAI मार्क वाला पैकेज्ड तेल लें।
- सरसों/मूंगफली तेल की शुद्धता जांचें, फ्रिज टेस्ट (शुद्ध तेल जमता है, मिलावटी नहीं), खुशबू और स्वाद से भी पहचान संभव।
- मिलावटखोरों के खिलाफ सख्त कानून और त्वरित कार्रवाई की जरूरत है।
यह सिर्फ तेल की बात नहीं यह हमारी सेहत और भविष्य की लड़ाई है। जागरूक रहें, घर का खाना बनाएं, और बाहर के लालच से बचें। स्वस्थ रहें, सुरक्षित रहें!






