लखनऊ, 10 मार्च 2026: हिंदी साहित्य के प्रचार-प्रसार को समर्पित संस्था काव्यांगन साहित्यिक मंच की लखनऊ इकाई ने मंगलवार शाम एक यादगार प्रत्यक्ष काव्यगोष्ठी का आयोजन किया, जिसमें शहर के जाने-माने साहित्यकारों, कवियों और लेखकों ने अपनी रचनाओं से माहौल को भावविभोर कर दिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार श्रीमती मनोरमा लाल ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में प्रसिद्ध कवयित्री रश्मि शरद और विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. रीमा सिन्हा की गरिमामयी उपस्थिति ने संध्या को और भी खास बना दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ गिरिराज किशोर शर्मा जी द्वारा प्रस्तुत मधुर वाणी वंदना से हुआ, जिसने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक और साहित्यिक ऊर्जा से भर दिया।
संचालन की जिम्मेदारी कुशलतापूर्वक पूर्णिमा भसीन और संदीपिका दीक्षित ने निभाई, जिनकी आत्मीय और सधी हुई शैली ने आयोजन को सुव्यवस्थित एवं प्रवाहपूर्ण बनाए रखा। संरक्षण में प्रतिभा सिंह का भी योगदान रहा।
काव्य पाठ में शामिल रचनाकारों ने अपनी सृजनात्मकता से श्रोताओं के दिल जीत लिए। इनमें शामिल थे: पंकज सिंह, रश्मि सिंह, संध्या सिंह, गिरिराज किशोर शर्मा , नेहा सक्सेना , मंजूषा श्रीवास्तव ,गरिमा लखनवी ,मीनाक्षी शुक्ला, ललिता सेंगर ,पूजा श्रीवास्तव ,रीता जैन ,मधु जैन ,डॉ. अंजना मिश्रा आदि – इनकी भावपूर्ण रचनाओं ने सभा को गहरे भावों में डुबो दिया।
कार्यक्रम की खास बात रही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध हास्य कवि सर्वेश अस्थाना की उपस्थिति, जिन्होंने अपनी विनोदी रचनाओं से मंच पर हंसी की फुहारें बिखेर दीं और शाम को चार चांद लगा दिए।
अंत में अध्यक्षीय भाषण में मनोरमा लाल जी ने साहित्य की शक्ति और हिंदी के महत्व पर प्रकाश डाला, जबकि पूर्णिमा भसीन ने सभी अतिथियों, रचनाकारों और श्रोताओं का हार्दिक धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम का समापन स्वादिष्ट जलपान के साथ हुआ, जहां उपस्थितजन एक-दूसरे से विचार-विमर्श करते नजर आए।
बता दें कि काव्यांगन साहित्यिक मंच लगातार ऐसे मंच प्रदान कर रहा है, जहां नवोदित और स्थापित रचनाकार अपनी आवाज बुलंद कर सकें। यह संध्या हिंदी साहित्य प्रेमियों के लिए एक सुखद अनुभव साबित हुई!







